रिलायंस कम्युनिकेशन के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पकड़े गए दो आरोपियों को दिल्ली की अलग-अलग अदालतों में पेश किया गया. यहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. रिलायंस कम्युनिकेशन के पूर्व सीनियर अधिकारी गौतम भाईलाल दोषी को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया.
उनकी ईडी कस्टडी खत्म होने में अभी एक दिन बाकी था, लेकिन जांच एजेंसी ने उन्हें पहले ही कोर्ट में पेश कर दिया और न्यायिक हिरासत भेजने की मांग की. ईडी की अपील पर राउज एवेन्यू कोर्ट ने गौतम दोषी को 1 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में दिया है. वहीं, इसी मामले में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के पूर्व सीनियर अधिकारी सतीश सेठ को भी द्वारका कोर्ट में पेश किया गया.
सतीश सेठ को द्वारका कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. सतीश की ईडी कस्टडी 19 जून को खत्म होने वाली थी. गौरतलब है कि सतीश सेठ रिलायंस ग्रुप के पूर्व अफसर और अनिल अंबानी के खास रहे हैं. ईडी ने उन्हें पहले मुंबई में गिरफ्तार किया था और फिर दिल्ली लाने के लिए कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड ली थी.
ईडी का आरोप है कि सतीश सेठ ने रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के सड़क बनाने वाले प्रोजेक्ट्स में जनता के पैसों की हेराफेरी और उसका गलत इस्तेमाल करने में बड़ी भूमिका निभाई थी. इस पूरे मामले की शुरुआत सीबीआई की कार्रवाई से हुई थी. सीबीआई ने इसी साल मार्च में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ हुए 114.98 करोड़ रुपये के लोन फ्रॉड के आरोप में रिलायंस ADAG ग्रुप के दो पूर्व अफसरों गौतम दोषी और सतीश सेठ के ठिकानों पर छापेमारी की थी.
दरअसल, एसबीआई उन 11 बैंकों के कंसोर्टियम का हिस्सा था, जिसने रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड को कुल 735 करोड़ रुपये का टर्म लोन दिया था. जब इस लोन में गड़बड़ी हुई, तो सीबीआई की शिकायत के बाद ईडी ने पैसों की मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की और इन दोनों अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया.
इस कार्रवाई के बाद रिलायंस ग्रुप के प्रवक्ता ने कहा था कि सतीश सेठ और गौतम दोषी का अब कंपनी से कोई संबंध नहीं है. उन्होंने बताया कि 70 साल के सतीश सेठ ने 2025 में ही ग्रुप छोड़ दिया था, जबकि 73 साल के गौतम दोषी 2020 में ही कंपनी से अलग हो गए थे.
संजय शर्मा