पानी की टंकी के मेन सप्लाई पाइप या आउटलेट पाइप से जुड़ा एक खुला पाइप होता है. इसे ही एयर पाइप या एयर वेंट या ब्रीदर पाइप भी कहते हैं. यह एयर पाइप का एक सिरा आउटलेट पाइप से जुड़ा होता है और दूसरा सिरा आसमान की तरफ खुला होता है.
पानी की टंकी का एयर पाइप हमेशा टंकी से निकलने वाले मुख्य आउटलेट पाइप में टी जॉइंट लगाकर ऊपर की तरफ खड़ा करके लगाया जाता है. पानी की टंकी में यह एयर पाइप या एयर वेंट लगाना बेहद जरूरी है. इसके बिना प्लंबिंग सिस्टम सही से काम नहीं करता है.
नहीं होती है एयर ब्लॉक की समस्या
जब टंकी से पानी नीचे की तरफ बहता है, तो पाइप के अंदर हवा फंस जाती है. इसे एयर लॉक कहते हैं. एयर पाइप इस इसी फंसी हुई हवा को बाहर निकाल देता है. इससे सप्लाई पाइप का एयर ब्लॉकेज खत्म हो जाता है और नल से स्मूदली पानी का प्रवाह बना रहता है. फिर प्रेशर की कोई दिक्कत नहीं होती है. चलिए समझते हैं कि आखिर ये एयर पाइप कैसे काम करता है और इससे नल का प्रेशर डबल किस तरह से हो जाता है.
एयर पाइप लगने से पाइप के अंदर वैक्यूम नहीं बनता. इससे नल, शॉवर और टॉयलेट में पानी का प्रेशर तेज और एक समान बना रहता है. एयर पाइप न होने पर नल खोलने पर पानी 'छक-छक' की आवाज के साथ रुक-रुक कर निकलता है. एयर पाइप इस समस्या को खत्म कर देता है.
यह भी पढ़ें: पानी की टंकी में क्यों लगाना चाहिए ये पाइप? नल का बढ़ जाएगा प्रेशर
लगातार एयर लॉक या प्रेशर का असंतुलन होने से पाइपों पर दबाव पड़ता है, जिससे उनके फटने या लीक होने का खतरा रहता है. इसलिए टंकी के सप्लाई पाइप में एयर पाइप लगाना बेहद जरूरी हो जाता है. क्योंकि, इससे सिर्फ नल का प्रेशर दोगुना नहीं होता, बल्कि पाइप की लाइफ भी बढ़ जाती है.
aajtak.in