Popular Waterfalls in India: अक्टूबर में जरूर देखें भारत के ये 5 खूबसूरत झरने, कहीं दूध जैसी सफेद धार तो कहीं ऊंचाई से गिरता पानी

भारत में कई ऐसे खूबसूरत झरने हैं, जहां ऊंचे पहाड़ों से गिरता पानी और चारों तरफ फैली हरियाली मन मोह लेती है. गोवा के दूधसागर से मेघालय के नोहकलिकाई तक, जानिए भारत के 5 शानदार झरनों के बारे में, जहां घूमने का अनुभव आपकी ट्रैवल लिस्ट को खास बना सकता है.

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अक्टूबर में वॉटरफॉल की खूबसूरती बढ़ जाती है. (PHOTO:AI) अक्टूबर में वॉटरफॉल की खूबसूरती बढ़ जाती है. (PHOTO:AI)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 12 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 6:26 PM IST

Popular Waterfalls in India: झरने को करीब से देखने का अनुभव ही कुछ अलग होता है. शांत पहाड़ों और जंगलों के बीच अचानक ऊंचाई से गिरता पानी, चारों तरफ उड़ती फुहार और पानी की तेज आवाज पूरे माहौल को बदल देती है. भारत में ऐसे कई खूबसूरत झरने हैं, जो इस मौसम में अपनी पूरी रफ्तार और खूबसूरती के साथ नजर आते हैं. कुछ झरनों तक पहुंचने के लिए जंगल और पहाड़ियों के बीच ट्रेक करना पड़ता है, तो कुछ सड़क के रास्ते आसानी से देखे जा सकते हैं.

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अगर आपको घूमने के साथ प्रकृति को करीब से महसूस करना पसंद है, तो ये 5 झरने आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होने चाहिए.

दूधसागर फॉल्स, गोवा

गोवा और कर्नाटक की सीमा के पास स्थित दूधसागर फॉल्स अपनी शानदार खूबसूरती के लिए जाना जाता है. इसका नाम दूधसागर इसलिए पड़ा क्योंकि तेज रफ्तार से नीचे गिरता पानी दूर से दूध की धार जैसा दिखाई देता है. दूधसागर चार स्तरों में गिरने वाला झरना है और इसकी कुल ऊंचाई करीब 1,017 फीट बताई जाती है. यह भगवन महावीर वन्यजीव अभयारण्य के अंदर स्थित है. यहां पहुंचने के लिए कुलेम से जीप सफारी एक पॉपुलर ऑप्शन है. यहां घूमने का सही समय मानसून और मानसून के बाद, जब पानी का बहाव अच्छा रहता है.

नोहकलिकाई फॉल्स, मेघालय

मेघालय के सोहरा यानी चेरापूंजी के पास स्थित नोहकलिकाई फॉल्स अपनी ऊंचाई और आसपास के शानदार पहाड़ी नजारों के लिए मशहूर है. यह भारत के सबसे ऊंचे प्लंज वॉटरफॉल्स में से एक है और करीब 340 मीटर की ऊंचाई से नीचे गिरता है. घूमने का सही समय अक्टूबर से दिसंबर अच्छा समय माना जाता है, जबकि मानसून में झरने का रूप बेहद शानदार हो जाता है.

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जोग फॉल्स, कर्नाटक

कर्नाटक की पॉपुलर टूरिस्ट स्पॉट में से एक जोग फॉल्स भी है. दूसरे कई झरनों की तरह यहां पानी कई छोटी सीढ़ियों से नीचे नहीं गिरता, बल्कि ऊंची चट्टान से सीधे नीचे आता है. जोग फॉल्स चार धाराओं- राजा, रानी, रोरर और रॉकेट में गिरता है. यहां पहुंचने के बाद कुछ देर झरने को देखते रह जाना स्वाभाविक है, क्योंकि इसका पूरा नजारा काफी शानदार लगता है. घूमने का सही समय अगस्त से दिसंबर के बीच का माना जाता है. 

अथिराप्पिल्ली फॉल्स, केरल

केरल का सबसे बड़ा झरना अथिराप्पिल्ली फॉल्स माना जाता है. चालाकुडी नदी करीब 80 फीट की ऊंचाई से चट्टानी सतह पर गिरती है और चारों तरफ घने जंगलों के बीच खूबसूरत नजारा बनाती है. अथिराप्पिल्ली के पास ही वाझाचल फॉल्स भी है, इसलिए एक ट्रिप में दोनों जगहों को देखा जा सकता है. घूमने का सही समय जून से सितंबर के बीच माना जाता है, हालांकि आप अक्टूबर में भी यहां घूम सकते हैं.  

होगेनक्कल फॉल्स, तमिलनाडु

कावेरी नदी पर बना होगेनक्कल फॉल्स अपने तेज बहाव और चट्टानी प्राकृतिक नजारों के लिए जाना जाता है. यहां करीब 20 मीटर की ऊंचाई से पानी नीचे गिरता है. पानी जब चट्टानों से टकराता है तो आसपास उठती फुहार की वजह से इसका नजारा बेहद अलग दिखाई देता है. यहां पारंपरिक गोल नाव यानी कोरकल या परिसल की सवारी भी काफी फेमस है. घूमने का सही समय अक्टूबर से जनवरी के बीच होता है.

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