कहां के लोगों ने पहली बार गटकी थी वाइन? जानिए क्या कहता है इतिहास

बीयर, शराब, वाइन जैसे ड्रिंक्स आज एक आम चीज है,जो हर जगह आसानी से मिल सकती है. क्या कभी आपने सोचा है आखिर इंसान कब ऐसे एल्कोहलिक ड्रिंक्स का इस्तेमाल करते आ रहे हैं. चलिए जानते हैं कि आज जिस वाइन को हम एक लग्जरी मानते हैं, उसका स्वाद सबसे पहले कहां के लोगों ने चखा था.

Advertisement
सबसे पहले यहां के लोगों ने वाइन बनाना सीखा और इसका स्वाद भी चखा था (Photo - AI Generated) सबसे पहले यहां के लोगों ने वाइन बनाना सीखा और इसका स्वाद भी चखा था (Photo - AI Generated)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:04 PM IST

आज दोस्तों के साथ बैठकर वाइन का गिलास उठाना या किसी खास मौके पर शराब पीना भले ही आम बात हो. लेकिन इंसानों और शराब का रिश्ता हजारों साल पुराना है. दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में लोग प्राचीन समय से ही बीयर, वाइन और दूसरी तरह के ड्रिंक बनाते और पीते रहे हैं. कभी धार्मिक रस्मों के लिए, कभी दोस्तों और समुदाय के साथ मेलजोल बढ़ाने के लिए, तो कभी इलाज के लिए भी इनका इस्तेमाल होता था.

Advertisement

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इंसानों ने सबसे पहले वाइन कब बनाई और इसे कहां पिया? इसका जवाब इतिहास और पुरातत्व की एक बेहद दिलचस्प खोज से मिलता है. अब तक मिले सबसे पुराने पारंपरिक अंगूर से बनी वाइन के सबूत करीब 8,000 साल पुराने हैं और ये जॉर्जिया से मिले हैं.

जॉर्जिया में मिले वाइन के सबसे पुराने सबूत
शोधकर्ताओं को जॉर्जिया की राजधानी त्बिलिसी के पास दो पुरातात्विक स्थलों पर मिट्टी के बड़े बर्तन मिले थे. इनकी तारीख करीब 5,980 ईसा पूर्व की बताई गई है. इन बर्तनों के अंदर मिले अवशेषों से पता चला कि इनमें अंगूर से बनी वाइन रखी जाती थी. यानी करीब 8 हजार साल पहले भी इस इलाके के लोग अंगूर से वाइन बनाने की कला जानते थे.यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो के शोधकर्ता स्टीफन डी. बतियुक के मुताबिक, यह पारंपरिक अंगूर की वाइन का अब तक मिला सबसे पुराना प्रमाण है.

Advertisement

ऑर्कियोलॉजिस्ट्स को कुल आठ बड़े मिट्टी के बर्तन मिले. माना जाता है कि इनका इस्तेमाल वाइन को बनाने, कुछ समय तक रखने और फिर स्टोर करने के लिए किया जाता था. इनमें से कुछ बर्तनों पर अंगूर की तस्वीरें भी बनी हुई थीं. कुछ पर ऐसे लोगों के चित्र थे, जो नाचते हुए नजर आते हैं.

इन निशानों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि उस दौर में वाइन सिर्फ कोई साधारण पेय नहीं थी, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और सामाजिक गतिविधियों का हिस्सा भी हो सकती थी. अब सवाल था कि शोधकर्ताओं को कैसे पता चला कि इन बर्तनों में वाइन रखी गई थी?

यह भी पढ़ें: शराब की बोतल लीटर में क्यों नहीं होती, फुल, हाफ क्यों बोलते हैं?

इसके लिए वैज्ञानिकों ने बर्तनों के अंदर मौजूद अवशेषों की जांच की. इनमें टार्टरिक एसिड मिला. यह खास तौर पर यूरेशियन अंगूर में काफी मात्रा में पाया जाता है. यही वह अंगूर है जिससे पारंपरिक वाइन बनाई जाती है. इसके अलावा अवशेषों में मैलिक, साइट्रिक और सक्सिनिक एसिड भी मिले. ये सभी उसी तरह के अंगूर में पाए जाने वाले रासायनिक तत्व हैं. इन सबूतों ने शोधकर्ताओं को मजबूत आधार दिया कि इन बड़े घड़ों में अंगूर से बनी वाइन तैयार या स्टोर की जाती थी.

Advertisement

आम किसान भी बनाते थे वाइन
इस खोज की एक और खास बात सामने आई. वाइन के सबूत सिर्फ किसी खास महल या अमीर लोगों के घर से नहीं मिले थे. अलग-अलग सामाजिक वर्गों से जुड़े घरेलू इलाकों में भी इसके प्रमाण मिले. इससे संकेत मिलता है कि उस समय वाइन समाज के एक बड़े हिस्से में प्रचलित थी. यानी यह सिर्फ राजा-महाराजाओं या अमीर लोगों का पेय नहीं थी, बल्कि आम लोग और किसान भी इसे बनाते और पीते थे. शोधकर्ता स्टीफन बतियुक के मुताबिक, उस समय इसे रोजमर्रा के किसान भी बना रहे थे.

इंसान हजारों साल से बना रहा है शराब
वाइन का यह इतिहास बताता है कि शराब बनाने की इंसानी कला आज की आधुनिक दुनिया की देन नहीं है. हजारों साल पहले भी लोगों को यह समझ थी कि फलों के रस को एक खास प्रक्रिया से बदलकर ऐसा पेय तैयार किया जा सकता है, जिसका स्वाद और असर सामान्य पेय से अलग होता है.

इतिहास में इसके अलग-अलग इस्तेमाल भी मिलते हैं. कहीं शराब धार्मिक अनुष्ठानों का हिस्सा बनी, कहीं लोगों के बीच मेलजोल बढ़ाने का जरिया, तो कहीं इसे औषधि के तौर पर इस्तेमाल किया गया.

8000 साल पुरानी है वाइन
हालांकि जॉर्जिया से मिले ये सबूत यह साबित नहीं करते कि दुनिया में सबसे पहली बार किसी इंसान ने यहीं शराब पी थी. ये अब तक मिले सबसे पुराने ज्ञात सबूतों में से हैं, खास तौर पर पारंपरिक अंगूर की वाइन के. यानी आज जिस वाइन को हम एक आधुनिक पेय समझते हैं, उसकी कहानी दरअसल करीब 8,000 साल पुरानी है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: क्या किसी वरदान से बनी थी बीयर? जानिए सबसे पहली बार किसने पी थी

उस समय न आधुनिक बोतलें थीं, न वाइन ग्लास और न ही बड़ी-बड़ी वाइनरी. लोग मिट्टी के विशाल घड़ों में अंगूर से वाइन तैयार करते थे और संभव है कि इसे सामाजिक समारोहों में भी पीते रहे हों. एक तरह से कहें तो आज की वाइन की कहानी आधुनिक रेस्तरां या बार से नहीं, बल्कि हजारों साल पुराने मिट्टी के घड़ों से शुरू होती है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »