Gen Z Shopping: Gen Z का शॉपिंग स्टाइल, कुछ खरीदने से पहले ज़रूर करते हैं ऐसा!

जेन जी अब सिर्फ पसंद आने पर चीजें खरीदने के बजाय पहले अच्छी तरह रिसर्च करती है. प्रोडक्ट के रिव्यू पढ़ने से लेकर सोशल मीडिया पर उसके वीडियो देखने और अलग-अलग जगह कीमत चेक करने तक, खरीदारी से पहले कई चीजों की जांच की जाती है. यानी जेन जी का शॉपिंग फंडा है-पहले पूरी जानकारी, फिर खरीदारी.

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कुछ खरीदने से पहले जेन जी किन चीजों का रखती है ध्यान? कुछ खरीदने से पहले जेन जी किन चीजों का रखती है ध्यान?

सारा सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 08 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 5:00 PM IST

शॉपिंग एक ऐसा शौक है जो किसी एक जेनरेशन तक सीमित नहीं है. हर उम्र के व्यक्ति को अपनी पसंद के हिसाब से खरीदारी करना पसंद है. कोई ऑनलाइन शॉपिंग करता है तो कोई मॉल या बाजार जाकर सामान खरीदता है. फर्क सिर्फ इतना है कि हर जेनरेशन का खरीदारी का तरीका अलग हो सकता है. जेन जी भी सामान खरीदने से पहले अपने कुछ खास फंडे अपनाती है. कपड़े हों, गैजेट हों या कोई और सामान, खरीदारी से पहले इंटरनेट पर उसकी जानकारी जुटाना अब किसी भी कस्टमर का पहला मूव बन गया है.. गूगल  की एक रिपोर्ट बताती है कि जेन जी खरीदारी के मामले में काफी सोच-समझकर फैसला लेती है.

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खरीदने से पहले करते हैं सर्च

थिंक विद गूगल की जून 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में जेन जी इंटरनेट पर सिर्फ वक्त बिताने वाली पीढ़ी नहीं है, बल्कि वो जानकारी हासिल करने और अलग-अलग ऑप्शन्स को समझने के लिए सर्च का इस्तेमाल करती है. रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत के 79%  जेन जी रोजाना गूगल या यू ट्यूब का इस्तेमाल करते हैं. यानी कोई सामान पसंद आने के बाद उसे सीधे खरीदने के बजाय उसके बारे में ऑनलाइन जानकारी खोजना उनके शॉपिंग तरीके का हिस्सा है. 

यू ट्यूब से मिलता है शॉपिंग का भरोसा

जेन जी के लिए वीडियो भी खरीदारी के फैसले में अहम भूमिका निभाती हैं. गूगल की रिपोर्ट में कांटार के सर्वे का हवाला देते हुए बताया गया है कि भारत के 93%  जेन जी वियूर्स ने माना कि यू ट्यूब पर मिली जानकारी की वजह से उन्हें अपनी खरीदारी पर भरोसा महसूस हुआ.

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इसका मतलब साफ है कि किसी प्रोडक्ट को खरीदने से पहले उसका वीडियो देखना, उसके बारे में जानकारी लेना और उसे इस्तेमाल करने वाले लोगों को देखना जेन जी के लिए मददगार होता है. सिर्फ ऐड देखकर खरीदने के बजाय वे पहले ये समझना चाहते हैं कि चीज उनके काम की है या नहीं. 

भरोसा भी जरूरी है

जेन जी के लिए सिर्फ जानकारी काफी नहीं है, बल्कि जानकारी कहां से मिल रही है, ये भी मायने रखता है. थिंक विड गूगल की रिपोर्ट के मुताबिक, 93% भारतीय वियूर्स यानी दर्शकों का मानना है कि यू ट्यूब क्रिएटर्स का कंटेंट दूसरे प्लेटफॉर्म के कंटेंट की तुलना में ज्यादा ट्रस्ट वर्दी यानी भरोसेमंद  है.

यही वजह है कि किसी प्रोडक्ट का रिव्यू, इस्तेमाल करने का तरीका या क्रिएटर की राय भी जेन जी के खरीदारी के फैसले को प्रभावित कर सकती है. 

उदाहरण के लिए, Hyundai ने जेन जी को ध्यान में रखते हुए अपनी स्पोर्टी SUV के लॉन्च के लिए यू ट्यूब पर गेमिंग क्रिएटर्स के साथ कोलैबरेट किया. इस लॉन्च को प्रमोट करने वाले क्रिएटर्स के लाइवस्ट्रीम को 27 लाख व्यूज मिले और इवेंट में आने वाले लोगों की संख्या में 2.5 गुना बढ़ोतरी हुई.

जेन जी का शॉपिंग फंडा सिर्फ ‘पसंद आया और खरीद लिया’ वाला नहीं है. पहले सर्च, फिर जानकारी, उसके बाद वीडियो या रिव्यू और आखिर में खरीदारी का फैसला. यानी ये पीढ़ी खरीदने से पहले अपने सवालों के जवाब ढूंढना पसंद करती है.

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