बुर्ज अल अरब समंदर में खड़ा है, फिर सरिया को जंग क्यों नहीं लगती? जान लीजिए असली इंजीनियरिंग राज

समुद्र की नमकीन हवा और पानी स्टील के लिए बेहद खतरनाक माने जाते हैं, फिर भी समुद्र किनारे बनी गगनचुंबी इमारतों की सरिया सालों तक सुरक्षित रहती है. इसके पीछे मोटा कंक्रीट कवर, खास मिक्स और जंग-रोधी तकनीकों का पूरा इंजीनियरिंग सिस्टम काम करता है.

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समुद्र का नमक सरिया का सबसे बड़ा दुश्मन (Photo: Pexel) समुद्र का नमक सरिया का सबसे बड़ा दुश्मन (Photo: Pexel)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 2:46 PM IST

समुद्र किनारे खड़ी गगनचुंबी इमारतों को देखकर क्या कभी आपके मन में यह सवाल आया है कि इनके अंदर दबी हजारों टन सरिया का क्या होता होगा? चारों तरफ नमकीन हवा, नमी और सीधा समुद्री पानी का असर- फिर भी ये इमारतें दशकों तक कैसे खड़ी रहती हैं?

दुबई का बुर्ज अल अरब तो सीधे समुद्र में बने एक कृत्रिम द्वीप पर खड़ा है, फिर भी इसकी सरिया को जंग से बचाने के पीछे एक पूरा साइंस काम करता है.

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समुद्र का नमक सरिया का सबसे बड़ा दुश्मन क्यों?

अमेरिकी फेडरल हाईवे एडमिनिस्ट्रेशन (FHWA) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, समुद्री या नमक वाले वातावरण में क्षरण की वजह हमेशा क्लोराइड आयन का नमी और ऑक्सीजन के साथ मेल होता है. FHWA की एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में सिर्फ पुलों को जंग से होने वाला सीधा सालाना नुकसान ही करीब 6 से 10 अरब डॉलर के बीच है.

तो कैसे बचती है सरिया?

इंजीनियर इसके लिए कई लेयर की सुरक्षा अपनाते हैं: सरिया के चारों ओर मोटी कंक्रीट परत (कंक्रीट कवर), जो नमक के लिए एक सुरक्षा ढाल का काम करती है.कम पारगम्यता वाला कंक्रीट, ताकि पानी और क्लोराइड अंदर तक न पहुंच पाएं.एपॉक्सी-कोटेड रीबार जैसी खास तकनीकें- FHWA के मुताबिक फिलहाल अमेरिका में करीब एक लाख स्ट्रक्चर्स में इस तरह के रीबार का इस्तेमाल हो चुका है.

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बुर्ज अल अरब के मामले में तो यह चुनौती और बड़ी थी, क्योंकि यह होटल सीधे समुद्र में बने एक कृत्रिम द्वीप पर खड़ा है. वॉटरप्रूफिंग कंपनी Fosroc के एक केस स्टडी के अनुसार, बुर्ज अल अरब के लिए ऐसे एडमिक्सचर चुने गए जो पानी के रिसाव और पारगम्यता, दोनों को कंट्रोल कर सकें.

वहीं रीबार बनाने वाली कंपनी Mateenbar के मुताबिक, होटल की सी-वॉल के हिस्से में जंग-रोधी फाइबरग्लास रीइन्फोर्समेंट का इस्तेमाल किया गया, ताकि कम से कम 50 साल की सर्विस लाइफ पक्की की जा सके. नेशनल सीमेंट की वेबसाइट के मुताबिक, कंपनी ने खुद इस प्रोजेक्ट के लिए प्रीमियम मरीन-ग्रेड सीमेंट सप्लाई किया था.

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एक दरार भी बन सकती है बड़ा खतरा

अगर कंक्रीट में एक भी दरार आ जाए, तो समुद्री पानी और क्लोराइड के लिए अंदर पहुंचने का रास्ता आसान हो जाता है. इससे जंग शुरू होती है, और जंग से बनने वाला पदार्थ असली स्टील से ज्यादा जगह घेरता है- जिससे कंक्रीट पर दबाव पड़ता है और वह टूटकर गिरने लगता है, जिसे इंजीनियरिंग में 'स्पॉलिंग' कहा जाता है.

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असली राज क्या है?

समुद्र किनारे की इमारतों की सरिया को जंग लगती ही नहीं, ऐसा नहीं है. राज यह है कि कंक्रीट कवर, कम पारगम्यता वाला मिक्स, खास रीबार और वॉटरप्रूफिंग एडमिक्सचर जैसी कई परतें मिलकर नमक और नमी को सरिया तक पहुंचने में सालों-साल की देरी कर देती हैं. यही वजह है कि बुर्ज अल अरब जैसी इमारतें समंदर के बीचोंबीच खड़ी होकर भी दशकों तक मजबूत बनी रहती हैं.

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