गंगा नदी को भारत में आस्था का प्रतीक माना जाता है. देशभर से लोग गंगा में स्नान करने और पूजा-पाठ के लिए पहुंचते हैं. कई लोग यहां पूजा के दौरान सिक्के, सोने-चांदी के आभूषण या दूसरी चीजें भी नदी में अर्पित करते हैं. इसके अलावा स्नान करते समय कई लोगों की अंगूठी, चेन या दूसरी ज्वेलरी गलती से पानी में गिर जाती है. यही वजह है कि गंगा के कुछ घाटों पर ऐसे लोग भी दिखाई देते हैं, जो नदी के पानी या किनारे की मिट्टी में इन कीमती चीजों को तलाशते हैं.
हाथ में मशीन लेकर क्या खोजते हैं?
सोशल मीडिया पर आपने कई बार ऐसे वीडियो देखे होंगे, जिनमें कुछ लोग नदी के किनारे एक खास मशीन लेकर घूमते नजर आते हैं. इस मशीन को मेटल डिटेक्टर कहा जाता है. यह जमीन या मिट्टी के अंदर मौजूद धातु की चीजों का संकेत देने में मदद करती है. इन लोगों की तलाश सिर्फ सोने तक सीमित नहीं होती. कई बार उन्हें पुराने सिक्के, चांदी की चीजें, अंगूठियां या दूसरी धातु की वस्तुएं भी मिल सकती हैं. मेटल डिटेक्टर के जरिए पहले किसी जगह पर धातु होने का संकेत मिलता है और फिर वहां मिट्टी हटाकर चीज को खोजने की कोशिश की जाती है.
गंगा में सोना खोजने के लिए कांच का भी इस्तेमाल
दिलचस्प बात यह है कि कुछ लोग पानी के अंदर चीजों को देखने के लिए कांच या शीशे का सहारा भी लेते हैं. इसका तरीका काफी साधारण है. पानी के अंदर सीधे देखने पर लहरों और पानी की चमक के कारण नीचे पड़ी चीजें साफ दिखाई नहीं देती. कांच की मदद से पानी के अंदर देखने की कोशिश की जाती है, जिससे नीचे पड़ी छोटी वस्तुओं को पहचानना आसान हो सकता है. अगर पानी के अंदर कोई सिक्का, आभूषण या चमकदार धातु की चीज दिखाई देती है तो लोग उसे निकालने की कोशिश करते हैं. हालांकि हर बार सोना मिलना तय नहीं होता. ज्यादातर समय तलाश करने पर कुछ नहीं मिलता और कई बार मामूली कीमत वाली चीजें ही हाथ लगती हैं.
300-400 रुपये की कमाई कैसे?
ऐसे काम से होने वाली कमाई हर दिन एक जैसी नहीं होती. अगर किसी को कुछ सिक्के या दूसरी बेचने लायक चीजें मिल जाती हैं तो उससे कुछ सौ रुपये की कमाई हो सकती है. इसलिए 300-400 रुपये जैसी कमाई को एक संभावित रोजाना कमाई के तौर पर देखा जा सकता है, लेकिन इसे तय या गारंटीड कमाई नहीं मानना चाहिए. अगर किसी दिन सोने या चांदी की कोई चीज मिल जाए तो कमाई अचानक काफी बढ़ सकती है. यही वजह है कि कुछ लोग इसे किस्मत आजमाने जैसा काम भी मानते हैं. लेकिन सोना मिलना बेहद निश्चित नहीं है और इसके लिए घंटों तलाश करने के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ सकता है.
नदी में आखिर मिलती क्या-क्या चीजें हैं?
नदी के घाटों पर रोजाना बड़ी संख्या में लोग आते हैं. स्नान और पूजा के दौरान कई तरह की चीजें पानी में गिर जाती हैं. इनमें सिक्के, अंगूठियां, चेन और दूसरी छोटी धातु की वस्तुएं शामिल हो सकती हैं. कुछ लोग धार्मिक मान्यता के चलते गंगा में आभूषण या दूसरी चीजें अर्पित भी करते हैं. ऐसे में नदी के किनारे इन चीजों के मिलने की संभावना रहती है.
हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले हर वीडियो को सच मानना सही नहीं है. यानी गंगा के घाटों पर सिक्के, आभूषण या दूसरी धातु की चीजें तलाश करने वाले लोग जरूर मिल सकते हैं, लेकिन उनकी कमाई पूरी तरह इस बात पर निर्भर करती है कि उस दिन उन्हें क्या मिलता है. कभी कुछ सौ रुपये की चीजें मिल सकती हैं तो कभी कई घंटे की मेहनत के बाद भी कुछ हाथ नहीं लगता. सोने की तलाश में किस्मत का भी बड़ा रोल होता है.
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