लगेज ट्रॉली पर चिपकाया 1.8 करोड़ का सोना, फिर यात्रियों के पीछे-पीछे चलने लगे... चौंका देगी स्मगलिंग की ये कहानी

बेंगलुरु में सोने की तस्करी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने करीब 1.8 करोड़ रुपये कीमत के 1.3 किलोग्राम सोने के बिस्कुट जब्त किए हैं. मलेशिया से लाए गए सोने को लगेज ट्रॉलियों पर चिपकाकर छिपाया गया था, आरोपी इन ट्रॉलियों का पीछा कर रहे थे.

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मलेशिया से आए थे यात्री. (Photo: ITG) मलेशिया से आए थे यात्री. (Photo: ITG)

सगाय राज

  • बेंगलुरु,
  • 09 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 11:51 AM IST

सोने की तस्करी के लिए आपने कई तरीके सुने होंगे. कोई सोना कपड़ों में छिपाता है, कोई जूतों में, तो कोई दूसरे सामान के भीतर. लेकिन इस बार कथित तस्करों ने ऐसा तरीका अपनाया, जिसमें सफर कर रहे यात्रियों को पता तक नहीं था कि वे एक बड़ी तस्करी की प्लानिंग का हिस्सा बन रहे हैं. राजस्व खुफिया निदेशालय यानी DRI ने सोने की तस्करी के ऐसे ही एक मामले में 1.3 किलोग्राम सोना जब्त किया है.

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जब्त किए गए सोने की कीमत करीब 1.8 करोड़ रुपये है. सोने के बिस्कुट को लगेज ट्रॉलियों पर चिपकाकर छिपाया गया था. इस मामले में दो लोगों पर तस्करी में शामिल होने का आरोप है. दोनों आरोपी मलेशिया के कुआलालंपुर से सोना लेकर आए थे. लेकिन सवाल था कि सोने को सीमा शुल्क की जांच से आगे कैसे पहुंचाया जाए?

आरोप है कि इसके लिए लगेज ट्रॉलियों का इस्तेमाल किया गया. सोने के बिस्कुट ट्रॉलियों पर चिपका दिए गए. यानी ट्रॉली देखने में सामान ढोने का सामान्य जरिया थी, लेकिन उस पर कथित तौर पर करोड़ों रुपये का सोना छिपा हुआ था.

आरोप है कि तस्कर ऐसी ट्रॉलियों पर नजर रखते थे, जिन्हें आम यात्री इस्तेमाल कर रहे थे. यात्री अपना सामान लेकर आगे बढ़ते और सीमा शुल्क जांच पार कर जाते. इस दौरान उन्हें कथित तौर पर यह जानकारी नहीं होती थी कि उनकी ट्रॉली पर सोना चिपकाया गया है.

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यह भी पढ़ें: बेंगलुरु एयरपोर्ट पर 5 करोड़ का सोना जब्त, प्राइवेट पार्ट्स में छिपाकर लाए थे तस्कर, ऐसे हुआ सनसनीखेज खुलासा

इसके बाद आरोपी उन यात्रियों के पीछे-पीछे चलते थे. योजना यह थी कि यात्री जांच पार कर लें, तो उनके इस्तेमाल की गई ट्रॉली से सोना वापस निकाल लिया जाए. यानी कथित तौर पर यात्रियों को बिना बताए तस्करी के रास्ते का हिस्सा बनाया जा रहा था. वे अपनी यात्रा में व्यस्त रहते और आरोपियों की नजर ट्रॉली पर लगे सोने पर होती. हालांकि, इस तरीके से जुड़े सभी पहलुओं और आरोपियों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.

DRI को सूचना मिली, फिर क्या हुआ?

DRI को इस तस्करी के बारे में खुफिया जानकारी मिली. इसके बाद अधिकारियों ने कार्रवाई की और 1.3 किलोग्राम सोना जब्त कर लिया. बरामद सोने की कीमत करीब 1.8 करोड़ रुपये बताई गई है. अब जांच में कई सवाल अहम होंगे. क्या इस तरीके से पहले भी सोने की तस्करी की गई थी? क्या आरोपियों के साथ इस नेटवर्क में दूसरे लोग भी शामिल थे? और सोना आखिर कहां पहुंचाया जाना था? इन सवालों के जवाब जांच आगे बढ़ने के साथ सामने आ सकते हैं.

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