सर्दियों के मौसम में रोज-रोज वही सादी दाल या बोरिंग सब्जियां खाकर अगर आप ऊब चुके हैं तो ताजी मूली से बनी चटपटी मूली की भुजिया आपके खाने का स्वाद तुरंत बढ़ा सकती है. अक्सर लोग मूली के पत्तों को बेकार समझकर फेंक देते हैं, लेकिन असली स्वाद और भरपूर पोषण मूली के साथ उसके ताजे पत्तों में ही छिपा होता है.
कई बार लोगों की शिकायत होती है कि मूली की भुजिया बनाते समय पानी छोड़ देती है जिससे वह सौगी हो जाती है और उसमें मूली का कसैलापन बनी रहती है. अगर आप मूली को कद्दूकस करके उसका हल्का पानी निचोड़ लें और बारीक कटे प्याज, ज्यादा सारे लहसुन व अजवाइन के तड़के के साथ भूनें, तो यह भुजिया एकदम खिली-खिली, चटाकेदार और टेस्टी बनती है. आइए जानते हैं इसे बनाने का सबसे आसान और परफेक्ट तरीका!
सामग्री:
2 मध्यम आकार की ताजी मूली (कद्दूकस की हुई)
1 कप मूली के ताजे व मुलायम पत्ते (बिल्कुल बारीक कटे हुए)
1 बड़ा प्याज (बारीक कटा हुआ)
1 बड़ा चम्मच बारीक कटा लहसुन (स्वाद और खुशबू के लिए)
1 छोटा चम्मच कद्दूकस किया अदरक
2 हरी मिर्च (बारीक कटी हुई)
2 बड़े चम्मच सरसों का तेल (या देसी घी)
1/2 छोटा चम्मच अजवाइन (पाचन के लिए सबसे जरूरी सीक्रेट इंग्रीडिएंट)
1/4 छोटा चम्मच हिंग
1/2 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
1 छोटा चम्मच धनियां पाउडर
1/2 छोटा चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर
1/2 छोटा चम्मच अमचूर पाउडर (चटपटे स्वाद के लिए)
स्वादानुसार नमक
बनाने की विधि:
मूली को छीलकर कद्दूकस कर लें और उसके मुलायम हरे पत्तों को 2-3 बार पानी से अच्छी तरह धोकर बारीक काट लें.
कद्दूकस की हुई मूली और कटे पत्तों पर आधा चम्मच नमक मिलाकर 5 मिनट के लिए रख दें. 5 मिनट बाद हाथों से कसकर निचोड़ते हुए उसका अतिरिक्त पानी निकाल दें. इस पानी को फेंके नहीं, इससे आप पराठे का आटा गूंध सकते हैं. इस स्टेप से भुजिया एकदम सूखी, खिली-खिली और बिना कड़वाहट की बनेगी.
एक कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें. तेल से धुआं निकलने पर आंच मध्यम करें और उसमें अजवाइन व हिंग डालें. जब अजवाइन चटकने लगे, तब बारीक कटा लहसुन, अदरक और हरी मिर्च डालकर 1 मिनट तक सुनहरा होने तक भूनें.
अब बारीक कटा प्याज डालें और उसे हल्का गुलाबी और सॉफ्ट होने तक भूनें.
आंच धीमी करें और हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर व कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर डालकर मसालों को 30 सेकंड तक तेल में भून लें.
अब कड़ाही में निचोड़ी हुई मूली और पत्ते डालें. स्वादानुसार नमक (ध्यान रखें कि नमक पहले भी डाला था) मिलाएं.
मूली की भुजिया को बिना ढके मध्यम-तेज आंच पर 6 से 8 मिनट तक लगातार चलाते हुए भूनें. कड़ाही को ढकने से भाप का पानी अंदर गिरता है और भुजिया पिलपिली हो जाती है. जब मूली हल्की सुनहरी और क्रिस्पी दिखने लगे, तो समझें भुजिया तैयार है.
गैस बंद करने से ठीक पहले अमचूर पाउडर मिलाएं और अच्छी तरह मिक्स कर लें.
तैयार है आपकी लहसुनी और चटपटी मूली की भुजिया. इसे गरमा-गरम फुल्के, सादे पराठे या दाल-चावल के साथ साइड डिश के रूप में सर्व करें.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क