मर्डर केस में कोर्ट आया था, वहीं से भागने लगा... 10 साल बाद उसी फरारी की कोशिश में मिली 2 साल की सजा

कर्नाटक के पुत्तूर में एक आरोपी को कोर्ट से भागने की कोशिश के करीब 10 साल बाद दो साल की सजा सुनाई गई है. मामला 5 अप्रैल 2016 का है, जब उसे मंगलुरु जेल से पुत्तूर की कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था. सुनवाई के दौरान उसने हिरासत से भागने की कोशिश की थी. इस मामले में अलग से केस दर्ज हुआ और अब अदालत ने उसे दो साल की सजा सुनाई है.

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कोर्ट ने सुनाई दो साल के कारावास की सजा. (Photo: ITG) कोर्ट ने सुनाई दो साल के कारावास की सजा. (Photo: ITG)

सगाय राज

  • पुत्तूर,
  • 07 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 1:21 PM IST

कर्नाटक के पुत्तूर में एक व्यक्ति को कोर्ट से भागने की कोशिश करना 10 साल बाद भारी पड़ा. साल 2016 में वह एक हत्या के मामले में सुनवाई के लिए जेल से कोर्ट लाया गया था. इसी दौरान उसने हिरासत से भागने की कोशिश की. पुलिस ने इस घटना को लेकर अलग केस दर्ज किया. अब 10 साल बाद कोर्ट ने उसे दो साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है.

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यह पूरा मामला 5 अप्रैल 2016 का है. पुत्तूर के सिरी बागिलु इलाके में रहने वाला जयेश उर्फ जयेशकांत एस उर्फ शाहिर उर्फ शाकिर उस समय एक आपराधिक मामले में जेल में था. उसे सुनवाई के लिए मंगलुरु जेल से पुत्तूर की कोर्ट में लाया गया था. इसी दौरान उसने अचानक भागने की कोशिश की. इस घटना के बाद पुत्तूर टाउन पुलिस ने उसके खिलाफ अलग से केस दर्ज किया.

यह भी पढ़ें: UP में हत्याकांड के 49 साल बाद बरी हुए आरोपी, आधी सदी बीतने से ऐन पहले SC ने सुनाया फैसला

अब जिस घटना को हुए 10 साल बीत गए, उसका फैसला अब आया है. मामले की जांच तत्कालीन पुत्तूर टाउन पुलिस के सब-इंस्पेक्टर खदेर ने की थी. जांच के बाद उन्होंने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की. इसके बाद मामला अदालत में चला और गवाहों व दूसरे सबूतों के आधार पर सुनवाई आगे बढ़ी. 5 अक्टूबर 2026 को पुत्तूर के प्रिंसिपल सीनियर सिविल जज और एसीजेएम कोर्ट की जज प्रकृति कल्याणपुर ने इस मामले में फैसला सुनाया. 

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कोर्ट ने आरोपी को दो साल के कारावास की सजा दी. यह दो साल की सजा उस हत्या के मामले में नहीं है, जिसमें वह पहले से जेल में था. मौजूदा फैसला कोर्ट से हिरासत से भागने की कोशिश से जुड़े मामले में सुनाया गया है. इस केस में प्रॉसिक्यूशन की तरफ से सरकारी वकील मनोज कुमार ने पैरवी की और कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखा. जांच अधिकारी की तरफ से दाखिल चार्जशीट के बाद चली सुनवाई के करीब एक दशक बाद अब कोर्ट का फैसला सामने आया है.

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