त्योहारों का मौका हो सावन का पवित्र महीना हो या ईद का जश्न दूध में डूबी सेवईं और चाशनी या दूध के साथ परोसी जाने वाली सूतफेनी हर किसी का दिल जीत लेती हैं. बारीक धागे जैसी दिखने के कारण अक्सर लोग सूतफेनी या फेनी को ही सेवईं मान बैठते हैं या दोनों को एक ही व्यंजन समझ लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्वाद में बेहतरीन लगने वाली ये दोनों चीजें एक-दूसरे से काफी अलग हैं. इन्हें बनाने की विधि से लेकर इनमें इस्तेमाल होने वाले घी-तेल की मात्रा तक बहुत बड़ा अंतर होता है.
सेवईं और सूतफेनी में अंतर
सेवईं थोड़ी कड़क, सीधी या हल्की मुड़ी हुई मोटे धागे जैसी होती है. मुख्य रूप से गेहूं के आटे, सूजी या मैदे और पानी से बनती है.
सूतफेनी काफी मखमली, बेहद बारीक, रुई या रेशम के धागों के लच्छे जैसी होती है.
सेवईं को बनाने का तरीका
आटे को सख्त गूंथकर मशीन या सांचे से निकालकर सुखाया और भुना जाता है. इसमें बनाने के दौरान घी नहीं लगता. पकाते वक्त भुनाने में थोड़ा घी यूज़ होता है.
सूतफेनी को बनाने का तरीका
यह पूरी तरह घी/तेल में सराबोर यानी डीप फ्राई होकर तैयार होती है.
बनाने का तरीका
सेवईं को दूध में उबालकर मीठी खीर के रूप में या फिर नमकीन जवे की तरह पकाया जाता है.
वहीं, सूतफेनी पहले से ही पकी होती है. इसे बस गर्म दूध या चाशनी डालकर सीधे खाया जाता है.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क