Difference between sewai and sootfeni: सूतफेनी को सेवईं समझने की भूल तो नहीं कर रहे आप? चटकारे लेकर खाते हैं लेकिन नहीं जानते 90% लोग

Difference between sewai and sootfeni: सावन के मौके पर किराने से लेकर मिठाई की दुकानों पर सेवइयों और सूतफेनी के थाल सज जाते हैं. लेकिन ज्यादातर लोग सूतफेनी और सेवइं को एक ही समझते हैं. जबकि ये दोनों एक नहीं बल्कि अलग-अलग होती हैं.

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सेवईं और सूतफेनी में अंतर (Photo: ITG) सेवईं और सूतफेनी में अंतर (Photo: ITG)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 24 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:51 PM IST

त्योहारों का मौका हो सावन का पवित्र महीना हो या ईद का जश्न दूध में डूबी सेवईं और चाशनी या दूध के साथ परोसी जाने वाली सूतफेनी हर किसी का दिल जीत लेती हैं. बारीक धागे जैसी दिखने के कारण अक्सर लोग सूतफेनी या फेनी को ही सेवईं मान बैठते हैं या दोनों को एक ही व्यंजन समझ लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्वाद में बेहतरीन लगने वाली ये दोनों चीजें एक-दूसरे से काफी अलग हैं. इन्हें बनाने की विधि से लेकर इनमें इस्तेमाल होने वाले घी-तेल की मात्रा तक बहुत बड़ा अंतर होता है. 

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सेवईं और सूतफेनी में अंतर

सेवईं थोड़ी कड़क, सीधी या हल्की मुड़ी हुई मोटे धागे जैसी होती है. मुख्य रूप से गेहूं के आटे, सूजी या मैदे और पानी से बनती है.

सूतफेनी काफी मखमली, बेहद बारीक, रुई या रेशम के धागों के लच्छे जैसी होती है.

सेवईं को बनाने का तरीका 

आटे को सख्त गूंथकर मशीन या सांचे से निकालकर सुखाया और भुना जाता है. इसमें बनाने के दौरान घी नहीं लगता. पकाते वक्त भुनाने में थोड़ा घी यूज़ होता है. 

सूतफेनी को बनाने का तरीका 

यह पूरी तरह घी/तेल में सराबोर यानी डीप फ्राई होकर तैयार होती है. 

बनाने का तरीका

सेवईं को दूध में उबालकर मीठी खीर के रूप में या फिर नमकीन जवे की तरह पकाया जाता है.

वहीं, सूतफेनी पहले से ही पकी होती है. इसे बस गर्म दूध या चाशनी डालकर सीधे खाया जाता है.

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