Sawan Somvar Vrat: व्रत-उपवास के दिनों में अक्सर हमें समझ नहीं आता कि चाय के साथ क्या खाया जाए और बाजार में मिलने वाली तली-भुनी नमकीन सेहत के लिए नुकसानदायक भी हो सकती है. ऐसे में अगर आपके पास घर के बने साबूदाना के पापड़ रखे हों तो व्रत का मजा दोगुना हो जाता है. साबूदाना के पापड़ खाने में जितने स्वादिष्ट और हल्के होते हैं, उन्हें बनाना उतना ही आसान होता है. सबसे अच्छी बात यह है कि एक बार सही तरीके से बनाकर इन्हें सुखा लिया जाए तो ये साल भर तक बिल्कुल फ्रेश रहते हैं और नमी पाकर भी खराब नहीं होते. आइए जानते हैं इन्हें बनाने का सबसे आसान तरीका.
साबूदाना पापड़ बनाने की सामग्री
साबूदाना: 1 कप (रातभर या 4-5 घंटे पानी में भिगोया हुआ)
पानी: 4 से 5 कप (साबूदाना पकाने के लिए)
सेंधा नमक : स्वादानुसार
जीरा या अजवाइन: 1 छोटा चम्मच
बारीक कटी हरी मिर्च या चिल्ली फ्लेक्स: 1 चम्मच (व्रत में तीखा पसंद हो तो)
बारीक कटा हरा धनिया: थोड़ा सा
प्लास्टिक शीट या पॉलिथीन: पापड़ फैलाने के लिए
बनाने की विधि
सबसे पहले साबूदाना को अच्छी तरह धोकर पर्याप्त पानी में 4-5 घंटे के लिए भिगो दें ताकि यह फूलकर दोगुना हो जाए.
अब एक भारी तले के बर्तन में 4-5 कप पानी गर्म करें. जब पानी में उबाल आने लगे, तो इसमें भीगा हुआ साबूदाना डाल दें.
इसे लगातार चलाते हुए मध्यम आंच पर तब तक पकाएं जब तक साबूदाना पूरी तरह पारदर्शी न हो जाए और मिश्रण गाढ़ा न हो जाए.
जब साबूदाना अच्छी तरह पक जाए, तब गैस बंद कर दें और इसमें सेंधा नमक, जीरा, हरी मिर्च और हरा धनिया डालकर अच्छी तरह मिला लें.
मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें. ध्यान रहे कि बहुत ज्यादा ठंडा न करें वरना वो जमने लगेगा.
धूप वाली जगह पर एक साफ प्लास्टिक शीट या पॉलिथीन बिछा लें.
अब एक चम्मच या कलछी की मदद से थोड़ा-थोड़ा मिश्रण लें और प्लास्टिक शीट पर गोल-गोल फैलाते जाएं. पापड़ को बहुत ज्यादा पतला न करें, सूखने के बाद वे और पतले हो जाते हैं.
सुखाने की प्रक्रिया:
इन पापड़ों को तेज धूप में 2 से 3 दिन के लिए अच्छी तरह सूखने दें. जब पापड़ नीचे से छोड़ने लगें, तो उन्हें पलटकर दूसरी तरफ से भी सुखा लें.
जब पापड़ पूरी तरह सूखकर कड़क हो जाएं, तो इन्हें किसी एयरटाइट डिब्बे में भरकर रख लें. ये साल भर तक बिल्कुल सुरक्षित और फ्रेश रहेंगे. जब भी मन करे, गर्म तेल में तलकर या भूनकर इनका आनंद लें.
खास टिप्स
पानी की मात्रा: साबूदाना उबालते समय पानी की मात्रा का खास ध्यान रखें, अगर पानी कम होगा तो पापड़ सूखने के बाद बीच से फट सकते हैं.
भंडारण का तरीका: बरसात के मौसम में पापड़ों में सीलन आ सकती है, इसलिए इन्हें स्टोर करते समय डिब्बे में थोड़ा सा सूती कपड़े में बांधकर नमक या हींग रख सकते हैं ताकि नमी न आए.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क