बैंक लूटने की बात आते ही आमतौर पर बंदूक, मास्क और कुछ मिनटों में भाग निकलने वाली फिल्मी कहानी याद आती है. लेकिन दुनिया में कुछ ऐसी बैंक डकैतियां भी हुई हैं, जिनकी प्लानिंग सुनकर किसी फिल्म की कहानी भी फीकी लग सकती है. कहीं चोरों ने बैंक तक पहुंचने के लिए 256 फीट लंबी सुरंग खोद डाली, तो कहीं करोड़ों डॉलर की चोरी कंप्यूटर हैक करके की गई. एक मामले में तो बैंक के कर्मचारियों के परिवारों को बंधक बनाकर करोड़ों रुपये लूट लिए गए.
आइए जानते हैं दुनिया की ऐसी ही 5 बड़ी बैंक डकैतियों के बारे में, जिनमें चोरों ने अपनी-अपनी चाल से सबको हैरान कर दिया.
1. बैंक तक पहुंचने के लिए खोद डाली 256 फीट लंबी सुरंग
ब्राजील के फोर्टालेजा में हुई यह बैंक डकैती किसी फिल्म की कहानी जैसी थी. वहां एक टर्फ बनाने वाली कंपनी के कर्मचारी दिखने में अपना सामान्य काम कर रहे थे, लेकिन उनके दिमाग में कुछ और ही चल रहा था. चोरों ने बैंक तक पहुंचने के लिए जमीन के नीचे करीब 256 फीट यानी लगभग 78 मीटर लंबी सुरंग खोद डाली. यह सुरंग उनकी बिल्डिंग से दो ब्लॉक दूर स्थित बैंक तक जाती थी.
इसके बाद चोरों ने बैंक की सुरक्षा दीवार में मौजूद करीब चार फीट मोटे कंक्रीट और स्टील को काटकर रास्ता बनाया. अंदर पहुंचने के बाद वे करीब 7 करोड़ डॉलर यानी लगभग 667 करोड़ करोड़ रुपये लेकर फरार हो गए. इतनी बड़ी रकम को ले जाना भी आसान नहीं था. चोरी की गई ब्राजीलियाई करेंसी का वजन करीब चार टन बताया गया. यानी चोरों को सिर्फ बैंक की सुरक्षा नहीं तोड़नी थी, बल्कि करीब 4,000 किलो वजन की रकम भी वहां से निकालनी थी. बाद में चोरी की रकम में से सिर्फ करीब 80 लाख डॉलर यानी लगभग 704 करोड़ रुपये ही बरामद हो सके. यह डकैती इतनी बड़ी थी कि इसे बैंक लूट की दुनिया की सबसे चर्चित घटनाओं में गिना गया.
2. लेबनान में दो दिन तक बैंक में बैठे रहे लुटेरे
साल 1976, लेबनान गृहयुद्ध की आग में जल रहा था. राजधानी बेरूत में हालात बेहद खराब थे. इसी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन (PLO) से जुड़े एक समूह ने ब्रिटिश बैंक ऑफ द मिडिल ईस्ट को निशाना बनाया. लुटेरों ने बैंक में घुसने के लिए जबरदस्ती रास्ता बनाया और इसके बाद करीब दो दिन तक बैंक में ही डटे रहे.
इस दौरान आसपास की सड़कों को खाली रखा गया और लुटेरे आराम से ट्रकों में सामान भरते रहे. दो दिन बाद वे बैंक से करीब 5 करोड़ डॉलर यानी लगभग 476.90 करोड़ रुपयेकरोड़ रुपये की संपत्ति लेकर निकल गए. इसमें सोना, नकदी, कीमती गहने और स्टॉक शामिल थे. सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि चोरी हुई रकम का एक बड़ा हिस्सा कभी बरामद नहीं हो सका. उस समय इस घटना को दुनिया की सबसे बड़ी बैंक डकैतियों में गिना गया था.
3. बैंक में घुसे बिना 81 मिलियन डॉलर की चोरी
अब आते हैं ऐसी डकैती पर, जिसमें चोर बैंक के दरवाजे तक नहीं पहुंचे. साल 2016 में साइबर अपराधियों ने बैंकों के बीच अंतरराष्ट्रीय पैसे ट्रांसफर करने वाले SWIFT सिस्टम को निशाना बनाया. हैकर्स ने बांग्लादेश के केंद्रीय बैंक से पैसे ट्रांसफर कराने के लिए फर्जी अनुरोध भेजे. उन्होंने न्यूयॉर्क के फेडरल रिजर्व बैंक से करीब 1 अरब डॉलर यानी लगभग 8,800 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने की कोशिश की.
अधिकारियों को समय रहते गड़बड़ी का पता चल गया और ज्यादातर रकम को जाने से रोक लिया गया. लेकिन तब तक साइबर अपराधी करीब 8.1 करोड़ डॉलर यानी लगभग 713 करोड़ रुपये निकाल चुके थे. यहां एक छोटी-सी स्पेलिंग की गलती ने उनकी बड़ी चोरी का खेल बिगाड़ दिया. एक ट्रांसफर रिक्वेस्ट में उन्होंने 'foundation' शब्द की स्पेलिंग गलत लिख दी थी. इस गलती ने अधिकारियों को शक करने का मौका दिया और बाकी रकम को बचा लिया गया. यानी करोड़ों डॉलर की चोरी की पूरी साजिश एक छोटी-सी टाइपो से कमजोर पड़ गई.
4. पुलिस बनकर घर पहुंचे और लूट लिए 39 मिलियन डॉलर
साल 2004 में उत्तरी आयरलैंड में हुई इस बैंक डकैती में लुटेरों ने पैसे से पहले लोगों को निशाना बनाया.
हथियारों से लैस अपराधियों ने नॉर्दर्न बैंक के दो अधिकारियों के परिवारों को बंधक बना लिया. इसके बाद अधिकारियों को आदेश दिया गया कि वे अगले दिन सामान्य तरीके से काम पर जाएं और किसी को कुछ न बताएं.
उनसे कहा गया कि अगर उन्होंने लुटेरों की बात नहीं मानी तो उनके परिवारों को मार दिया जाएगा. अगले दिन बैंक अधिकारी काम पर पहुंचे और ऐसा व्यवहार किया जैसे कुछ हुआ ही नहीं. बैंक बंद होने के बाद उन्होंने लुटेरों को वॉल्ट तक पहुंचने दिया.
इस तरह अपराधी करीब 3.9 करोड़ डॉलर यानी लगभग 286.14 करोड़ रुपये लेकर फरार हो गए. बाद में एक अधिकारी की पत्नी किसी तरह भागकर पुलिस तक पहुंच गई और घटना की जानकारी दी, लेकिन तब तक लुटेरे अपना काम कर चुके थे. चोरी की रकम में से सिर्फ करीब 26 लाख डॉलर ही बरामद हो सके. इस मामले में मुख्य साजिशकर्ताओं की पहचान लंबे समय तक रहस्य बनी रही.
5. जब डकैतों ने लूट लिया गलत वॉल्ट
साल 1972 में अमेरिका के ओहायो के कुछ चोरों को खबर मिली कि राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन का कथित गुप्त फंड कैलिफोर्निया के एक बैंक में रखा है. उन्होंने इसे लूटने की योजना बनाई और कैलिफोर्निया पहुंच गए. उनका इरादा खुद को किसी तरह का 'रॉबिन हुड' साबित करने का था.
लुटेरों ने बैंक की छत से रास्ता बनाया, अलार्म सिस्टम को बंद किया और स्टील बीम को ड्रिल करके वॉल्ट तक पहुंच गए. इसके बाद वे करीब 80 लाख डॉलर यानी लगभग 76.30 करोड़ रुपये की नकदी, स्टॉक, बॉन्ड और गहने लेकर निकल गए. उन्हें लगा कि उन्होंने एक परफेक्ट डकैती को अंजाम दे दिया है. लेकिन जांचकर्ताओं को जल्द ही इस मामले में कुछ गड़बड़ नजर आने लगी.
जांच के दौरान जिस घर में चोर ठहरे थे, वहां डिशवॉशर में रखे कुछ बर्तनों पर उनकी उंगलियों के निशान मिले. इन्हीं सुरागों के आधार पर जांचकर्ताओं ने संदिग्धों तक पहुंच बनाई. लेकिन कहानी का सबसे बड़ा ट्विस्ट अभी बाकी था. लुटेरों ने जिस वॉल्ट को निक्सन के गुप्त पैसे का ठिकाना समझकर लूटा था, वह निक्सन का वॉल्ट था ही नहीं.यानी करोड़ों रुपये की चोरी करने के बाद भी उनकी सबसे बड़ी गलती यही थी कि उन्होंने गलत जगह हाथ डाल दिया.
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