ग्वालियर की सड़कों पर हाईकोर्ट सख्त, मिनी ट्रक में फाइलें लेकर पहुंचा नगर निगम; अब 129 सड़कों की होगी जमीनी जांच

सिर्फ टूटी सड़कों और गड्ढों तक मामला सीमित नहीं है. अब सवाल उन सड़कों का है, जिनके निर्माण और मरम्मत पर पिछले पांच साल में करोड़ों रुपये खर्च किए जाने का रिकॉर्ड सरकारी फाइलों में दर्ज है.

Advertisement
129 सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्यों का रिकॉर्ड तलब.(Photo:ITG) 129 सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्यों का रिकॉर्ड तलब.(Photo:ITG)

सर्वेश पुरोहित

  • ग्वालियर,
  • 15 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:08 PM IST

MP News: ग्वालियर की बदहाल सड़कों को लेकर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई ने नगर निगम के सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. अदालत के आदेश पर नगर निगम को पिछले पांच साल यानी 2021 से 2026 तक शहर में कराए गए सभी सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों का पूरा रिकॉर्ड पेश करना पड़ा.

हालात ये रहे कि नगर निगम का अमला मिनी ट्रक में भरकर फाइलें और दस्तावेज लेकर हाईकोर्ट पहुंचा. अदालत के समक्ष यह जानकारी रखी गई कि किन-किन इलाकों में सड़कें बनाई गईं, कहां मरम्मत हुई और इन कार्यों पर कितना खर्च किया गया.

Advertisement

सबसे अहम बात यह है कि हाईकोर्ट ने 129 सड़कों से जुड़े निर्माण और मरम्मत कार्यों का हिसाब मांगा है. अब मामला सिर्फ रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है, बल्कि इन सड़कों की जमीनी हकीकत भी जांच के दायरे में आ गई है.

अदालत के सामने अब सवाल सीधे हैं कि क्या जो सड़क रिकॉर्ड में बनी दिखाई गई है, वह वास्तव में मौके पर बनी भी है? जिस सड़क की मरम्मत पर पैसा खर्च दिखाया गया है, क्या उसकी हालत जमीन पर भी वैसी ही है? और सबसे बड़ा सवाल, क्या निर्माण कार्यों में तय क्वालिटी और तकनीकी मानकों का पालन हुआ?

इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने के लिए हाईकोर्ट ने जांच कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं. कमेटी में तीन वकील शामिल होंगे. जरूरत पड़ने पर तकनीकी विशेषज्ञों और संबंधित तकनीकी समिति के सदस्यों की मदद भी ली जाएगी.

Advertisement

यह टीम अलग-अलग सड़कों का मौके पर जाकर निरीक्षण करेगी और रिकॉर्ड में दर्ज काम का जमीन पर हुए काम से मिलान करेगी. यानी अब फैसला सिर्फ फाइलों से नहीं, बल्कि सड़क पर उतरकर होगा.

नगर निगम के लिए यह मामला इसलिए भी चुनौतीपूर्ण बन गया है क्योंकि अब पांच साल का पूरा हिसाब अदालत के सामने है. कितनी सड़कें बनीं? कितनी सड़कों की मरम्मत हुई? कहां काम हुआ? कितना पैसा खर्च हुआ? और सड़कें अब किस हालत में हैं? इन तमाम सवालों की पड़ताल अब जमीन पर होगी.

ग्वालियर की सड़कों को लेकर यह कार्रवाई इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि शहर में लंबे समय से टूटी सड़कों, गड्ढों और निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे हैं. कई बार सड़कों के धंसने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे नगर निगम लगातार सवालों के घेरे में रहा है.

वहीं, 13 अगस्त की सुनवाई से जुड़ी रिपोर्टिंग में हाईकोर्ट द्वारा नगर निगम को एक ऐसे अधिकारी की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाने की बात सामने आई थी, जिसे पहले सड़क धंसने की घटना के लिए जिम्मेदार माना गया था.

अब सबकी निगाहें हाईकोर्ट की जांच कमेटी पर हैं, क्योंकि अब ग्वालियर की सड़कों की सच्चाई फाइलों में नहीं, मौके पर सामने आएगी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »