कर्नाटक में SIR प्रक्रिया के तहत फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है. जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, लगभग 1.08 करोड़ मतदाताओं का नाम फाइनल रोल से हटा दिया गया. ऐसा एन्यूमरेशन फॉर्म जमा न होने के कारण हुआ है, जो कुल वोटरों का करीब 19.48 प्रतिशत हिस्सा है.
वहीं, चुनाव आयोग की जांच और सुनवाई की प्रक्रिया के बाद 61,867 लोगों को फाइनल वोटर लिस्ट के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है. वहीं, कुल 4.46 करोड़ मतदाताओं को शामिल किया गया है.
वोटर लिस्ट को पूरी तरह से सटीक और पारदर्शी बनाने के मकसद से चुनाव आयोग ने बड़े पैमाने पर ASDD— अनुपस्थित, स्थायी रूप से स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान की है.
आंकड़ों के मुताबिक, लिस्ट में 65,45,679 मतदाताओं (11.81%) को स्थायी रूप से स्थानांतरित पाया गया. इसके अलावा, 19,00,926 मतदाता (3.43%) अपनी जगह पर अनुपस्थित मिले. 16,39,864 मतदाताओं (2.96%) का निधन हो चुका है, जिन्हें मृत के रूप में मार्क किया गया है. वहीं, 7,09,870 मतदाताओं (1.28%) के नाम पहले से ही कहीं और रजिस्टर्ड थे या वो डुप्लीकेट पाए गए.
सभी 43.82 लाख मामलों में हुई सुनवाई
प्रक्रिया को पारदर्शी रखने के लिए चुनाव अधिकारियों ने कुल 43,82,824 नोटिस जारी किए. ये सभी नोटिस मतदाताओं तक पहुंचाए गए और पूरे 43,82,824 मामलों में सुनवाई की गई.
सुनवाई की इस प्रक्रिया के बाद 43,20,957 मामलों को अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए सुरक्षित रखा गया है. इसके अलावा 4,02,53,151 दूसरे योग्य मतदाताओं को भी फाइनल रोल के लिए पार्क किया गया है. नोटिस और सुनवाई प्रक्रिया पूरी होने के बाद 61,867 मतदाताओं को अयोग्य पाया गया, जिन्हें फाइनल वोटर लिस्ट में जगह नहीं दी जाएगी.
कर्नाटक में मुख्य चुनाव आयुक्त ने दी दलील
कर्नाटक में मुख्य चुनाव आयुक्त अंबु कुमार ने फाइनल इलेक्टोरल रोल और वोटर एनरोलमेंट पर कहा, '16 जून, 2026 तक इलेक्टोरल रोल में लगभग 5.54 करोड़ वोटर्स में से, लगभग 1.08 करोड़ ड्राफ्ट रोल में शामिल नहीं थे. इसमें लगभग 18 लाख मरे हुए वोटर्स और लगभग 7 लाख डुप्लीकेट वोटर्स शामिल हैं. तो, लगभग 25 लाख वोटर्स या तो मरे हुए थे या डुप्लीकेट थे.'
उन्होंने आगे कहा, 'बाकी वोटर्स जो ड्राफ्ट रोल में शामिल नहीं थे, उनमें से हम पिछले ढाई महीनों में 8.19 लाख से ज्यादा वोटर्स को एनरोल कर पाए हैं. ये ड्राइव जारी रहेगी. मैं कर्नाटक के सभी एलिजिबल वोटर्स से अपील करता हूं जिनके नाम इलेक्टोरल रोल में नहीं हैं कि वो फॉर्म 6 का इस्तेमाल करके अप्लाई करें. वेरिफिकेशन के बाद, उनके नाम इलेक्टोरल रोल में जोड़ दिए जाएंगे.'
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फॉर्म 6 के जरिए जुड़ सकेंगे नाम
वोटर एनरोलमेंट कैंपेन पर अंबु कुमार ने बताया, 'हमने कई स्पेशल ड्राइव और कैंपेन चलाए हैं और खूब पब्लिसिटी की है. सभी पॉलिटिकल पार्टियों और उनके रिप्रेजेंटेटिव्स ने कोऑपरेट किया है. मेरी राय में, कर्नाटक में ऐसा कोई इलाका नहीं है जहां लोगों को इस मुद्दे के बारे में इन्फॉर्म नहीं किया गया हो. मेरा मानना है कि हर एलिजिबल वोटर Form 6 का इस्तेमाल करके अप्लाई करेगा.'
नागार्जुन