कर्नाटक के मंत्री सतीश जारकीहोली से जुड़े ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की छापेमारी लगातार दूसरे दिन भी जारी है. यह कार्रवाई बुधवार सुबह करीब साढ़े छह बजे शुरू हुई थी और अब तक करीब 24 घंटे से चल रही है. ED की टीमों ने कर्नाटक, महाराष्ट्र और गोवा में कुल 18 जगहों पर छापे मारे हैं. इस बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने इस पूरी कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया है.
ED की टीमें फिलहाल गोकक में जारकीहोली के साले वाई मंजुनाथ के घर, गोकक में जारकीहोली के अपने घर और बेलगावी में उनके करीबी सहयोगी डॉ गिरीश सोनवालकर के घर पर जांच कर रही हैं. जिन 18 जगहों पर तलाशी ली जा रही है उनमें बेंगलुरु के डॉलर्स कॉलोनी इलाके में मंत्री की संपत्ति, उनकी सांसद बेटी प्रियंका जारकीहोली से जुड़ी जगहें और बेलगावी में साले वाई डी मंजुनाथ की संपत्तियां शामिल हैं.
बताया जा रहा है कि यह जांच विदेशी निवेश में गड़बड़ी और विदेशी मुद्रा नियमों के उल्लंघन के शक से जुड़ी है. अधिकारी दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं. मंत्री के बेंगलुरु स्थित सरकारी आवास के बाहर कड़ी सुरक्षा लगाई गई है और वहां KSRP का एक जत्था तैनात किया गया है.
जारकीहोली के समर्थक मंगलवार रात से ही उनके घर के बाहर जमा हैं और इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं. आज अठनी, हुक्केरी और गोकक में समर्थकों के विरोध प्रदर्शन की भी संभावना है.
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मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा कि यह छापेमारी ऐसे समय हुई है जब उनकी कांग्रेस सरकार को सत्ता में 100 दिन पूरे होने में सिर्फ एक दिन बचा है, इसलिए इसकी टाइमिंग पर शक है. उन्होंने कहा कि वे जारकीहोली के साथ पूरी तरह खड़े हैं क्योंकि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया, और यह भी बताया कि उन्होंने पहले ही अपने सभी मंत्रियों और विधायकों को केंद्रीय एजेंसियों की संभावित कार्रवाई को लेकर आगाह कर दिया था.
उनका आरोप है कि उनकी सरकार और पार्टी को निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने खुद को याद दिलाते हुए कहा कि पहले उन्हें भी ED ने जेल भेजा था लेकिन आज वे मुख्यमंत्री हैं.
उन्होंने पूर्व मंत्री बी नागेंद्र और वाल्मीकि विकास निगम मामले का भी जिक्र किया, जिसमें उनकी सरकार ने ही जांच कराई और 84 करोड़ रुपये में से 79 करोड़ रुपये वापस दिलाए, जबकि ED या CBI एक रुपया भी बरामद नहीं कर पाई. उन्होंने राहुल गांधी पर मल्लिकार्जुन खरगे से जुड़ी टिप्पणी को लेकर दर्ज मामले को भी एससी-एसटी नेताओं को खत्म करने की कोशिश बताया.
साथ ही KPSC भर्ती गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने ही यह अनियमितता उजागर की थी और निलंबित अध्यक्ष शिवशंकरप्पा साहूकार की नियुक्ति पर सवाल उठाए. बिदादी टाउनशिप और नाइस रोड परियोजना पर भी उन्होंने विपक्ष पर गुमराह करने का आरोप लगाया और कहा कि इन पर दस्तखत खुद भाजपा और जेडीएस सरकार के दौरान हुए थे. शिवकुमार ने भरोसा जताया कि सच जल्द सामने आएगा.
सगाय राज