MP News: राजधानी भोपाल के बंसल वन मॉल स्थित कई मशहूर रेस्टोरेंट और बार में नगर निगम की मजिस्ट्रेट कोर्ट ने बड़ी कार्रवाई की है. खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने यहां पहुंचकर खाद्य सामग्री और किचन की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया. जांच के दौरान कई जगह गंभीर अनियमितताएं सामने आईं. कहीं एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक मिली तो कहीं फंगस लगा हुआ खाना किचन में रखा मिला.कार्रवाई के दौरान बंसल वन स्थित आइवरी रेस्टोरेंट और फ्लाइंग सॉसर समेत कई प्रतिष्ठानों की जांच की गई.
अधिकारियों को किचन में खाद्य सामग्री के रखरखाव में लापरवाही मिली. कुछ जगह खाने की सामग्री खराब स्थिति में मिली, जिस पर अधिकारियों ने मौके पर कार्रवाई की.
इसके अलावा फ्रीज में वेज और नॉनवेज खाद्य सामग्री को एक साथ रखे जाने की बात भी सामने आई. खाद्य पदार्थों को रखने के तरीके और साफ-सफाई को लेकर भी अधिकारियों ने आपत्ति जताई.
नगर निगम मजिस्ट्रेट तरुणेन्द्र प्रताप सिंह की मौजूदगी में हुई कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे. जांच में सामने आई अनियमितताओं के आधार पर संबंधित रेस्टोरेंट और बार संचालकों के खिलाफ जुर्माना लगाया गया. कई प्रतिष्ठानों पर 25 हजार रुपए तक का जुर्माना किया गया.
मजिस्ट्रेट कोर्ट की कार्रवाई से करीब एक लाख रुपए का राजस्व भी प्राप्त हुआ.अधिकारियों ने रेस्टोरेंट संचालकों को साफ निर्देश दिए कि ग्राहकों को परोसे जाने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाए. एक्सपायरी खाद्य सामग्री को तत्काल हटाने, वेज और नॉनवेज खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखने और किचन में साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए.
मजिस्ट्रेट तरुणेन्द्र प्रताप सिंह ने रेस्टोरेंट और बार संचालकों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि भविष्य में इस तरह की अनियमितता दोबारा सामने नहीं आनी चाहिए. यदि दोबारा एक्सपायरी या खराब खाद्य सामग्री मिली अथवा खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो केवल जुर्माने तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि संबंधित प्रतिष्ठान का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी. देखें VIDEO:-
नगर निगम और खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद बंसल वन स्थित रेस्टोरेंट और बार संचालकों में हड़कंप की स्थिति है. खाद्य अधिकारी पंकज श्रीवास्तव का कहना है कि शहर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर इस तरह की जांच आगे भी जारी रहेगी, ताकि लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा सके.
धर्मेंद्र साहू