शादी को भारत में सबसे ज्यादा तवज्जो दी जाती रही है, हालांकि समय के साथ शादी को लेकर लोगों की पसंद, प्रोयोरिटी और एक्सपेक्टेशन टाइम के साथ बदलती जा रही हैं, जहां पहले माता-पिता घर-परिवार देखकर शादी करते थे. एक समय था जब लड़की प्राइवेट और सरकारी नौकरी देखकर शादी की जाती थी. मगर आज के दौर में खासतौर पर स्मार्ट सिटीज में शादी को फाइनेंशियल स्टेटस को शादी के लिए सबसे जरूरी माना जाने लगा है. एक लेटेस्ट सर्वे में चौंकाने वाली बात सामने आई है कि भारत के टेक प्रोफेशनल्स के बीच शादी के लिए पुरुष की कमाई को लेकर एक खास रकम की चर्चा हो रही है.
सर्वे में बड़ी संख्या में लोगों ने माना कि शादी के लिए तैयार माने जाने वाले पुरुष की सालाना कमाई कम से कम 25 लाख रुपये होनी चाहिए. इसका मतलब है कि अगर लड़का साल में 25 लाख रुपये कमा रहा है तो वो शादी के लिए परफेक्ट है. सोशल मीडिया पर इस सर्वे के रिपोर्ट की खूब सुर्खियां बटोर रहा है और लोग इस जमकर चर्चा भी हो रही है.
कब और कितने लोगों पर किया गया सर्वे
यह सर्वे 4 से 11 अगस्त के बीच भारत में काम करने वाले 1,473 प्रोफेशनल्स के बीच किया गया. इनमें करीब 78 प्रतिशत ऐसे लोग थे, जो ग्लोबल टेक कंपनियों में काम करते हैं. इसलिए इन आंकड़ों को भारत की पूरी आबादी की राय के तौर पर नहीं देखा जा सकता.
55% लोगों ने माना सही
ब्लाइंड के सर्वे के मुताबिक, भारत में सर्वे में शामिल कुल 55 प्रतिशत लोगों का मानना है कि किसी पुरुष की पूरे साल की कमाई 25 लाख रुपये या उससे ज्यादा होनी चाहिए, तभी उसे शादी के लिए फाइनेंशियली रेडी माना जाएगा. अनमैरिड लोगों में यह आंकड़ा और ज्यादा रहा. करीब 69 प्रतिशत अनमैरिड लोगों ने 25 लाख रुपये सालाना इनकम को सबसे कम माना. वहीं, शादीशुदा लोगों में 48 प्रतिशत ने इस कमाई को शादी के लिए जरूरी माना. इतना ही नहीं, करीब 29 प्रतिशत ऐसे लोग भी थे, जिन्होंने शादी के लिए 50 लाख की कमाई को सही माना.
महिलाओं और पुरुषों की राय में कितना फर्क
इस मामले में महिलाएं और पुरुषों की राय में ज्यादा फर्क नजर नहीं आया, सर्वे के मुताबिक, 67 प्रतिशत महिलाओं और 59 प्रतिशत पुरुषों ने माना कि शादी के लिए पुरुष की कमाई 25 लाख रुपये सालाना या उससे ज्यादा होनी चाहिए.
50 लाख रुपये की कमाई कितने लोगों की है?
ब्लाइंड के मुताबिक, इनकम टैक्स रिटर्न के आंकड़ों के आधार पर भारत में 50 लाख रुपये सालाना कमाने वाले टैक्सपेयर्स की संख्या महज 1 प्रतिशत से थोड़ी ज्यादा है. ऐसे में लोगों की उम्मीद और असल में इतनी कमाई करने वाले लोगों की संख्या में बहुत बड़ा अंतर है.
सबसे इंटरेस्टिंग बात तो यह है कि शादीशुदा प्रोफेशनल्स इस तरह की कमाई को शादी की जरूरी शर्त मानने में अनमैरिड लोगों की तुलना में कम सख्त नजर आए. इस सर्वे से यह बात भी साफ होती है कि शादी से पहले फाइनेंशियल एक्सपेक्टेशन ज्यादा होती है, लेकिन शादी के बाद लोगों की राय में थोड़ा फर्क आ जाता है.
सैलरी नहीं, प्रोपर्टी और खर्च भी हैं अहम
इस सर्वे में लोगों से शादी से जुड़े आर्थिक लेन-देन पर भी सवाल किए गए. लोगों से पूछा गया कि क्या उनकी शादी या उनके किसी अपने की शादी में लड़की के फैमिली की तरफ से पैसे, जूलरी, गाड़ी, प्रॉपर्टी या शादी का खर्च जैसी चीजें दी गई थीं. आपको जानकर हैरानी होगी कि इस सवाल के जवाब में करीब 51 प्रतिशत लोगों ने हां कहा जिसमें लगभग 20 प्रतिशत ऐसे लोग थे, जिन्होंने बताया कि शादी में 25 लाख रुपये या उससे ज्यादा पैसे या प्रोपर्टी देने की बात कही. 10 प्रतिशत ऐसे भी लोग थे, जिन्होंने 1 करोड़ रुपये देने की बात बताई.
दहेज को लेकर क्या बोले?
दहेज को लेकर महिलाओं और पुरुषों के जवाब में फर्क दिखा, जैसे 67 प्रतिशत लड़कियों ने दहेज देने की बात बोली. तो 50 प्रतिशत लड़कों ने इस सवाल के जवाब में हां कहा. हालांकि इस सवाल के जवाब में इसलिए भी फर्क हो सकता है, क्योंकि भारत में दहेज लेना-देना मना है. लेकिन लोग इसे दूसरी तरीके से भी देखते हैं, जैसे शादी में होने वाले खर्च या गिफ्ट की तरह देखा जाता है. बता दें कि भारत में दहेज लेना-देना दहेज निषेध अधिनियम, 1961 के तहत गैरकानूनी माना जाता है.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क