सोशल मीडिया खोलते ही कभी किसी का नया आउटफिट दिखता है, तो कभी किसी सेलिब्रिटी का नया लुक. इंस्टाग्राम पर ‘वट आय वोर’ और ओओटीडी (OOTD यानी आउटफिट ऑफ द डे) पोस्ट के बीच ऐसा लग सकता है कि हर बार घर से निकलने के लिए नए कपड़े होना जरूरी है. पार्टी हो, कॉलेज का फंक्शन या दोस्तों के साथ आउटिंग, हर जगह कुछ नया पहनने का प्रेशर फील हो सकता है. लेकिन जेन जी के बीच अब एक अलग सोच भी जगह बना रही है. अपने फेवरेट कपड़ों को बार-बार पहनना और उसे लेकर शर्मिंदगी महसूस न करना.
हर बार नए कपड़े पहनना जरूरी है क्या?
सोशल मीडिया पर लोग अपनी लाइफ के खास पल और नए लुक शेयर करते हैं. ऐसे में कई बार दूसरों के आउटफिट देखकर लगता है कि हमारे पास भी हर मौके के लिए कुछ नया होना चाहिए. एक ही कपड़े में दोबारा तस्वीर डालने या दोस्तों के सामने वही आउटफिट पहनकर जाने में कुछ लोगों को झिझक भी होती है.
लेकिन सवाल ये है कि क्या किसी कपड़े को दोबारा पहनने से हमारा स्टाइल कम हो जाता है? बिल्कुल नहीं. कपड़े रिपीट करना इस बात का संकेत हो सकता है कि आप अपनी पसंद को लेकर खुश हैं और दूसरों की राय के आधार पर हर बार खरीदारी नहीं करना चाहते.
एक ही कपड़े से अलग-अलग लुक
आउटफिट रिपीट करने का मतलब ये नहीं कि हर बार एक जैसा दिखना पड़ेगा. एक ही जींस को कभी टी-शर्ट, तो कभी शर्ट के साथ पहना जा सकता है. किसी ड्रेस के साथ जैकेट, अलग जूते या एक्सेसरीज जोड़कर भी नया लुक बनाया जा सकता है.
इस तरह कपड़े दोहराना आपकी स्टाइलिंग की समझ को भी दिखाता है. जरूरी ये नहीं कि आपके पास कितने कपड़े हैं, बल्कि ये है कि आप उन्हें कैसे पहनते हैं.
कॉन्फिडेंस के साथ स्टाइल करना जरूरी
हर ट्रेंड को फॉलो करना और हर मौके पर नए कपड़े खरीदना जरूरी नहीं है. कपड़ों को दोबारा पहनना पैसे बचाने और बेवजह की खरीदारी कम करने का एक तरीका भी है. इससे कपड़ों की उम्र बढ़ती है और उन्हें जल्दी बेकार समझकर हटाने की जरूरत नहीं पड़ती.
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