आजकल लगभग हर घर में Wi-Fi राउटर लगा होता है. मोबाइल, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी और दूसरे उपकरणों को इंटरनेट से जोड़ने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है. आपने भी देखा होगा कि राउटर पर कई छोटी-छोटी लाइटें जलती रहती हैं. कुछ लाइटें लगातार जलती हैं, तो कुछ बार-बार ब्लिंक करती हैं. कई बार इंटरनेट बंद होने पर भी राउटर की कुछ लाइटें जलती रहती हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि राउटर पर इतनी सारी लाइटें क्यों दी जाती हैं? क्या हर लाइट का कोई अलग काम होता है? आखिर इन लाइटों को देखकर कैसे पता चलता है कि इंटरनेट सही चल रहा है या उसमें कोई परेशानी है?
दरअसल, राउटर पर लगी ये लाइटें उसके अलग-अलग काम की जानकारी देती हैं. इनकी मदद से आप बिना किसी तकनीकी जानकारी के भी काफी हद तक समझ सकते हैं कि राउटर ठीक से काम कर रहा है या नहीं. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि राउटर की हर लाइट का क्या मतलब होता है.
पावर लाइट बताती है कि राउटर चालू है या नहीं
राउटर पर सबसे जरूरी लाइट पावर की होती है. यह बताती है कि राउटर को बिजली मिल रही है या नहीं. जब आप राउटर को बिजली के सॉकेट में लगाते हैं, तो पावर लाइट जलने लगती है. अगर यह लाइट लगातार जल रही है, तो आमतौर पर इसका मतलब है कि राउटर चालू है. लेकिन अगर यह लाइट बिल्कुल नहीं जल रही है, तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं. बिजली की सप्लाई बंद होना, एडॉप्टर में खराबी होना या राउटर का ठीक से काम नहीं करना.
कुछ राउटर चालू होने के बाद शुरुआत में पावर लाइट ब्लिंक करता है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि राउटर खुद को शुरू कर रहा होता है. अगर यह काफी देर तक ब्लिंक करती रहे, तो राउटर की गाइड देखकर या इंटरनेट कंपनी से संपर्क कर इसको चेक करा सकते हैं.
Internet या WAN लाइट क्या बताती है?
यह लाइट बताती है कि राउटर का इंटरनेट कनेक्शन सही तरीके से जुड़ा है या नहीं. कई राउटर में इसे इंटरनेट लिखा जाता है, जबकि कुछ में WAN लिखा होता है. WAN का मतलब है वह कनेक्शन, जिसके जरिए राउटर को इंटरनेट सेवा देने वाली कंपनी के नेटवर्क से जोड़ा जाता है. अगर इंटरनेट लाइट सामान्य तरीके से जल रही है, तो इसका मतलब हो सकता है कि राउटर को इंटरनेट कनेक्शन मिल रहा है. अगर यह लाइट बंद है या लाल रंग में जल रही है, तो इंटरनेट कनेक्शन में परेशानी हो सकती है.
हालांकि, हर राउटर में लाइटों के रंग और उनके संकेत एक जैसे नहीं होते. इसलिए किसी लाइट का सही मतलब जानने के लिए राउटर के मॉडल की जानकारी देखना जरूरी है. ध्यान देने वाली बात यह है कि इंटरनेट लाइट जलने का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि इंटरनेट पूरी तरह सही चल रहा है. कभी-कभी कनेक्शन जुड़ा होने के बावजूद वेबसाइट नहीं खुलती या इंटरनेट की रफ्तार बहुत धीमी हो जाती है.
Wi-Fi लाइट क्यों जलती और ब्लिंक करती है?
यह लाइट बताती है कि राउटर का वायरलेस नेटवर्क चालू है या नहीं. इसी नेटवर्क के जरिए आपका मोबाइल, लैपटॉप और स्मार्ट टीवी बिना तार के इंटरनेट से जुड़ते हैं. अगर Wi-Fi लाइट जल रही है, तो आमतौर पर इसका मतलब है कि राउटर का वायरलेस नेटवर्क चालू है. अगर यह लाइट बंद है, तो संभव है कि Wi-Fi बंद हो या राउटर में कोई समस्या हो.
अब सवाल है कि यह लाइट बार-बार क्यों ब्लिंक करती है?
जब आपका मोबाइल इंटरनेट पर कोई वीडियो देखता है, कोई फाइल डाउनलोड करता है या कोई ऐप नया डेटा भेजता और प्राप्त करता है, तो राउटर के जरिए जानकारी का आदान-प्रदान होता है. ऐसे में Wi-Fi लाइट झपक सकती है. यानी लाइट का झपकना कई बार बिल्कुल सामान्य बात है. इसका मतलब यह नहीं है कि राउटर खराब हो रहा है.
LAN लाइट का क्या काम है?
LAN का इस्तेमाल राउटर को तार के जरिए दूसरे उपकरणों से जोड़ने के लिए किया जाता है. उदाहरण के लिए, अगर आपने अपने कंप्यूटर, स्मार्ट टीवी या किसी दूसरे उपकरण को इंटरनेट केबल से राउटर से जोड़ा है, तो LAN पोर्ट काम आता है. राउटर पर LAN 1, LAN 2, LAN 3 या LAN 4 जैसे नाम लिखे हो सकते हैं. हर नंबर एक अलग पोर्ट को दिखाता है. जब किसी पोर्ट में केबल लगाकर उपकरण जोड़ा जाता है, तो उससे जुड़ी लाइट जल सकती है. जब उस उपकरण के जरिए डेटा भेजा या प्राप्त किया जाता है, तो लाइट झपक भी सकती है.
अगर केबल से जुड़ा उपकरण काम नहीं कर रहा है और LAN लाइट भी नहीं जल रही, तो केबल, पोर्ट या उपकरण के कनेक्शन की जांच करना उपयोगी हो सकता है.
2.4 GHz और 5 GHz की लाइटें क्यों होती हैं?
आजकल कई राउटर में 2.4 GHz और 5 GHz नाम की लाइटें भी होती हैं. ये Wi-Fi नेटवर्क की दो अलग-अलग फ्रीक्वेंसी को दिखाती हैं. आसान भाषा में समझें तो ये Wi-Fi के जरिए डेटा भेजने के दो अलग-अलग तरीके हैं.
2.4 GHz: इसकी खासियत यह है कि इसका सिग्नल आमतौर पर दीवारों के पार अपेक्षाकृत अच्छी दूरी तक पहुंच सकता है. हालांकि, इस फ्रीक्वेंसी पर दूसरे वायरलेस उपकरणों के कारण रुकावट भी आ सकती है.
5 GHz: यह फ्रीक्वेंसी अच्छी परिस्थितियों में ज्यादा रफ्तार दे सकती है, लेकिन इसकी सिग्नल रेंज आमतौर पर 2.4 GHz से कम होती है. दीवारों और दूसरी रुकावटों का असर भी इस पर ज्यादा पड़ सकता है.
अगर राउटर पर इन दोनों की लाइटें हैं, तो वे बता सकती हैं कि संबंधित वाई-फाई नेटवर्क चालू है या काम कर रहा है. हालांकि, कुछ राउटर में दोनों फ्रीक्वेंसी एक ही नेटवर्क के नाम से चलती हैं और हर मॉडल में अलग लाइट होना जरूरी नहीं है.
WPS लाइट किसलिए होती है?
कुछ राउटर पर WPS नाम की लाइट भी दी जाती है. WPS का पूरा नाम वाई-फाई प्रोटेक्डट सेटअप है. इस सुविधा का इस्तेमाल कुछ उपकरणों को वाई-फाई से जोड़ने की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए किया जाता है. जहां यह सुविधा उपलब्ध हो, वहां WPS बटन दबाकर और संबंधित उपकरण की मदद से कनेक्शन स्थापित किया जा सकता है. WPS लाइट बटन इस्तेमाल करने या कनेक्शन बनाने की प्रक्रिया के दौरान झपक सकती है. इसका व्यवहार राउटर के मॉडल पर निर्भर करता है. WPS बटन को बिना वजह न दबाएं. अगर आप इसका इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो इसकी लाइट बंद रहना भी सामान्य हो सकता है.
LOS या PON लाइट क्या बताती है?
अगर आपके घर में फाइबर इंटरनेट लगा है, तो राउटर या उसके साथ लगे अलग फाइबर बॉक्स पर PON और LOS जैसी लाइटें दिखाई दे सकती हैं.
PON लाइट: यह फाइबर नेटवर्क से कनेक्शन की स्थिति बताती है. कई उपकरणों में इसके लगातार हरे रंग में जलने का मतलब होता है कि फाइबर कनेक्शन सामान्य है.
LOS लाइट: LOS का मतलब लॉस ऑफ सिग्नल (Loss of Signal) है. अगर यह लाइट लाल रंग में जल रही है या झपक रही है, तो फाइबर के जरिए आने वाले सिग्नल में परेशानी हो सकती है.
ऐसा फाइबर केबल ढीली होने, केबल में खराबी आने या इंटरनेट कंपनी के नेटवर्क में समस्या होने के कारण हो सकता है. अगर LOS लाइट लाल दिखाई दे, तो फाइबर के पतले तार को खींचने, मोड़ने या खुद से खोलने की कोशिश न करें. इंटरनेट सेवा देने वाली कंपनी से संपर्क करना बेहतर है.
राउटर की लाइटें देखकर इंटरनेट की परेशानी का अंदाजा लगाया जा सकता है. अगर पावर लाइट बंद है, तो बिजली, एडॉप्टर या राउटर में दिक्कत हो सकती है. वाई-फाई लाइट बंद होने पर वायरलेस नेटवर्क बंद हो सकता है, जबकि इंटरनेट लाइट बंद या लाल होने का मतलब इंटरनेट कनेक्शन में परेशानी हो सकता है. अगर LAN लाइट नहीं जल रही है, तो केबल या पोर्ट का कनेक्शन जांचने की जरूरत हो सकती है. वहीं, LOS लाइट लाल होने पर फाइबर सिग्नल में समस्या हो सकती है. ध्यान रखें कि PON और LOS की लाइटें कई बार मुख्य वाई-फाई राउटर के बजाय अलग फाइबर डिवाइस पर होती हैं. वाई-फाई लाइट लगातार झपक रही है, तो संभव है कि डेटा का आदान-प्रदान हो रहा हो. हालांकि, इन लाइटों का सही मतलब राउटर के मॉडल और उसमें दिए गए संकेतों पर निर्भर करता है.
क्या राउटर की लाइटें रात भर जलती रहने से बिजली ज्यादा खर्च होती है?
राउटर की लाइटें जलने का मतलब यह नहीं है कि वह बहुत ज्यादा बिजली खर्च कर रहा है. राउटर बिजली का इस्तेमाल अपने सर्किट, वाई-फाई सिग्नल और डेटा भेजने-प्राप्त करने के लिए करता है. छोटी इंडिकेटर लाइटें भी थोड़ी बिजली इस्तेमाल करती हैं, लेकिन आमतौर पर उनका हिस्सा बहुत कम होता है. इसलिए सिर्फ लाइटें बंद करने के लिए राउटर की बिजली काटना जरूरी नहीं है. अगर आप रात में भी इंटरनेट इस्तेमाल करते हैं, तो राउटर चालू रहने से आपका कनेक्शन बना रह सकता है.
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