इतिहास की सबसे अमीर महिला, कई देशों की इकोनॉमी से भी ज्यादा थी संपत्ति

इतिहास की सबसे अमीर महिला चीन की महिला सम्राट वू जेटियन को माना जाता है. एक अनुमान के मुताबिक, उन्होंने इतनी संपत्ति अर्जित कर ली थी, जहां तक आज कई बड़े और विकसित देशों की अर्थव्यवस्था भी नहीं पहुंच पाई है. वू जेटियन की गिनती सबसे अमीर महिला के रूप में होने के साथ- साथ एक क्रूर रानी के तौर पर भी होती है.

Advertisement
इतिहास की सबसे अमीर इस महिला के पास इतनी संपत्ति थी, जितनी आज बड़े से बड़े देश की अर्थ व्यवस्था नहीं है (Photo - AI Generated) इतिहास की सबसे अमीर इस महिला के पास इतनी संपत्ति थी, जितनी आज बड़े से बड़े देश की अर्थ व्यवस्था नहीं है (Photo - AI Generated)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 27 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 8:56 PM IST

दुनिया में जब भी सबसे अमीर लोगों की बात होती है, तो एलन मस्क, जेफ बेजोस और मुकेश अंबानी जैसे नाम सामने आते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आज से करीब 1300 साल पहले चीन में एक ऐसी महिला भी हुई थी, जिसकी दौलत का अनुमान आज के हिसाब से करीब 16 ट्रिलियन डॉलर लगाया जाता है. 

यह रकम इतनी बड़ी है कि कई देशों की अर्थव्यवस्था भी इसके सामने छोटी पड़ जाए. खास बात यह है कि इस महिला ने सिर्फ दौलत ही नहीं कमाई, बल्कि अपनी ताकत और चालाकी के दम पर चीन की सत्ता पर भी कब्जा कर लिया था. उनका नाम था वू जेटियन, जिन्हें इतिहास की सबसे अमीर महिला शासकों में गिना जाता है.

Advertisement

कौन थीं वू जेटियन?
वू जेटियन का जन्म 624 ईस्वी में चीन में हुआ था. उनके पिता लकड़ी के कारोबार से जुड़े थे और परिवार आर्थिक रूप से ठीक-ठाक संपन्न था. हालांकि, उनका परिवार शाही खानदान से नहीं था, लेकिन वू को अच्छी शिक्षा मिली थी. यही शिक्षा आगे चलकर उनके राजनीतिक जीवन में बेहद काम आई.

महज 14 साल की उम्र में वू को चीन के शाही दरबार में बुलाया गया. यहां वह तांग राजवंश के सम्राट ताइज़ोंग की शाही उपपत्नी बनीं. उस समय महिलाओं के लिए सत्ता के शीर्ष तक पहुंचना लगभग नामुमकिन था. लेकिन वू ने अपनी बुद्धिमानी और महत्वाकांक्षा के दम पर वह कर दिखाया, जिसकी कल्पना भी कम लोग कर सकते थे.

649 ईस्वी में सम्राट ताइज़ोंग की मौत हो गई. उस दौर की परंपरा के मुताबिक, संतान न होने वाली शाही पत्नियों को धार्मिक संस्थानों में जीवन बिताना पड़ता था. वू को भी कुछ समय के लिए शाही दरबार से दूर होना पड़ा. लेकिन नए सम्राट गाओज़ोंग का उनसे लगाव था. उन्होंने वू को दोबारा दरबार में बुला लिया.

Advertisement

एक-एक करके रास्ते से हटाए विरोधी
वू जेटियन की महत्वाकांक्षा सिर्फ शाही उपपत्नी बने रहने तक सीमित नहीं थी. वह चीन की सबसे ताकतवर महिला बनना चाहती थीं. इसके लिए उन्हें सम्राट गाओज़ोंग की पत्नी महारानी वांग और उनकी एक अन्य पसंदीदा महिला से मुकाबला करना पड़ा.

कुछ ऐतिहासिक विवरणों में दावा किया गया है कि वू ने अपनी नवजात बेटी की हत्या कर दी और इसका आरोप महारानी वांग पर लगा दिया. हालांकि, इस घटना की सच्चाई को लेकर इतिहासकारों के बीच सवाल उठते रहे हैं. वू के खिलाफ लिखे गए पुराने शाही इतिहास में उनके चरित्र को बदनाम करने की कोशिश भी हो सकती है.

इस आरोप के बाद महारानी वांग को सत्ता से हटा दिया गया. साल 655 में वू जेटियन चीन की महारानी बन गईं. कुछ ऐतिहासिक विवरणों के मुताबिक, उन्होंने बाद में महारानी वांग और अपनी दूसरी प्रतिद्वंद्वी को भी मरवा दिया. इन घटनाओं के कारण उनकी छवि एक बेहद क्रूर और चालाक शासक के रूप में बनी.

बीमार सम्राट की जगह खुद संभालने लगीं सत्ता
महारानी बनने के बाद वू जेटियन ने धीरे-धीरे प्रशासन पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली. सम्राट गाओज़ोंग की तबीयत लगातार खराब रहने लगी थी. ऐसे में शासन से जुड़े कई अहम फैसले वू ही लेने लगीं.

Advertisement

683 ईस्वी में गाओज़ोंग की मौत के बाद वू को उम्मीद थी कि वह सत्ता पर अपना नियंत्रण बनाए रखेंगी. उनके बेटे सम्राट बने, लेकिन वास्तविक ताकत उनकी मां के पास ही रही. उन्होंने दरबार में अपने विरोधियों को हटाया और अपने हिसाब से शासन चलाया.

आखिरकार 690 ईस्वी में वू जेटियन ने अपने छोटे बेटे सम्राट रुइज़ोंग को गद्दी छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया. इसके बाद उन्होंने खुद को चीन का सम्राट घोषित कर दिया और वू झोउ राजवंश की स्थापना की.

वह चीन के इतिहास में अपने नाम से शासन करने वाली एकमात्र महिला सम्राट बनीं. इससे पहले भी वह करीब तीन दशक तक पर्दे के पीछे से सत्ता संभाल रही थीं. सम्राट के रूप में उनका शासन लगभग 15 साल तक चला.

16 ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति का दावा कितना बड़ा है?
वू जेटियन की संपत्ति का अनुमान आज के हिसाब से करीब 16 ट्रिलियन डॉलर बताया जाता है. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह आंकड़ा Money.com की उस रिपोर्ट में दिए गए अनुमान से जुड़ा है, जिसमें उन्हें इतिहास की सबसे अमीर महिला शासकों में शामिल किया गया है.

हालांकि, यह समझना जरूरी है कि 7वीं सदी के शासकों की संपत्ति का आज की मुद्रा में सटीक हिसाब लगाना बेहद मुश्किल है. उस समय की अर्थव्यवस्था, जमीन, कर व्यवस्था और शाही खजाने की कीमत आज के आर्थिक पैमानों से सीधे नहीं मापी जा सकती. इसलिए 16 ट्रिलियन डॉलर को प्रमाणित व्यक्तिगत संपत्ति के बजाय एक अनुमान के तौर पर देखना चाहिए.

Advertisement

वू जेटियन की ताकत का बड़ा आधार चीन का विशाल साम्राज्य, उसका राजस्व और उसके संसाधनों पर शाही नियंत्रण था. उनके शासन में मध्य एशिया की ओर सैन्य विस्तार भी हुआ. चीन के व्यापारिक संपर्कों को मजबूत करने और सिल्क रोड के रास्ते कारोबार को बढ़ावा देने का श्रेय भी उनके शासन को दिया जाता है.

चीन की सबसे ताकतवर महिलाओं में क्यों गिनी जाती हैं?
वू जेटियन की कहानी इसलिए खास है, क्योंकि उन्होंने ऐसे दौर में सत्ता हासिल की, जब चीन की राजनीति और समाज में पुरुषों का दबदबा था. एक शाही उपपत्नी के रूप में शुरुआत करने वाली वू ने धीरे-धीरे अपना प्रभाव बढ़ाया और आखिरकार खुद सम्राट बन गईं.

उनके शासनकाल में चीन की प्रशासनिक व्यवस्था, शिक्षा और व्यापार को बढ़ावा देने की कोशिशें हुईं. वहीं, सत्ता हासिल करने और उसे बनाए रखने के लिए अपनाए गए उनके तरीकों पर आज भी बहस होती है.

इस तरह वू जेटियन की कहानी सिर्फ एक अमीर महिला की कहानी नहीं है, बल्कि महत्वाकांक्षा, राजनीतिक चालों, सत्ता और सुधारों की भी कहानी है. करीब 1300 साल पहले चीन की गद्दी तक पहुंचने वाली यह महिला आज भी इतिहास के सबसे चर्चित शासकों में शामिल है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »