छिंदवाड़ा दौरे पर पहुंचे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के सख्त तेवर देखने को मिले. 'मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान' में लोगों की शिकायतें सुनते हुए उन्होंने तीन अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया.
जन सुनवाई के दौरान ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. नरेश गुन्नाडे, स्थानीय तहसीलदार और पटवारी को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया.
CM यादव ने चौराई जनपद पंचायत के CEO और श्रम अधिकारी का एक-एक इंक्रीमेंट रोकने का भी आदेश दिया. इन अधिकारियों पर आरोप था कि उन्होंने मनवती वर्मा नाम की महिला को सरकारी योजना के तहत पिछले चार वर्षों से अंतिम संस्कार में मदद और आर्थिक सहायता नहीं दी, जबकि महिला ने CM हेल्पलाइन पर शिकायत भी की थी.
एक अन्य मामले में गोविंद नायक नाम के व्यक्ति के जमीन के रिकॉर्ड ठीक न करने पर चौराई के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) और पटवारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया.
भावना देहरिया नाम की एक महिला ने शिकायत की कि उन्हें प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत सब्सिडी नहीं मिली है. सीएम यादव ने अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करने और नियमों के अनुसार योजना का लाभ देने का निर्देश दिया.
इससे पहले, मुख्यमंत्री ने छिंदवाड़ा कलेक्टर ऑफिस में पब्लिक सर्विस सेंटर का निरीक्षण किया, उद्यमियों, जन प्रतिनिधियों और नागरिकों से बातचीत की और उनके साथ क्षेत्र के विकास, औद्योगिक संभावनाओं और प्रगति पर चर्चा की.
CM ने कहा कि हर शुक्रवार को जिले से लेकर तहसील स्तर तक 'जनता दरबार' या जन सुनवाई आयोजित की जाएगी और ऐसी बैठकों में सभी मंत्री, विधायक, कलेक्टर और कमिश्नर मौजूद रहेंगे. उन्होंने कहा कि ऐसे दिनों में कोई आधिकारिक बैठक नहीं होगी.
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश ऐसा अभियान शुरू करने वाला पहला राज्य है. उन्होंने प्राकृतिक खेती, पशुपालन और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अपनी सरकार की पहल, जैसे होमस्टे, का भी जिक्र किया, जिनसे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
कांग्रेस के दिग्गज नेता कमलनाथ के पूर्व लोकसभा क्षेत्र में CM मोहन यादव ने कहा कि अब 'मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान' के तहत जन प्रतिनिधि अपने क्षेत्रों में लोगों से बातचीत करेंगे.
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