सर्दियां आने वाली हैं और इस मौसम में सिर में रूसी यानी डैंड्रफ होना एक आम समस्या है. हालांकि सिर्फ ठंड के दिनों में ही नहीं बल्कि कुछ लोग सालभर खुजली, सफेद पपड़ी और सिर पर होने वाली जलन से परेशान रहते हैं. ऐसे में लोग अलग-अलग एंटी-डैंड्रफ शैंपू का इस्तेमाल करते हैं. जब नॉर्मल शैंपू से आराम नहीं मिलता, तो कई बार स्किन एक्सपर्ट कोल टार शैंपू इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं.
कोल टार शैंपू एक मेडिकेटेड शैंपू है, जो रूसी के अलावा सिर की त्वचा पर होने वाली कुछ बीमारियों में भी मदद कर सकता है. कोल टार शैंपू का कलर और स्मेल नॉर्मल शैंपू से अलग होती है, कई बार लोग दूसरे को इस्तेमाल करता देख खुद भी कोल टार शैंपू यूज करने लगते हैं. मगर इस शैंपू का इस्तेमाल करने से पहले एक बार इसके फायदे, नुकसान के साथ-साथ सावधानियों के बारे में जरूर जान लेना चाहिए. सबसे जरूरी बात यह है कि हर किसी की स्किन अलग होती है, इसलिए एक प्रोड्कट सभी पर एक जैसा रिजल्ट नहीं देता है.
क्या होता है कोल टार शैंपू?
सबसे पहले तो यह जानना बहुत जरूरी है कि आखिर कोल टार शैंपू क्या होता है. तो जान लें कि यह कोयले के प्रसंस्करण से मिलने वाला एक पदार्थ है, जिसका इस्तेमाल लंबे समय से स्किन से जुड़ी कुछ समस्याओं के इलाज में किया जाता रहा है.
इससे बने शैंपू का इस्तेमाल डैंड्रफ, सेबोरिक डर्मेटाइटिस और स्कैल्प सोरायसिस जैसे हालात में किया जाता है. इन समस्याओं में सिर की त्वचा पर पपड़ी जमना, खुजली होना और त्वचा का लाल पड़ना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं.
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, द्वारका स्थित डर्माहील स्किन एंड क्लिनिक में एमबीबीएस, एमडी, कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. नवजोत अरोड़ा ने बताया कि कोल टार सिर की स्किन सेल्स के तेजी से बढ़ने के प्रोसेस को स्लो करने में मदद करता है. इससे पपड़ी जमने, खुजली और मोटी परत बनने की समस्या कम हो सकती है.
डैंड्रफ में कैसे काम करता है कोल टार शैंपू?
कोल टार शैंपू का मुख्य काम सिर की स्किन पर सेल्स के तेजी से बनने और जमा होने के प्रोसेस को कंट्रोल करना है, इसके साथ ही इसमें हल्के एंटी-इंफ्लेमेटरी और खुजली कम करने वाले गुण होते हैं. इसके इस्तेमाल से सिर पर होने वाली जलन और रेडनेस भी कम होती है.
ऐसे में यह शैंपू उन लोगों के लिए खासतौर पर फायदेमंद हो सकता है, जिन्हें लंबे टाइम से डैंड्रफ, सिर पर पपड़ी जमना की समस्या होती है. हालांकि हर तरह की रूसी में इसे यूज करने की जरूरत नहीं होती है.
कोल टार शैंपू इस्तेमाल करने के क्या हैं नुकसान?
हर चीज के फायदे होने के साथ-साथ नुकसान भी होते हैं. जो लोग निर्देशों के मुताबिक, इस्तेमाल करने पर ज्यादातर लोगों को कोई परेशानी नहीं होती है. लेकिन कुछ लोगों को इसके इस्तेमाल के बाद कुछ परेशानी हो सकती है. अगर शैंपू लगाने के बाद तेज जलन, सूजन, लालिमा या एलर्जी के लक्षण दिखाई दें, तो इसका इस्तेमाल रोककर डॉक्टर से सलाह लें.
सिर की त्वचा में रूखापन: कुछ लोगों को स्कैल्प पर सूखापन महसूस हो सकता है.
जलन और खुजली: सेंसिटिव स्किन वाले लोगों को अस्थायी जलन या परेशानी हो सकती है.
कलर और स्मेल: इसकी तेज स्मेल हो सकती है और यह बालों या कपड़ों पर दाग भी छोड़ सकता है.
क्या कोल टार शैंपू से त्वचा पतली हो जाती है?
कोल टार शैंपू को लेकर माना जाता है कि इससे स्किन पतली हो जाती है. डॉ. नवजोत के मुताबिक, यह एक मिथक है. कोल टार का मैन काम त्वचा की सेल्स के तेजी से बढ़ने के प्रोसेस को स्लो करना है, इसे स्टेरॉयड वाली दवाओं की तरह समझना सही नहीं होता है. मगर इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि कोई भी शख्स इसको बिना सावधानी के इस्तेमाल कर सकता है, जिन लोगों की स्किन सेंसिटिव होती है, वो इसका यूज करने ले पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
हफ्ते में कितनी बार इस्तेमाल करना चाहिए?
डॉ. अरोड़ा के मुताबिक, लंबे समय से डैंड्रफ या हल्के स्कैल्प सोरायसिस से परेशान कुछ लोग स्किन एक्सपर्ट की सलाह पर हफ्ते में दो से तीन बार कोल टार शैंपू इस्तेमाल कर सकते हैं. इसे पैक पर दिए निर्देशों के अनुसार इस्तेमाल करें. ज्यादा मात्रा में लगाने या बार-बार इस्तेमाल करने से बेहतर नतीजे मिलने की गारंटी नहीं होती.
डैंड्रफ से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
सिर की त्वचा को साफ रखें और ऐसे हेयर स्टाइलिंग प्रोडक्ट्स का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल न करें, जिनसे जलन बढ़ती हो. स्ट्रेस को कंट्रोल करना और अपनी स्किन के हिसाब से हेयर केयर रूटीन अपनाना चाहिए. डैंड्रफ ज्यादा होने पर स्किन एक्सपर्ट को दिखाएं.
Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारी पर आधारित है. हालांकि कोल टार शैंपू का इस्तेमाल अपनी समस्या और प्रोडक्ट के निर्देशों के अनुसार करें. लंबे समय से बनी हुई रूसी या स्कैल्प सोरायसिस के लिए डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क