जेन जी को अक्सर शॉपिंग, नए गैजेट्स और घूमने-फिरने का शौकीन माना जाता है. सोशल मीडिया पर नए फैशन ट्रेंड्स से लेकर महंगे कैफे और ब्रांडेड कपड़ों तक, युवाओं की लाइफस्टाइल हमेशा चर्चा में रहती है. लेकिन पैसे खर्च करने को लेकर जेन जी की सोच में बदलाव देखने को मिल रहा है. अब युवा सिर्फ अपनी पसंद की चीजें खरीदने के बजाय सेविंग्स, इन्वेस्टमेंट और फाइनेंशियल प्लानिंग को भी अहमियत दे रहे हैं.
क्या कहती है रिपोर्ट?
EVI और RBI इनोवेशन हब की 2025 की रिपोर्ट 'डीकोडिंग जेन जी इन इंडिया' के मुताबिक, भारत के 81% जेन जी किसी न किसी तरह की फाइनेंशियल प्लानिंग और स्पेंडिंग मैनेजमेंट करते हैं. वहीं, 33% जेन जी अपना बजट बनाते हैं और उसी के हिसाब से पैसे खर्च करने की कोशिश करते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, 62% युवा सेविंग्स और इन्वेस्टमेंट को प्राथमिकता देते हैं. ये सर्वे 1,046 जेन जी युवाओं पर किया गया था.
इन चीजों पर खर्च करती है जेन जी अपना पैसा
रिपोर्ट के मुताबिक, जेन जी के खर्च करने के तरीके में जरूरतों और पसंद दोनों की जगह है. करीब 59% युवा घर के जरूरी सामान, रेंट और ट्रांसपोर्ट पर पैसा खर्च करते हैं. वहीं, 57% युवाओं का खर्च कपड़ों और गैजेट्स की शॉपिंग पर होता है. इससे पता चलता है कि फैशन और टेक्नोलॉजी आज भी उनकी लाइफस्टाइल का अहम हिस्सा हैं, लेकिन वे इन खर्चों को अपनी दूसरी जरूरतों के साथ मैनेज करना चाहते हैं.
इसके अलावा, 44% युवा ट्रैवल और हॉलीडे पर खर्च करते हैं, जबकि 39% सोशलाइजिंग और एंटरटेनमेंट को अपने खर्च का हिस्सा मानते हैं. यानी जेन जी सिर्फ फ्यूचर के लिए पैसे बचाने में नहीं, बल्कि दोस्तों के साथ वक्त बिताने, घूमने और नए एक्सपीरियंस हासिल करने में भी दिलचस्पी रखती है.
किस तरह के खर्चों को लेकर सतर्क है जेन जी?
रिपोर्ट के आंकड़ों से ये समझा जा सकता है कि युवा अब अपने खर्चों को लेकर ज्यादा जागरूक हो रहे हैं. वे अपनी कमाई का एक हिस्सा सेविंग्स और इन्वेस्टमेंट के लिए रखना चाहते हैं. ऐसे में बिना प्लानिंग के महंगी शॉपिंग करना, जरूरत न होने पर नए गैजेट खरीदना या सिर्फ ट्रेंड फॉलो करने के लिए पैसे खर्च करना उनके बजट को प्रभावित कर सकता है.
यह भी पढ़ें: "अब परफेक्ट फोटोज का नहीं रहा क्रेज, Gen Z को क्यों पसंद आ रहे हैं फोटो डंप?
हालांकि, रिपोर्ट में यह सीधे तौर पर नहीं बताया गया है कि जेन जी किन चीजों पर पैसा खर्च करने से बचती है. लेकिन फाइनेंशियल प्लानिंग और सेविंग्स को मिल रही प्राथमिकता बताती है कि युवा खरीदारी से पहले अपने बजट और जरूरतों पर भी ध्यान दे रहे हैं.
क्या बदल रही है जेन जी की स्पेंडिंग हैबिट्स?
रिपोर्ट के मुताबिक, 15% युवा बिना किसी प्लानिंग के पैसे खर्च करते हैं, जबकि 4% कोई बजट नहीं बनाते. वहीं, करीब दो-तिहाई युवाओं को अपना बजट बनाए रखने में परेशानी होती है. इससे साफ है कि फाइनेंशियल प्लानिंग को लेकर जागरूकता बढ़ने के बावजूद युवाओं के सामने खर्चों को कंट्रोल करने की चुनौती भी है.
जेन जी के लिए अब सिर्फ पैसा कमाना ही जरूरी नहीं है, बल्कि उसे सही जगह खर्च करना और फ्यूचर के लिए बचाना भी अहम होता जा रहा है. उनके लिए अच्छी लाइफस्टाइल का मतलब सिर्फ महंगी चीजें खरीदना नहीं, बल्कि अपनी जरूरतों और पसंद के बीच सही बैलेंस बनाना भी है.
aajtak.in