कंफर्म टिकट है, फिर भी बैठने को सीट नहीं मिली! जानिए ट्रेन में ये स्थिति कब आती है

ट्रेन में कई बार ऐसी स्थिति आई है, जब यात्रियों को कंफर्म टिकट होने के बाद भी सीट नहीं मिली. ऐसे में जानते हैं कि आखिर ऐसा कब-कब हुआ है...

Advertisement
ट्रेन में कई कंफर्म टिकट के बाद भी सीट नहीं मिल पाती. (Photo: AI Generated0 ट्रेन में कई कंफर्म टिकट के बाद भी सीट नहीं मिल पाती. (Photo: AI Generated0

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 1:27 PM IST

जब भी ट्रेन से कहीं जाना है तो हर कोई ये कोशिश करता है समय रहते कंफर्म टिकट मिल जाए. कंफर्म टिकट मिलने के बाद ये क्लियर हो जाता है कि आपको सीट मिल जाएगी और आप आराम से यात्रा कर लेंगे. लेकिन, कई बार यात्रियों के सामने ऐसी स्थिति भी आ जाती है कि कंफर्म टिकट होने के बाद भी सीट नहीं मिलती. आप भी सोच रहे होंगे कि क्या ऐसा भी होता है? जी हां, कई बार ऐसी परिस्थितियां आई हैं, जिसमें कंफर्म टिकट मिलने के बाद भी सीट नहीं मिली और उसके बाद रेलवे को मुआवजा भी देना पड़ा . 

Advertisement

कब-कब नहीं मिली टिकट?

किसी ने सीट पर कब्जा कर लिया: एक स्थिति तो ये होती है, जिसमें कोई दूसरा आपकी सीट पर बैठ जाए और आपको बैठने के जगह नहीं दे. आमतौर पर ऐसा कम ही होता है, लेकिन कई बार ऐसा देखने को मिलता है और जब पुलिस मदद नहीं करती है तो यात्री को सीट नहीं मिल पाती. कुछ महीने पहले ही मई 2026 में बिहार के भोजपुर जिला उपभोक्ता आयोग ने ऐसे ही एक मामले में रेलवे को यात्रियों को मुआवजा देने का आदेश दिया. 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस से पटना जाने वाली LTT-पटना एक्सप्रेस का था. चार यात्रियों ने विंध्याचल से आरा तक सफर के लिए थर्ड एसई की कंफर्म टिकट बुक कराई थी. जब वे ट्रेन में चढ़े, तो उनकी रिजर्व बर्थ पर कुछ लोग बैठे हुए थे, जिन्होंने कथित तौर पर खुद को रेलवे कर्मचारी बताया.

Advertisement

यात्रियों ने अपनी सीट खाली कराने की कोशिश की, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली. शिकायत के मुताबिक, ट्रेन में उन्हें मदद भी नहीं मिली और आखिरकार उन्हें खड़े होकर सफर करना पड़ा. इस मामले में आयोग ने रेलवे को सेवा में कमी का दोषी माना और टिकट का पैसा ब्याज सहित लौटाने के साथ 20 हजार रुपये मुआवजा और 15 हजार रुपये मुकदमे का खर्च देने का आदेश दिया.

भीड़ की वजह से नहीं मिल पाई सीट: जब भी त्योहारों का वक्त होता है, उस वक्त ऐसे केस आ जाते हैं. दरअसल,भीड़ इतनी ज्यादा होती है कि कई बार कंफर्म टिकट वाले यात्री अपनी सीट तक भी नहीं पहुंच पाते. इस वजह से उन्हें सीट नहीं मिल पाती. जुलाई 2026 में सामने आए एक अन्य मामले में केरल के पलक्कड़ जिला उपभोक्ता आयोग ने कन्याकुमारी-पुणे एक्सप्रेस में आरक्षित कोच की भीड़ और कंफर्म सीटों तक यात्रियों की पहुंच बाधित होने के मामले में रेलवे को सेवा में कमी के लिए जिम्मेदार ठहराया. आयोग ने 50 हजार रुपये मुआवजे और 25 हजार रुपये मुकदमे के खर्च का आदेश दिया.

ट्रेन का एक कोच हटा दिया जाए: कई बार ऐसा होता है कि टेक्निकल कारणों की वजह से रेल के किसी कोच को हटाना पड़ता है. इस स्थिति में भी कंफर्म सीट होने के बाद भी सीट नहीं मिलती. ऐसी स्थिति में रेलवे को उस कोच के यात्रियों के लिए दूसरी व्यवस्था करनी होती है. अगर पर्याप्त जगह नहीं मिलती, तो यात्रियों को परेशानी हो सकती है. साल 2012 में एक केस आया था, जब आरएसी टिकट को वेटिंग में कंवर्ट कर दिया गया था, फिर कोर्ट की ओर से मुआवजा दिया गया था. 

Advertisement

बता दें कि ऐसी स्थितियां काफी कम ही देखने को मिलती है. आमतौर पर रेलवे की ओर से कंफर्म टिकट वाले यात्रियों को सीट उपलब्ध करवाई जाती है. अगर कभी रेलवे की गलती से ऐसा हो जाए तो आप शिकायत कर सकते हैं. सबसे पहले अपना टिकट, कोच नंबर और बर्थ नंबर दिखाकर टीटीई से शिकायत करें. रेलवे के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर 139 या रेलमदद के जरिए शिकायत दर्ज करा सकते हैं. अगर सीट नहीं मिलती है तो आपको अपने किराए का रिफंड मिल सकता है.
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »