जो बेटी डॉक्टर बनना चाहती थी, उसकी तस्वीरें अब छिपाकर रखते हैं पिता... अवंतिका के घर की कहानी

मध्य प्रदेश के खरगोन की रहने वाली 23 साल की अवंतिका ने NEET पेपर लीक के बाद जिंदगी खत्म कर ली थी. परिवार आज भी सदमे से उबर नहीं पाया है. मां जब भी तस्वीर देखती हैं, तो फफक पड़ती हैं, खाना-पीना छोड़ देती हैं. इसलिए पिता एलबम छिपा देते हैं. अवंतिका अपने पिता की तरह डॉक्टर बनना चाहती थी. पिता कहते हैं कि बेटी तो नहीं रही, जो बच्चे तैयार कर रहे हैं, वो हिम्मत न हारें.

Advertisement
पिता की तरह डॉक्टर बनना चाहती थी अवंतिका. (Photo: ITG) पिता की तरह डॉक्टर बनना चाहती थी अवंतिका. (Photo: ITG)

उमेश रेवलिया

  • खरगोन,
  • 26 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 3:33 PM IST

नीट पेपर लीक मामले के बाद मध्य प्रदेश के खरगोन में रहने वाली 23 साल की अवंतिका ने तीसरी मंजिल से कूदकर जान दे दी थी. कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब अवंतिका के पैरेंट्स का बयान सामने आया है. अवंतिका के डॉक्टर पिता का कहना है कि युवाओं का आंदोलन सही था. अब जो भी बच्चे तैयारी कर रहे हैं. वे हिम्मत न हारें.

Advertisement

अवंतिका के पिता ने कहा कि पेपर लीक से बेटी मायूस थी. खाना-पीना और बातचीत करना छोड़ दिया था. इस दौरान बेटी को याद कर अवंतिका की मां की आंखें भर आईं. परिवार एलबम में बेटी का बचपन देखता है तो फफक पड़ता है. अवंतिका के पिता डॉ. बंशी मौर्य का कहना है कि सरकार ने युवाओं के लिए और देश हित में जो फैसला लिया है, वो ठीक है.

उन्होंने कहा कि मेरी बेटी इंदौर में रहकर तैयारी कर रही थी. उसे 3 साल हो गए थे. बेटी का पेपर हो गया था. रिजल्ट नहीं आया था और उसके बाद पेपर लीक हो गया. इसकी वजह से वो तनाव में थी. उसने बोलना कम कर दिया था. खाना पीना भी कम कर दिया था. 

बड़ी बेटी के साथ रहती थी. उसने बताया कि उसे इस तरह तनाव के सिम्टम्स आ रहे हैं. इसी बीच बेटी ने तीसरी मंजिल से कूदकर जान दे दी थी. मेरी भी एमवाय में ड्यूटी चल रही थी. हम वहीं पर थे. उस दिन हम सो गए थे. अवंतिका के पिता ने कहा कि अब बच्चों के साथ इस तरह का खिलवाड़ न हो. न्याय तो ठीक है, लेकिन मैं आने वाले बच्चों के लिए यह कहना चाहूंगा, अच्छी तरह मेहनत करें, संघर्ष करते रहें. जीवन में कभी हिम्मत नहीं हारें. पॉजिटिविटी के साथ आगे बढ़ें.

Advertisement

यह भी पढ़ें: NEET paper leak: बिहार नीट पेपर लीक का मास्टरमाइंड रॉकी गिरफ्तार, CBI को मिली 10 दिन की रिमांड

दरअसल, 23 साल की अवंतिका इंदौर शहर की धाकड़ कॉलोनी में बड़ी बहन सपना के साथ रह रही थी. उसने नीट पेपर लीक होने के बाद यहां तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी थी. वह खरगोन की रहने वाली थी. अवंतिका के पिता डॉ. बंशी मौर्य भीकनगांव के रोड़िया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल ऑफिसर हैं. परिजनों का कहना है कि बेटी भी अपने पिता की तरह डॉक्टर बनना चाहती थी. उसने कई सारे सपने सजा रखे थे.

लेकिन इसी बीच नीट पेपर लीक की सूचना मिली. इसी के बाद से होनहार बेटी अवंतिका उदास रहने लगी. किसी से बातचीत नहीं करती, न कोई हंसी मजाक, सब बंद कर दिया था. खाना पीना तक छोड़ दिया था. हताश बेटी को पिता और मां ने समय-समय पर हिम्मत भी दी, लेकिन वह पेपर लीक के सदमे से उबर नहीं पाई.

घर पर छिपाई तस्वीरें, एलबम

23 साल की बेटी अवंतिका अब दुनिया में नहीं है. परिजनों के लिए यह बहुत बड़ा आघात है. मां बोंदरी बाई का रो-रोकर बुरा हाल है. अवंतिका के पिता डॉ. बंशी मौर्य का कहना है कि अवंतिका की मां अपनी बेटी की तस्वीर देखकर अक्सर रोने लग जाती हैं. इसलिए घर पर एलबम और तस्वीरें हमने छुपाकर रख दी हैं. उनके सामने आती हैं, तो रो-रोकर बुरा हाल हो जाता है और खाना पीना भी छोड़ देती हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »