मध्य प्रदेश के देवास जिले में 13 लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. अब इस मामले में पुलिस ने नकली शराब बनाने और सप्लाई करने वाले नेटवर्क का खुलासा किया है. पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी अजय राठौर ने AI की मदद से नकली शराब बनाने का तरीका सीखा. इसके बाद इंदौर के दवा बाजार से केमिकल मंगवाया और पुरानी बोतलों में केमिकल व पानी मिलाकर नकली शराब तैयार की.
इस मामले में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें से आठ आरोपियों को कोर्ट से तीन दिन की पुलिस रिमांड मिली है, जबकि दो आरोपियों को जेल भेज दिया गया है. हालांकि, गांवों में हुई मौतों की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है. पुलिस ने मृतकों के विसरा और शराब की बोतलों समेत दूसरे साक्ष्य फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे हैं.
पुलिस की जांच के मुताबिक, मुख्य आरोपी अजय राठौर ने AI की मदद से नकली शराब बनाने का तरीका खोजा. इसके बाद उसने इंदौर के दवा बाजार से केमिकल मंगवाया. आरोप है कि कबाड़ियों से खरीदी गई पुरानी शराब की बोतलों में केमिकल और पानी मिलाकर नकली शराब तैयार की गई.
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जांच में यह भी सामने आया कि नकली शराब को अलग से बेचने के बजाय लाइसेंसी शराब की दुकानों से जुड़ी सप्लाई में मिलाने की कोशिश की गई. असली शराब की पेटियों में नकली शराब की बोतलें मिलाकर गांवों तक पहुंचाई गईं.
2 से 7 अक्टूबर के बीच बनाई गई, 12 अक्टूबर तक बिक्री का आरोप
पुलिस की जांच के मुताबिक, 2 अक्टूबर से 6-7 अक्टूबर के बीच नकली शराब तैयार की गई. इसके बाद 7 से 12 अक्टूबर के बीच इसकी बिक्री किए जाने का आरोप है. पुलिस का दावा है कि इसी नेटवर्क के जरिए शराब की बोतलें गांवों तक पहुंचीं. मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.
पुलिस ने केमिकल सप्लाई करने से जुड़े इंदौर के दवा बाजार में स्थित एक गोदाम को भी सील किया है. यह गोदाम बाजार की चौथी मंजिल पर बताया गया है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि केमिकल कहां से खरीदा गया, उसे किसने सप्लाई किया और नकली शराब बनाने व बांटने में कौन-कौन शामिल था.
आठ आरोपी पुलिस रिमांड पर, दो जेल भेजे गए
मामले की जांच कर रही सिटी कोतवाली पुलिस को आठ आरोपियों का तीन दिन का पुलिस रिमांड मिला है. वहीं, दो आरोपियों को जेल भेज दिया गया है. पुलिस इन आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क के दूसरे सदस्यों और शराब की सप्लाई से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है. पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती भी है कि नकली शराब किन-किन दुकानों और गांवों तक पहुंची. साथ ही यह जांच भी जरूरी है कि क्या सभी संदिग्ध मौतों का संबंध इसी शराब से था.
चंदाना और बिंजाना गांवों में हुई मौतों की जांच के लिए उज्जैन संभागायुक्त ने एक समिति गठित की है. समिति ने गांवों में पहुंचकर मृतकों के परिजनों और प्रभावित लोगों के बयान दर्ज किए हैं. समिति को 15 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं.
पुलिस ने मृतकों के विसरा, शराब की बोतलों और अन्य साक्ष्यों को फॉरेंसिक साइंस लैब यानी FSL में जांच के लिए भेजा है. अधिकारियों के मुताबिक, मौतों की वास्तविक वजह जांच पूरी होने और FSL रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. फिलहाल पुलिस नकली शराब बनाने और सप्लाई करने के आरोप में गिरफ्तार लोगों से पूछताछ कर रही है. साथ ही फरार आरोपियों की तलाश भी जारी है.
शकील खान