दूध और पनीर हमारी रोजाना की डाइट का अहम हिस्सा हैं. नाश्ते से लेकर खाना बनाने तक इनका इस्तेमाल लगभग हर घर में होता है. ज्यादातर लोग इन्हें खरीदते समय अक्सर सिर्फ एक्सपायरी डेट, पैकेट की सील और कीमत पर ध्यान देते हैं. लेकिन क्या आपने कभी इस बात पर ध्यान दिया है कि दूध या पनीर का पैकेट नॉर्मल से ज्यादा फूला हुआ नजर आ रहा है. कई बार लोग इसे देखकर भी इग्नोर कर देते हैं और एक्सपायरी डेट देखकर प्रोडक्ट को इस्तेमाल कर लेते हैं.
लेकिन क्या आप जानते हैं कि पैकेट का असामान्य रूप से फूलना खराब होने या स्टोरेज से जुड़ी किसी समस्या का संकेत हो सकता है. खासकर पनीर जैसे ताजे डेयरी प्रोडक्ट को लेकर ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है. वहीं, हर फूला हुआ पैकेट खराब हो, यह भी जरूरी नहीं है, क्योंकि पैकेजिंग में बदलाव की वजह से भी उसका आकार अलग नजर आ सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि दूध या पनीर का पैकेट फूलने की क्या वजह हो सकती है और ऐसी स्थिति में आपको क्या करना चाहिए.
पनीर जैसे ताजे डेयरी प्रोडक्ट में नमी ज्यादा होती है और ये जल्दी खराब भी हो सकते हैं. अगर इन्हें सही टेंपरेचर पर स्टोर न किया जाए या ट्रांसपोर्टेशन के दौरान कोल्ड चेन टूट जाए तो कुछ बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं. इनकी गतिविधि से गैस बन सकती है जो पैकेट के अंदर फंसकर उसे फुला देती है.
हालांकि, हर फूला हुआ पैकेट खराब या मिलावटी हो, ऐसा जरूरी नहीं है. कभी-कभी पैकेजिंग में बदलाव या स्टोरेज की स्थिति के कारण भी पैकेट अलग नजर आ सकता है.
अमूल के दूध के पैकेट का मामला क्यों चर्चा में आया?
हाल ही में अमूल के लैक्टोज-फ्री मिल्क को लेकर भी एक ऐसा मामला सामने आया था. एक कंटेंट क्रिएटर ने कुछ पैकेट को पहले खरीदे गए पैकेट की तुलना में थोड़ा फूला हुआ और अलग दिखने की बात कही थी. उन्होंने पैकेजिंग, कैप और बैच डिटेल्स को लेकर भी सवाल उठाए थे.
इसके बाद अमूल ने उनसे कॉन्टैक्ट कर बताया कि कंपनी पैकेजिंग में बदलाव कर रही है और इस दौरान पुराने और नए दोनों तरह के पैकेट इस्तेमाल किए जा रहे हैं. नए पैकेट का आकार और उसकी चमक अलग होने की वजह से वह थोड़ा ज्यादा फूला हुआ नजर आ सकता है. यानी सिर्फ पैकेट का अलग दिखना हमेशा नकली या खराब प्रोडक्ट होने का सबूत नहीं है.
पनीर के मामले में रखें ज्यादा सावधानी
पनीर के मामले में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है. अगर पैकेट एक्सपायरी डेट से पहले ही नॉर्मल से ज्यादा फूल हुआ है तो उसे इस्तेमाल न करें. ऐसा जरूरी नहीं है कि एक्सपायरी डेट बाकी होने का मतलब प्रोडक्ट हर हालत में सेफ है. स्टोरेज या ट्रांसपोर्टेशन के दौरान टेंपरेचर सही न रहने पर प्रोडक्ट पहले भी खराब हो सकता है.
फूड सेफ्टी से जुड़ी गाइडलाइंस भी पैकेजिंग के फूले हुए या खराब होने पर ऐसे प्रोडक्ट को खरीदने से बचने की सलाह देती हैं.
अगर दूध या पनीर का पैकेट नॉर्मल से ज्यादा फूला हुआ, लीक या डैमेज नजर आए तो उसे खाने की गलती न करें. पैकेट को खोलकर सिर्फ सूंघकर या थोड़ा चखकर जांचने की कोशिश भी न करें. केवल पकाने से भी खराब प्रोडक्ट सेफ हो जाएगा, यह जरूरी नहीं है. इसके बजाय पैकेट की एक्सपायरी डेट, बैच नंबर और स्टोरेज इंस्ट्रक्शन चेक करें. आप पैकेट की फोटो लेकर इसे दुकानदार को वापस कर सकते हैं या कंपनी में शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
अगर पनीर खोलने के बाद उसमें अजीब गंध, चिपचिपापन, पीला पड़ना या रंग-रूप में बदलाव नजर आए तो उसे बिल्कुल इस्तेमाल न करें.
सीधी बात यह है कि दूध या पनीर का पैकेट अगर आपको फूला हुआ दिख रहा है तो सिर्फ एक्सपायरी डेट देखकर उसे इस्तेमाल करना सही नहीं है. डेयरी प्रोडक्ट के मामले में थोड़ी सावधानी बरतना आपकी सेहत के लिए जरूरी है.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क