मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके के दौरे के दौरान सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स जैसे दिखने वाले लोगों के एक समूह ने उनका विरोध किया. समूह ने उनसे पूछा कि क्या वह इलाके में संक्रामक बीमारियों के कारण कई आदिवासी बच्चों की मौत के मामले में राजनीति करने आए हैं.
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दिपके को इलाके में देर से पहुंचने के लिए माफी मांगते हुए सुना गया. दिपके शनिवार को आदिवासी बच्चों के परिवारों से मिलने और स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी जुटाने के लिए आदोरी, कोरका और बोंदारी गांव पहुंचे थे. इन बच्चों की कथित तौर पर संक्रामक बीमारियों के कारण मौत हुई थी.
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में इलाके में 30 से अधिक बच्चों की मौत के मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा था. हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए राज्य के स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बालाघाट कलेक्टर और अन्य को नोटिस जारी किए थे.
बड़े पैमाने पर गंदगी होने का आरोप
याचिका में आरोप लगाया गया था कि बच्चों को पर्याप्त इलाज नहीं मिल रहा है और करीब 400 बच्चों का इलाज 50 बेड की क्षमता वाले अस्पताल में किया जा रहा है. याचिकाकर्ता की ओर से तैयार की गई एक रिपोर्ट में इलाके में बड़े पैमाने पर गंदगी होने का आरोप लगाया गया था. रिपोर्ट में दावा किया गया था कि इन परिस्थितियों के कारण संक्रमण फैल रहा है और बच्चे लगातार बीमारियों से मर रहे हैं.
वायरल वीडियो में एक महिला 'इन्फ्लुएंसर' दिपके के कार से रवाना होने के दौरान उनके चेहरे के सामने माइक करती हुई दिखाई दी. उसने उनसे पूछा कि क्या वह 'लाशों पर राजनीति करने' आए हैं और इतनी देर से इलाके का दौरा क्यों कर रहे हैं. दिपके को यह कहते हुए सुना गया कि वह इलाके में देर से पहुंचने के लिए माफी मांगते हैं. महिला को यह कहते हुए भी सुना गया, 'यहां अच्छी सड़क बनाई गई है. क्या आपको दिखाई नहीं दे रही?'
स्थानीय लोगों ने उठाया सवाल
स्थिति बिगड़ने के बाद CJP कार्यकर्ताओं ने दिपके को दूसरी कार में बैठाया और वहां से ले गए. CJP संस्थापक के वहां से चले जाने के दौरान महिला को यह कहते हुए सुना गया, 'भाग गया, भाग गया.' स्थानीय पत्रकारों ने कहा कि दूरदराज के गांव में बाहर से आए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के इस समूह को देखकर वे हैरान थे. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी ने CJP संस्थापक के दौरे को बाधित करने के लिए उन्हें भेजा था.
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