कर्नाटक विधान परिषद (MLC) चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग के बाद बीजेपी में बवाल जारी है. इस पूरे मामले को लेकर दिल्ली से लेकर बेंगलुरु तक हलचल तेज हो गई है. ऐसे में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाया है.
नितिन नवीन ने कर्नाटक बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक को निर्देश जारी किया है. उन्होंने दोनों नेताओं को 25 जून 2026 तक इस पूरे मामले पर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है.
बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि पार्टी में किसी भी तरह के भीतरघात को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. नितिन नवीन ने राज्य इकाई को आदेश दिया है कि क्रॉस वोटिंग में शामिल सभी विधायकों के नाम तुरंत आलाकमान को भेजे जाएं.
बता दें कि प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने पहले ही चेतावनी दी थी कि क्रॉस वोटिंग करने वालों के लिए माफी की कोई गुंजाइश नहीं है, चाहे वो कितने भी सीनियर नेता क्यों न हो.
बीजेपी विधायकों को बतानी होगी क्रॉस वोटिंग की वजह
बीजेपी जल्द से जल्द उन चेहरों को सामने लाना चाहती है जिन्होंने चुनाव के दौरान पार्टी उम्मीदवारों के खिलाफ जाकर मतदान किया. राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौंपी जाने वाली इस विशेष रिपोर्ट में सिर्फ विधायकों के नाम ही शामिल नहीं होंगे. इसमें ये भी बताना होगा कि इन विधायकों ने आखिर क्रॉस वोटिंग क्यों की. पार्टी आलाकमान जानना चाहता है कि इसके पीछे क्या वजह थी.
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दोषी विधायकों पर तय है कड़ी कार्रवाई
बता दें कि कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में बीजेपी और जेडीएस के कुछ विधायकों ने पार्टी लाइन से अलग जाकर वोट किया था, जिससे एनडीए (NDA) गठबंधन को बड़ा झटका लगा. वहीं, कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का फायदा मिला और उसने जीत दर्ज की. 7 एमएलसी सीटों के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस को 5 सीटें मिलीं. जबकि बीजेपी 2 सीटों पर ही सिमटकर रह गई.
ऐश्वर्या पालीवाल