पूजा का प्रसाद बनाना हो, कोई त्योहार हो, बच्चे का जन्मदिन हो या फिर मीठे खाने का मन करे, मीठे में जब भी कुछ बनाना हो तो सबसे पहले सूजी के हलवे का ही ख्याल हर किसी के मन में आता है. सूजी का हलवा हर घर में पसंद किया जाता है. लेकिन ज्यादातर लोगों को अक्सर शिकायत रहती है कि घर पर बना हलवा या तो चिपचिपा हो जाता है या ठंडा होने के बाद एकदम सख्त.
खासतौर पर हर कोई चाहता है कि हलवा का स्वाद भंडारे और मंदिरों में मिलने वाले हलवे जैसा हो. अगर आप भी भंडारा स्टाइल हलवा खाना चाहते हैं तो आपको हलवाई की ट्रिक अपनानी होगी. हलवाई सूजी, घी और पानी का एक सटीक अनुपात इस्तेमाल करते हैं. यहां हम आपको भंडारे वाले हलवे की रेसिपी बता रहे हैं जिसे छोटे से बड़े हलवाई फॉलो करते हैं.
आवश्यक सामग्री
सूजी (रवा): 1 कप (थोड़ी मोटी सूजी हो तो हलवा ज्यादा दानेदार बनता है)
शुद्ध देसी घी: 1 कप
चीनी: 1 कप (अगर कम मीठा पसंद हो तो 3/4 कप कर सकते हैं)
पानी: 3 कप
दूध: 2 बड़े चम्मच (केसर भिगोने के लिए)
केसर के धागे: 10-12 (वैकल्पिक, बेहतरीन रंग के लिए)
हरी इलायची पाउडर: 1 छोटा चम्मच
ड्राई फ्रूट्स: 2 बड़े चम्मच (काजू, बादाम, पिस्ता और किशमिश)
हलवे को परफेक्ट बनाने के लिए 1:1:1:3 का नियम याद रखें. यानी जितनी सूजी, उतना ही घी, उतनी ही चीनी और उसका तीन गुना पानी.
बनाने का तरीका
एक सॉसपैन में 3 कप पानी और 1 कप चीनी डालें. इसमें इलायची पाउडर और केसर वाला दूध मिला दें. हमें इसकी कोई तार वाली चाशनी नहीं बनानी है, बस चीनी के पानी में घुलने और एक उबाल आने तक ही पकाना है. गैस बंद करके इसे एक तरफ रख दें.
कड़ाही में 1 कप घी डालें और उसे हल्का गरम करें. अब इसमें कटे हुए काजू और बादाम डालकर धीमी आंच पर सुनहरे होने तक भूनें, आखिरी में किशमिश डालें. इन्हें निकालकर अलग रख लें.
बचे हुए गरम घी में 1 कप सूजी डालें. आंच को बिल्कुल धीमा रखें. सूजी को लगातार चलाते हुए तब तक भूनें जब तक कि इसका रंग हल्का सुनहरा न हो जाए और घी अलग न दिखने लगे. धीमी आंच पर भूनने से सूजी का हर एक दाना अच्छी तरह फूलता है और हलवा चिपचिपा नहीं बनता.
जब सूजी अच्छी तरह भून जाए, तो आंच को धीमा ही रखें और तैयार किया हुआ गर्म चीनी का पानी धीरे-धीरे कड़ाही में डालें. पानी डालते समय सूजी को लगातार चलाते रहें ताकि इसमें कोई गुठली न बने. ध्यान रहे, इस समय भाप तेजी से उठती है, इसलिए सावधानी बरतें.
पानी डालते ही सूजी तेजी से पानी सोखने लगेगी. जब हलवा थोड़ा गाढ़ा होने लगे, तो भुने हुए ड्राई फ्रूट्स इसमें मिला दें. अब कड़ाही को ढक दें और बिल्कुल धीमी आंच पर 2 से 3 मिनट के लिए पकने दें. ढककर पकाने से सूजी का दाना-दाना खिल उठता है.
हलवे को एक बार अच्छी तरह चलाएं. जब हलवा कड़ाही के किनारे छोड़ने लगे और ऊपर हल्का घी दिखने लगे, तो समझें हलवा तैयार है. गैस बंद कर दें. गरमा-गरम, रसीला और दानेदार सूजी का हलवा परोसने के लिए तैयार है.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क