ग्वालियर में बनेगा एशिया का पहला टेलीफोन मैन्युफैक्चरिंग जोन, अमित शाह करेंगे भूमि पूजन; पैदा होंगी 18000 नौकरियां

Gwalior TMZ Project: 29 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ग्वालियर में एशिया के पहले 'टेलीफोन मैन्युफैक्चरिंग जोन' का भूमि पूजन करेंगे. 5500 करोड़ रुपये के निवेश से बनेंगी 18 हजार नौकरियां. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

Advertisement
SADA की 170 एकड़ जमीन पर आकार लेगा नया इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम. (File Photo-PTI) SADA की 170 एकड़ जमीन पर आकार लेगा नया इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम. (File Photo-PTI)

aajtak.in

  • ग्वालियर ,
  • 06 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 9:56 PM IST

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 29 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एशिया के पहले टेलीफोन मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) के लिए भूमि पूजन समारोह में शामिल होंगे. श्रीमंत माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी (SADA) में प्रस्तावित इस TMZ में निवेश करने वाली 24 से ज्यादा ग्लोबल कंपनियां भी इस मौके पर अपने प्रोजेक्ट्स के लिए भूमि पूजन करेंगी.

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सितंबर में TMZ के लिए तय की गई जमीन का निरीक्षण किया था और कहा था कि अब तक 24 कंपनियों ने कुल 5500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव जमा किए हैं, जिनसे लगभग 18000 नौकरियां पैदा होंगी.

Advertisement

उन्होंने यह भी कहा कि ग्वालियर देश के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए एक बड़े हब के तौर पर उभरने के लिए तैयार है.

सिंधिया के ऑफिस के एक बयान के मुताबिक, गृह मंत्री शाह 29 अक्टूबर को इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के भूमि पूजन समारोह में शामिल होंगे.

इसमें कहा गया है कि यह प्रोजेक्ट न केवल ग्वालियर में बड़े पैमाने पर इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट को आकर्षित करेगा, बल्कि टेलीकॉम सेक्टर से जुड़ी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन और रोजगार के नए मौकों का एक पूरा इकोसिस्टम भी विकसित करेगा.

इसमें बताया गया है कि प्रोजेक्ट की प्रगति, जमीन, निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल जरूरतों पर लगातार काम किया जा रहा है.

इस प्रोजेक्ट का मकसद एक ऐसा पूरा इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम बनाना है जिसमें डिजाइन, रिसर्च और डेवलपमेंट, टेस्टिंग और इनोवेशन के साथ-साथ टेलीकॉम इक्विपमेंट और अलग-अलग कंपोनेंट्स की मैन्युफैक्चरिंग भी शामिल हो.

Advertisement

'प्लग-एंड-प्ले' मॉडल और 100% देगा केंद्र

TMZ को स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) की तरह ही एक खास 'प्लग-एंड-प्ले' मॉडल के तहत विकसित करने की योजना है.

इस मॉडल के तहत, कंपनियों को तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर, साझा सुविधाएँ और ज़रूरी इंडस्ट्रियल माहौल दिया जाएगा, जिससे वे कम समय में अपनी मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियाँ शुरू कर सकेंगी.

जुलाई 2026 में हुआ था MoU

जुलाई 2026 में TMZ की स्थापना के लिए केंद्रीय टेलीकम्युनिकेशन विभाग और मध्य प्रदेश सरकार के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे.

इसके बाद सिंधिया और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में इन्वेस्टर्स के लिए रोडशो आयोजित किए गए थे. केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट के पहले चरण के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 493 करोड़ रुपये की 100% वित्तीय सहायता दे रही है.

मध्य प्रदेश सरकार ने लगभग 170 एकड़ जमीन मुफ्त में उपलब्ध कराई है. इस प्रोजेक्ट को लागू करने के लिए बनाई गई स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) में मध्य प्रदेश सरकार की 51% और टेलीकम्युनिकेशन विभाग की 49% हिस्सेदारी होगी.

बयान में कहा गया है कि केंद्र और राज्य सरकारों के बीच यह साझेदारी प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने, इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और निवेशकों को जरूरी सुविधाएं देने में अहम भूमिका निभाएगी.

अक्टूबर में अमित शाह का दूसरा MP दौरा

Advertisement

अक्टूबर में मध्य प्रदेश का यह अमित शाह का दूसरा दौरा होगा. हाल ही में उन्होंने भोपाल में 'गौ-पालक सम्मेलन' में हिस्सा लिया था और 'भारतीय न्याय संहिता' पर एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया था. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »