'जरूर भरें SIR फॉर्म, वरना कट सकता है वोटर लिस्ट से नाम...', सीएम DK शिवकुमार ने की जनता से अपील

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने लोगों से इन्यूमरेशन फॉर्म भरने की अपील की है. उन्होंने कहा कि वोटिंग का अधिकार बचाने के लिए सभी वोटरों को समय पर फॉर्म जमा करना जरूरी है, नहीं तो नाम वोटर लिस्ट से हट सकता है.

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फॉर्म न भरने पर सरकारी योजनाओं का लाभ रुक सकता है (FILE PHOTO: ITG) फॉर्म न भरने पर सरकारी योजनाओं का लाभ रुक सकता है (FILE PHOTO: ITG)

नागार्जुन

  • कर्नाटक ,
  • 30 जून 2026,
  • अपडेटेड 1:51 PM IST

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने राज्य के सभी वोटरों से अपील की है कि वे अपनी वोटिंग का अधिकार बचाने के लिए इन्यूमरेशन फॉर्म जरूर भरें. ये फॉर्म बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर बांटे जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि वोट देने का अधिकार जीवन के अधिकार जैसा है और इसे खोने पर सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में दिक्कत आ सकती है.

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मुख्यमंत्री ने बताया कि 30 जून से 29 जुलाई तक चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त किए गए बीएलओ हर घर का दौरा करेंगे और ये फॉर्म देंगे. उन्होंने स्पष्ट कहा, 'अगर आपको फॉर्म मिलता है लेकिन आप उसे जमा नहीं करते हैं, तो आप अपना वोटिंग अधिकार खो देंगे. फॉर्म को 30 दिनों के अन्दर जरूरी दस्तावेजों और अपनी नई फोटो के साथ भरकर जमा करना हर वोटर की जिम्मेदारी है. इसके बाद 5 अगस्त को वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट जारी किया जाएगा.'

मदद के लिए बनेंगे 49,320 सहायता केंद्र

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने जानकारी दी कि सरकार के पास पहले से ही 5.5 करोड़ लोगों को जाति प्रमाण पत्र जारी करने का आधिकारिक रिकॉर्ड है. इन प्रमाण पत्रों को ऑनलाइन डाउनलोड किया जा सकता है. इस रिकॉर्ड में 2,54,95,767 पिछड़े वर्ग के प्रमाण पत्र और 2,94,51,027 अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के प्रमाण पत्र शामिल हैं.

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साथ ही, लोगों की सुविधा के लिए हर ग्राम पंचायत और शहरी वार्ड स्तर पर सहायता केंद्र बनाए जाएंगे. पूरे राज्य में कुल 49,320 सहायता केंद्र खोले जाएंगे. जिन लोगों ने जाति प्रमाणपत्र बनवाते समय अपना सही मोबाइल नंबर दिया था, वे इसे व्हाट्सएप के जरिए भी डाउनलोड कर सकेंगे. इसके अलावा वोटर लिस्ट में नाम जांचने के लिए वोटर आईडी नंबर का इस्तेमाल किया जा सकता है.

पहचान की जांच के लिए 11 अलग-अलग तरह के दस्तावेजों को मंजूरी दी गई है. इनमें से किसी भी एक का इस्तेमाल किया जा सकता है.

  • जन्म प्रमाण पत्र 
  • पासपोर्ट 
  • जाति प्रमाण पत्र 
  • वन अधिकार प्रमाण पत्र
  • सरकारी आवास या प्लॉट आवंटन के कागज
  • केंद्र सरकार के पेंशन के दस्तावेज

नाम कटने पर बंद हो सकती हैं सरकारी सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने आगाह किया कि जो लोग अपना वोटिंग अधिकार खो देंगे, उन्हें भविष्य में सरकारी लाभ मिलने में परेशानी हो सकती है. उन्होंने उदाहरण दिया कि पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में केवल वोटरों को ही राशन और अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं.

कर्नाटक में भी फॉर्म न भरने वालों को गृह ज्योति और गृह लक्ष्मी जैसी गारंटी योजनाओं, पेंशन और अन्य सरकारी फायदों को पाने में दिक्कत आ सकती है. इसके साथ ही, जो लोग 18 साल के हो चुके हैं, वे चुनाव आयोग का फॉर्म 6 भरकर नया वोटर आईडी बनवा सकते हैं.

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