कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने PM मोदी से मांगी मदद, पत्र लिखकर सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की बैठक का समय मांगा

कर्नाटक में सूखे के हालात, गन्ना किसानों का आंदोलन और लंबित सिंचाई परियोजनाओं को लेकर मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर राज्य के कई अहम मुद्दों पर केंद्र से तत्काल मदद देने की अपील की है.

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कर्नाटक के सीएम ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी (Photo-ITG) कर्नाटक के सीएम ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी (Photo-ITG)

aajtak.in

  • बेंगलुरू,
  • 05 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 12:50 PM IST

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर राज्य से जुड़ी कई ज्वलंत समस्याओं के समाधान के लिए तत्काल केंद्रीय हस्तक्षेप की मांग की है. सीएम शिवकुमार ने राज्य में गहराते सूखा संकट, गन्ना किसानों के जारी आंदोलन, लंबित सिंचाई परियोजनाओं और बेंगलुरु के बुनियादी ढांचे के विकास पर केंद्र सरकार से मदद की गुहार लगाई है.

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मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि वे सूखा राहत कोष की किश्त जल्द जारी कराने में मदद करें. उन्होंने पत्र में बताया कि राज्य के 177 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया जा चुका है और यह संख्या जल्द ही 200 के पार पहुंचने की आशंका है.

कर्नाटक सरकार ने सूखे से प्रभावित किसानों और जनता की मदद के लिए केंद्र से ₹3,705.30 करोड़ की वित्तीय सहायता की औपचारिक मांग की है.

गन्ना किसानों और एथनॉल नीति पर जताई चिंता
गन्ना किसानों के संकट पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य (MSP) बढ़ाने, फेयर एंड रिमुनरेटिव प्राइस (FRP) की बेस रिकवरी दर को 9.5% पर बहाल करने और चीनी आधारित एथनॉल की कीमतों में संशोधन की मांग की.

इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार के 2026-27 खरीद टेंडर से गन्ने के रस और बी-हैवी मोलासेस से बने एथनॉल को बाहर करने के फैसले पर भी चिंता जताई. उन्होंने चेतावनी दी कि इससे चीनी मिलों की कमाई प्रभावित होगी और वे किसानों को समय पर भुगतान करने में असमर्थ होंगी.

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यह भी पढ़ें: कर्नाटक में तिरंगे के साथ सरकारी इमारतों पर फहरेगा कन्नड़ ध्वज! CM डीके शिवकुमार का ऐलान

डी.के. शिवकुमार ने राज्य की महत्वाकांक्षी पेयजल और सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से मंजूरी देने का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया. उन्होंने कहा कि यह परियोजना दक्षिण कर्नाटक की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जिससे सरप्लस पानी का संचयन किया जा सकेगा और तमिलनाडु के पानी के अधिकार पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा.

उन्होंने कलसा-बंदूरी, अपर भद्रा, अपर कृष्णा और एत्तिनाहोले जैसी दीर्घकालिक परियोजनाओं के लिए आवश्यक पर्यावरण व प्रशासनिक मंजूरियों में तेजी लाने का आग्रह किया.

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार जल शक्ति मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में है और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) तथा त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (AIBP) के तहत कई प्रस्ताव केंद्र की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं. साथ ही, सीएम शिवकुमार ने प्रधानमंत्री मोदी से एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाकात का समय देने का अनुरोध दोहराया है ताकि इन मुद्दों पर आमने-सामने चर्चा की जा सके.

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