'टाइगर स्टेट' कहे जाने वाले मध्य प्रदेश के रायसेन जिले से एक दुखद खबर सामने आई है. जिले की ओबेदुल्लागंज तहसील के तहत आने वाली दाहोद फॉरेस्ट रेंज के कागवान इलाके में एक किसान के खेत में 6 से 7 साल की वयस्क बाघिन मृत पाई गई है. घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को अपने कब्जे में ले लिया.
शुरुआती जांच और साक्ष्यों के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि खेत में बिछाए गए बिजली के तार की चपेट में आने से (इलेक्ट्रिक शॉक) बाघिन की जान गई है.
इलाका सील, आवाजाही पर लगाई गई रोक
डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) हेमंत रायकवार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया, ''बाघिन का शव सोमवार शाम को जिला मुख्यालय से लगभग 90 किलोमीटर दूर कागवान इलाके में किसान के खेत से बरामद किया गया. शुरुआती जांच से संकेत मिलते हैं कि मौत बिजली का झटका लगने से हुई है. हालांकि, मौत के सटीक कारणों का आधिकारिक खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा.''
DFO ने आगे बताया कि घटना के संबंध में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए संबंधित क्षेत्र को पूरी तरह सील कर आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है. राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के तय मानकों और प्रोटोकॉल के तहत शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसका निस्तारण (अंतिम संस्कार) कर दिया गया है.
मध्य प्रदेश: देश का सबसे बड़ा 'टाइगर स्टेट'
गौरतलब है कि साल 2022 की राष्ट्रीय बाघ जनगणना के अनुसार, मध्य प्रदेश में बाघों की संख्या 785 दर्ज की गई थी, जो पूरे भारत में किसी भी राज्य में सबसे अधिक है. प्रदेश में वर्तमान में कुल 9 टाइगर रिजर्व हैं. हालांकि, आए दिन खेतों में फसलों की सुरक्षा के लिए बिछाए गए अवैध बिजली के तारों की वजह से वन्यजीवों की जान जाने के मामले चिंता का विषय बने हुए हैं.
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