भोपाल के सिद्धांता अस्पताल का लाइसेंस रद्द, जांच में एक्स-रे से फायर सेफ्टी तक मिलीं 19 खामियां

भोपाल के सिद्धांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नर्सिंग होम रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस निरस्त कर दिया है. सीएमएचओ की जांच में मरीजों की सुरक्षा और इलाज से जुड़ी 19 गंभीर कमियां सामने आईं. एक्स-रे, डायलिसिस, मरीजों के रिकॉर्ड, ब्लड सैंपल, ऑक्सीजन, पैथोलॉजी और फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं में खामियां मिलीं.

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सिद्धांता अस्पताल, जिसका लाइसेंस किया गया रद्द. (Photo: Screengrabs) सिद्धांता अस्पताल, जिसका लाइसेंस किया गया रद्द. (Photo: Screengrabs)

धर्मेंद्र साहू

  • भोपाल,
  • 02 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 2:19 PM IST

भोपाल में सिद्धांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. सीएमएचओ की जांच में अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा और इलाज से जुड़ी 19 गंभीर कमियां सामने आने के बाद अस्पताल का नर्सिंग होम रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है. कार्रवाई के बाद अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मच गया है. सीएमएचओ कार्यालय की ओर से पहले अस्पताल को नोटिस जारी किया गया था. नोटिस के बाद निरीक्षण के लिए टीम गठित की गई और सोमवार को सीएमएचओ की टीम ने अस्पताल पहुंचकर अलग-अलग व्यवस्थाओं की जांच की.

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जांच के दौरान मिली कई खामियां
जांच के दौरान कई ऐसी खामियां मिलीं, जिन्हें मरीजों की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना गया. निरीक्षण में एक्स-रे मशीन के रूम में खामियां, डायलिसिस मशीनों और मरीजों के रिकॉर्ड में गड़बड़ी सामने आई. इमरजेंसी में ब्लड सैंपल रखने की व्यवस्था भी निर्धारित मानकों के मुताबिक नहीं मिली. इसके अलावा ऑक्सीजन व्यवस्था और पैथोलॉजी से जुड़ी व्यवस्थाओं में भी कमियां पाई गईं.

फायर सेफ्टी और इमरजेंसी एग्जिट को लेकर भी सीएमएचओ की टीम ने सवाल उठाए. जांच में सामने आया कि मरीजों के आने-जाने के लिए अस्पताल में एक ही मुख्य गेट है, जबकि निर्धारित नियमों के मुताबिक आपात स्थिति में मरीजों के सुरक्षित आवागमन के लिए उचित व्यवस्था होना जरूरी है. टीम को आपातकाल की स्थिति में बाहर निकलने के लिए भी पर्याप्त वैकल्पिक रास्ता नहीं मिला. इसके अलावा एंडोस्कोपी रूम में जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की बात भी जांच में सामने आई. स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल की कई व्यवस्थाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया.

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रेडक्रॉस की जमीन बना है अस्पताल
लाइसेंस और नर्सिंग होम रजिस्ट्रेशन निरस्त होने के बाद अस्पताल नए मरीजों को भर्ती नहीं कर सकेगा. कार्रवाई के बाद अस्पताल का संचालन आगे किस तरह होगा, इसे लेकर भी स्थिति गंभीर हो गई है. इस पूरे मामले में एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि सिद्धांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल से जुड़ा मामला हाई कोर्ट में भी चल रहा है. अस्पताल रेड क्रॉस की जमीन पर बना हुआ है और जमीन को लेकर हुए समझौते की अवधि 4 जुलाई 2029 तक बताई गई है. 

अस्पताल प्रबंधन ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर अस्पताल बंद करने या संचालन रोकने की कार्रवाई की आशंका भी जताई थी. फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से साफ है कि अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा और निर्धारित मानकों के उल्लंघन को लेकर विभाग सख्त रुख अपना रहा है. आज तक के पास सीएमएचओ की टीम की जांच के दौरान का एक्सक्लूसिव वीडियो भी मौजूद है, जिसमें अस्पताल की व्यवस्थाओं की जांच की जा रही है.
 

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