Gulab Ghewar Recipe: सावन, तीज और रक्षाबंधन के त्यौहारों पर पारंपरिक मिठाइयों का अपना ही एक अलग मज़ा होता है. अब तक आपने मलाई घेवर या प्लेन रबड़ी घेवर तो खूब खाया होगा, लेकिन इस बार अपने त्यौहार की मिठास में एक शाही और खुशबूदार ट्विस्ट जोड़ें. राजस्थान की राजधानी जयपुर का प्रसिद्ध शाही गुलाब घेवर दिखने में जितना आकर्षक और गुलाबी लगता है, खाने में उतना ही लाजवाब और रसीला होता है.
गुलाब की पत्तियों, रोज सिरप और केसरिया मलाई के अनोखे कॉम्बिनेशन से तैयार यह घेवर बाहर से एकदम जालीदार-कुरकुरा और अंदर से मलाईदार होता है. आइए जानते हैं इसे बिना किसी सांचे के घर पर ही बनाने की आसान विधि और जाली बनाने का हलवाई सीक्रेट.
सामग्री (Ingredients)
घेवर बैटर के लिए:
मैदा - 1.5 कप (लगभग 200 ग्राम)
जमा हुआ देसी घी - 4 बड़े चम्मच (ठंडा)
बर्फ के टुकड़े - 4 से 5
ठंडा दूध - 1/4 कप
रोज सिरप - 2 बड़े चम्मच (गुलाबी रंगत और महक के लिए)
एकदम चिल्ड (बर्फ जैसा ठंडा) पानी - 3 से 4 कप
बेसन - 1 बड़ा चम्मच (क्रंच के लिए)
नींबू का रस - 1 छोटा चम्मच
रोज चाशनी (Rose Syrup) के लिए:
चीनी - 1.5 कप
पानी - 1 कप
रोज वाटर या केवड़ा जल - 1 छोटा चम्मच
सूखी या ताजी गुलाब की पंखुड़ियां - 2 बड़े चम्मच
गुलाबी फ्रूट कलर - 1 चुटकी (ऐच्छिक)
टॉपिंग और गार्निशिंग के लिए:
गाढ़ी मलाईदार रबड़ी - 1 कप
बारीक कटे पिस्ता और बादाम - 2 बड़े चम्मच
चांदी का वर्क और ताजी गुलाब की पंखुड़ियां - गार्निश के लिए
बनाने का तरीका (Step-by-Step Method)
एक बर्तन में 1.5 कप चीनी और 1 कप पानी मिलाकर 5-7 मिनट तक उबालें और 1 तार की चाशनी तैयार करें. इसमें 1 छोटा चम्मच रोज वाटर, 1 चुटकी गुलाबी रंग और गुलाब की पंखुड़ियां डालकर गैस बंद कर दें. चाशनी को हल्का गुनगुना रहने दें.
मिक्सी के जार में 4 चम्मच जमा हुआ देसी घी और 4-5 बर्फ के टुकड़े डालकर 1-2 मिनट चलाएं जब तक कि घी सफेद मक्खन जैसा न हो जाए. अब इसमें ठंडा दूध और 2 चम्मच रोज सिरप डालकर फिर से फेंटें.
अब थोड़ा-थोड़ा करके मैदा और बर्फ जैसा ठंडा पानी डालते हुए मिक्सी में फेंटते जाएं. इसमें 1 चम्मच बेसन और 1 चम्मच नींबू का रस भी मिला दें. बैटर बिल्कुल पतला (छाछ जैसा) और एकदम ठंडा होना चाहिए.
एक गहरे और छोटे पतीले/भगोने में आधा पतीला भरकर तेल या देसी घी तेज आंच पर गरम करें.
उबलते हुए गरम तेल के ठीक बीचों-बीच बहुत पतली धार बनाकर 1-1 बड़ा चम्मच ठंडा बैटर ऊंचाई से गिराएं. बैटर डालते ही झाग उठेगा. झाग शांत होने पर बेलन या सिलाई की मदद से बीच में छेद बनाएं और फिर 1 चम्मच बैटर डालें. यह प्रक्रिया 10-12 बार दोहराएं.
जब घेवर के किनारे हल्के सुनहरे और गुलाबी दिखने लगें, तो लकड़ी की मदद से हल्का सा दबाकर ऊपर से सेक लें. क्रिस्पी होने पर बेलन के सहारे सावधानी से निकालें और जालीदार स्टैंड पर रखें ताकि एक्स्ट्रा तेल निकल जाए.
तैयार घेवर के ऊपर चम्मच से गुनगुनी रोज चाशनी डालें. इसके बाद ऊपर से मलाईदार रबड़ी की परत फैलाएं.
ऊपर से बारीक कटे पिस्ता, चांदी का वर्क और ताजी गुलाब की पंखुड़ियां सजाएं. तैयार है आपका जयपुर स्टाइल 'शाही गुलाब घेवर'! इसे सर्व करें और त्यौहार की खुशियों को दोगुना करें.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क