कर्नाटक के बीदर जिले में पाकिस्तान स्थित एक प्रतिबंधित संगठन और अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क से कथित संपर्क के आरोप में 24 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी की पहचान भालकी तालुक के येनाकूर गांव निवासी विशाल कुमार मेट्रे के रूप में हुई है. बीदर पुलिस ने खुफिया जानकारी के आधार पर उसे गिरफ्तार किया.
भालकी ग्रामीण सर्किल के सर्किल इंस्पेक्टर हनमारेड्डेप्पा की शिकायत पर 2 अक्टूबर को खटक चिंचोली पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया. पुलिस ने UAPA की धारा 18, 20 और 39 के साथ BNS की धारा 61(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है.
FIR के मुताबिक, 2 अक्टूबर की सुबह करीब 3 बजे पुलिस को सूचना मिली कि विशाल WhatsApp और Instagram के जरिए प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के सदस्यों और अवैध हथियारों की तस्करी से जुड़े लोगों के संपर्क में है. पुलिस का कहना है कि इस मामले में दिसंबर 2025 से खुफिया जानकारी के आधार पर गुप्त कार्रवाई चल रही थी. इसके बाद पुलिस टीम सुबह करीब 3:30 बजे येनाकूर गांव पहुंची और विशाल को एक घर के पास पकड़ा. पूछताछ में उसने बताया कि वह BBA की पढ़ाई कर रहा था, लेकिन कोर्स पूरा नहीं हुआ. FIR के अनुसार, विशाल ने आतंकी संगठनों या हथियार तस्करी से किसी भी संबंध से इनकार किया. इसके बाद पुलिस ने उसका मोबाइल फोन जांच के लिए लिया.
पाकिस्तान स्थित लोगों से कथित संपर्क
FIR में दावा किया गया है कि मोबाइल, WhatsApp और Instagram की शुरुआती जांच में पाकिस्तान स्थित शाहजाद भट्टी, राणा हुसैन और नोमी खान से विशाल के कथित संपर्क मिले. FIR में शाहजाद भट्टी को पाकिस्तान में मौजूद आतंकी बताया गया है.
पुलिस के मुताबिक, विशाल ने इन लोगों से WhatsApp पर अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री को लेकर बातचीत की थी. FIR में कहा गया है कि राणा हुसैन ने उसे ‘Rahe Haq’ और ‘RANA BHAI 333’ नाम के WhatsApp चैनलों के लिंक भेजे थे. पुलिस के अनुसार, इन चैनलों पर भारत के खिलाफ और देश की एकता व संप्रभुता को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री मौजूद थी.
FIR में आशु शर्मा और राज भाई उर्फ लकी सिंह का नाम भी है. पुलिस इन सभी संपर्कों और कथित हथियार तस्करी नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि हथियारों या पैसों का कोई वास्तविक लेनदेन हुआ था या नहीं.
पिता को निशाना बनाने के आरोप की भी जांच
पुलिस विशाल के पिता को निशाना बनाने के लिए पिस्टल हासिल करने की कथित योजना की भी जांच कर रही है. आरोप को पारिवारिक संपत्ति विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि, विशाल के परिवार ने आतंकी संबंधों और हथियार तस्करी के आरोपों से इनकार किया है और इसे संपत्ति विवाद से जुड़ा मामला बताया है. परिवार के मुताबिक, विशाल के पिता ने दूसरी शादी की थी और संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था. रिश्तेदारों ने यह भी दावा किया कि पुलिस ने घर में हथियारों की तलाश की और विशाल व उसकी मां से पूछताछ की.
NIA को सौंपे जाने की जानकारी
गिरफ्तारी के बाद विशाल को आगे की कार्रवाई के लिए NIA अधिकारियों को सौंपे जाने की जानकारी है. पुलिस ने Crime No. 83/2026 दर्ज किया है. FIR के मुताबिक, जांच शुरू कर दी गई है और मूल शिकायत 2 अक्टूबर को सुबह 5:15 बजे अदालत भेजी गई थी. जांच में विशाल के सोशल मीडिया संपर्क, WhatsApp चैनल, कथित हथियार तस्करी से जुड़ी बातचीत और इस पूरे मामले के पीछे किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका की पड़ताल की जा रही है.
सगाय राज