10 सितंबर 1897 को जॉर्ज स्मिथ नाम के 25 साल के लंदन के एक टैक्सी चालक को नशे में गाड़ी चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. उसने अपनी टैक्सी को एक इमारत से टकरा दिया था. बाद में स्मिथ ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया.उस पर 20 शिलिंग का जुर्माना लगाया गया था. लंदन के मॉर्निंग पोस्ट अखबार की एक खबर के अनुसार, स्मिथ उस सुबह 12:45 बजे ऑटोमोबाइल इतिहास में एक अप्रत्याशित घटना बनकर उभरे थे.
स्मिथ की इलेक्ट्रिक टैक्सी सड़क से उतरकर मेफेयर के न्यू बॉन्ड स्ट्रीट पर एक इमारत से टकरा गई थी. इससे एक पानी का पाइप और एक खिड़की का ऊपरी हिस्सा टूट गया. लेख में बताया गया है कि एक पुलिस कांस्टेबल ने स्मिथ के वाहन को सुबह-सुबह सड़कों पर अनियंत्रित तरीके से चलते हुए देखा. जिसे बाद में ड्राइवर के इस कबूलनामे से जोड़ा गया कि गाड़ी चलाने से पहले उसने दो या तीन गिलास बीयर पी थी.
स्मिथ लंदन इलेक्ट्रिकल कैब कंपनी के कुछ गिने-चुने ड्राइवरों में से एक थे. इस कंपनी की बैटरी से चलने वाली टैक्सियां - शहर में किराए पर मिलने वाली पहली स्वचालित गाड़ियां थीं. घटना के समय कुछ ही हफ़्ते पहले सेवा में आई थीं. इन नई बिना घोड़ा वाली गाड़ियों की बैटरी रेंज 30 मील थी और इनकी अधिकतम गति 9 से 12 मील प्रति घंटा थी. यह दर्ज नहीं है कि दुर्घटना के समय स्मिथ यात्रियों को ले जा रहे थे या नहीं.
मार्लबोरो स्ट्रीट पुलिस कोर्ट में पेश किए जाने पर, स्मिथ ने नशे की हालत में टैक्सी चलाने के आरोप में अपना जुर्म कबूल कर लिया. यह दुनिया में कहीं भी शराब पीकर गाड़ी चलाने के लिए दर्ज की गई पहली गिरफ्तारी और मुकदमा था. मजिस्ट्रेट ने उन पर 20 शिलिंग का जुर्माना लगाया और लंदनवासियों को चौंकाने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले उनके लापरवाह आचरण के लिए उन्हें फटकार लगाई.
मजिस्ट्रेट ने कहा कि नशे की हालत में बिना घोड़े वाली गाड़ी को नियंत्रित करना घोड़े को संभालने से बिल्कुल अलग चुनौती है. हालांकि, नशे की मात्रा मापने के वैज्ञानिक उपकरण अभी दशकों दूर थे, लेकिन इस मामले ने मोटर वाहनों के बढ़ते युग में भी नशे की हालत में गाड़ी चलाने के खिलाफ मौजूदा कानूनों का विस्तार करके एक प्रारंभिक कानूनी मिसाल कायम की.
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