Cucumber Side Effects: गर्मियों में खीरा में सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली सब्जियों में से एक है, क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में पानी होता है. खीरा खाने से कैलोरी कम होती है, इसलिए इसे हाइड्रेशन और हेल्दी डाइट का हिस्सा माना जाता है. खीरे के लोग कई तरीके से अपनी डाइट में शामिल करते हैं, कोई सलाद बनाकर खाता है तो कोई सब्जी तो नॉर्थ इंडिया में खीरे का रायता उमस भरे मौसम में साइड डिश के तौर पर लोग बड़े चाव से खाना पसंद करते हैं.
उत्तराखंड में तो खीरे का रायता खास स्टाइल में बनाया जाता है और लोग इसे छोले के साथ मिलाकर खाना पसंद करते हैं. मगर हर चीज के फायदे और नुकसान दोनों होते हैं, उसी तरह से ऐसा जरूरी नहीं है कि हर शख्स को खीरा खाने से फायदा ही हो. कुछ लोगों को इसे खाने के बाद पेट से जुड़ी परेशानी, एलर्जी या दूसरी हेल्थ समस्याएं हो सकती हैं. आइए जानते हैं किन लोगों को खीरा खाते समय सावधानी बरतनी चाहिए.
IBS और पेट फूलने की समस्या वाले लोग
खीरे में पानी और फाइबर की अच्छी मात्रा होती है, इसलिए कुछ संवेदनशील लोगों में यह गैस, पेट फूलने, ऐंठन या डकार की समस्या बढ़ा सकता है. खीरे में पाया जाने वाला कुकुर्बिटासिन नाम का नेचुरल कंपाउंड भी कुछ लोगों में पेट की परेशानी का कारण बन सकता है. अगर आपको पहले से IBS या बार-बार अपच की समस्या रहती है, तो खीरा सीमित मात्रा में खाएं.
एलर्जी वाले लोगों को रहना चाहिए सावधान
वैसे तो खीरे से एलर्जी काफी रेयर है, लेकिन कुछ लोगों में ओरल एलर्जी सिंड्रोम (पोलन-फूड सिंड्रोम) हो सकता है. खासकर पोलन ग्रेन्स, रैगवीड या कुछ फलों से एलर्जी वाले लोगों में खीरा खाने के बाद मुंह, होंठ या गले में खुजली और झनझनाहट हो सकती है. इतना ही नहीं अगर समस्या बढ़ जाए तो सूजन या सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है, ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं. इसलिए एलर्जी वाले लोगों को खीरा डॉक्टर की सलाह के बाद ही डाइट में शामिल करना चाहिए.
किडनी की बीमारी में ज्यादा खीरा न खाएं
क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) वाले लोगों को डॉक्टर सलाह देते हैं कि वो पोटैशियम की मात्रा कंट्रोल करें. हालांकि, खीरे में पोटैशियम की मात्रा बहुत ज्यादा नहीं होती, फिर भी किडनी की बीमारी वाले लोगों को रोजाना खीरा खाने से पहले अपनी डाइट डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह लेनी चाहिए.
ब्लड थिनर लेने वाले लोग
खीरे में विटामिन K पाया जाता है, जो खून के थक्के बनने के प्रोसेस में अहम रोल निभाता है. जो लोग वारफरिन जैसी एंटीकोएगुलेंट दवाएं लेते हैं, उनके लिए विटामिन K का सेवन अचानक बढ़ाना या घटाना सही नहीं माना जाता. ऐसे लोगों को खीरे की मात्रा में नियमितता बनाए रखनी चाहिए और डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए.
एसिड रिफ्लक्स या GERD से परेशान लोग
कुछ लोगों में खीरा खाने के बाद डकार, पेट में भारीपन या सीने में जलन बढ़ सकती है. अगर आपको खीरा खाने के बाद बार-बार एसिड रिफ्लक्स की समस्या होती है, तो इसकी मात्रा कम करके देखें और लक्षण लगातार बने रहने पर डॉक्टर से सलाह लें.
Disclaimer: खीरा ज्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित और पौष्टिक खाना है, लेकिन एलर्जी, IBS, GERD या किडनी से जुड़ी समस्या वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसका सेवन करना चाहिए. किसी बीमारी या दवा की स्थिति में डाइट में बड़ा बदलाव करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क