जब मक्का में मारे गए 1400 तीर्थयात्री, हज के दौरान मची थी भगदड़

आज के दिन ही मक्का में हज यात्रा के दौरान भगदड़ मच जाने से 1400 लोगों की मौत हो गई थी. हालांकि, हज यात्रा के दौरान अक्सर भगदड़ जैसे हादसे होते हैं, लेकिन यह अब तक की सबसे घातक और बड़ी घटना थी.

Advertisement
मक्का में हज के दौरान मची भगदड़ में 1400 लोगों की हुई थी मौत (Photo - Pexels) मक्का में हज के दौरान मची भगदड़ में 1400 लोगों की हुई थी मौत (Photo - Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 6:21 AM IST

2 जुलाई 1990 को मक्का में एक पैदल सुरंग में हज करने गए यात्रियों की भगदड़ में 1,400 से अधिक लोग मारे गए थे.  यह उस समय मक्का की यात्रा करने वाले मुसलमानों को प्रभावित करने वाली 20 वर्षों में हुई घटनाओं की श्रृंखला में सबसे घातक घटना थी. इस्लाम धर्म के अनुयायियों के लिए सऊदी अरब के मक्का की यात्रा को हज कहा जाता है.   हर साल 20 लाख से अधिक लोग हज यात्रा करते हैं. आमतौर पर, तीर्थयात्री अल-अधा का पर्व मनाते हैं और अपने प्रवास के दौरान क्षेत्र के कई पवित्र स्थलों का दर्शन करते हैं.

Advertisement

हज में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने से अक्सर त्रासदी हुई है. 1987 में, अमेरिका विरोधी प्रदर्शन के दौरान ईरानियों और सउदी लोगों के बीच हुई झड़प में 400 लोगों की मौत हो गई थी. इसके अलावा, मीना में एक धार्मिक अनुष्ठान कई दुखद घटनाओं का गवाह रहा है. वहां प्रोफेट के जन्मस्थान के पास एक घाटी में, शैतान का प्रतीक एक विशाल स्तंभ है. हजयात्री तीन दिनों तक इस स्तंभ पर पत्थर फेंकते हैं.

 1994 में, पत्थर फेंकने के लिए बहुत अधिक लोगों के आगे बढ़ने के कारण 270 लोगों की मौत हो गई थी. 1998 में, इसी तरह की स्थिति में कम से कम 110 लोग मारे गए और 180 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. 2001 और 2002 दोनों में, मीना में 30 से अधिक लोगों की मौत हुई और 2003 में, भगदड़ में 244 अन्य तीर्थयात्री मारे गए. 2006 में, 363 लोग मारे गए थे. 

Advertisement

भगदड़ ही त्रासदी का एकमात्र कारण नहीं रही है. 1997 में मीना में एक तंबू में लगी आग में 340 लोग मारे गए और 1,400 से अधिक लोग घायल हुए. 1991 में सऊदी अरब से हजयात्रियों को घर वापस ला रहे दो अलग-अलग विमान दुर्घटनाओं में क्रमशः 261 और 91 लोग मारे गए.

1990 की त्रासदी में लॉ-इन्फॉरमेंश अधिकारियों की संगठनात्मक विफलता और भीड़ के विशाल आकार के कारण एक लंबी सुरंग में 1,426 लोग कुचलकर या दम घुटकर मर गए. घटना के बाद सुरक्षा उपाय किए गए, लेकिन उनका असर सीमित ही रहा. 2015 में, मीना में भगदड़ में 2,000 से अधिक लोग मारे गए थे.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »