दिवाली का पावन त्योहार आने वाला है और हर घर में भगवान श्री लक्ष्मी-गणेश, बाल गोपाल और अन्य देवी-देवताओं के स्वागत के लिए तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. इस दिन लोग अपने पूजा घर को सजाने के साथ-साथ भगवान के लिए बाजार से महंगी-महंगी पोशाकें खरीदकर लाते हैं.
लेकिन क्या आप जानती हैं कि अपने हाथों से भक्ति भाव के साथ बनाई गई पोशाक पहनना और पहनाना भगवान को अति प्रिय होता है. बिना ज्यादा पैसे खर्च किए और बिना सिलाई मशीन के भी आप घर पर रखी पुरानी गोटा-पट्टी साड़ियों, सिल्क के कपड़ों और रंग-बिरंगी लेस की मदद से मिनटों में बेहद सुंदर वस्त्र बना सकती हैं. आइए जानते हैं इसे बनाने की सबसे आसान और अचूक विधि!
सामग्री:
सिल्क, ब्रोकेड या नेट का फैब्रिक (चमकदार और शुभ रंग जैसे लाल, पीला या हरा)
गोटा-पट्टी, फैंसी लेस और कुंदन या सितारे
बुकरमया मोटा बुना हुआ पेपर (बेस बनाने के लिए)
फैब्रिक ग्लू या सिलिकॉन गन (अगर सिलाई मशीन न हो)
कैंची, इंच टेप और सुई-धागा
बनाने का तरीका
सबसे पहले भगवान की मूर्ति या लड्डू गोपाल के हिसाब से इंच टेप से नाप लें. बुकरम पर गोल या चकोर शेप बनाकर कटिंग करें और उसके बीच में गर्दन के लिए छोटा सा कट लगा लें.
अब बुकरम के साइज से थोड़ा सा बड़ा सिल्क या नेट का कपड़ा काटें. इसे फैब्रिक ग्लू या सुई-धागे की मदद से बुकरम के ऊपर अच्छी तरह चिपका दें ताकि नीचे का बेस छिप जाए.
पोशाक के घेरे पर अपनी पसंद की गोल्डन गोटा-पट्टी या फैंसी लेस लगाएं. आप चाहें तो दो-तीन तरह की अलग-अलग लेस मिलाकर बहु-स्तरीय डिजाइन भी बना सकती हैं.
एक पतली पट्टी (लगभग 1 से 2 इंच चौड़ी) लें. इसे दोनों तरफ से मोड़कर लेस लगाएं और वी-शेप में मोड़कर घेरे के साथ सिलाई कर दें या फिर सुई-धागे या ग्लू से जोड़ दें.
अब पोशाक के ऊपर छोटे-छोटे कुंदन, शीशे या नाग-नगीने चिपकाएं. तैयार है आपकी घर पर बनी बेहद खूबसूरत, दिव्य और रंग-बिरंगी भगवान की पोशाक!
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क