घर बनाने के लिए आमूमन लोहे के सरिये का इस्तेमाल किया जाता है. चाहे छत की ढलाई करनी हो या पिलर और प्लिंथ बनाना हो. हर काम में स्टील के टीएमटी बार का इस्तेमाल होता है. लोहे का सरिया बाजार में 54 से 66 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से आसानी से मिल जाता है. इन दिनों लोहे के अलावा भी अलग- अलग मटेरियल का सरिया बाजार में मिलने लगा है. इनमें ही BFRP, CFRP और AFRP बार शामिल हैं. चलिए जानते हैं ये क्या होते हैं और इनकी कीमत क्या है?
BFRP रीबार, इसका पूरा नाम ब्लैस्टिक फाइबर रीइंफोर्स्ड पॉलीमर होता है. यह सरिया ज्वालामुखी की प्राकृतिक बेसाल्ट चट्टानों और पॉलीमर रेजिन जैसे विनाइल एस्टर या एपॉक्सी से मिलकर बनता है.
इसे बनाने के लिए प्राकृतिक बेसाल्ट चट्टान को छोटे टुकड़ों में पीसकर लगभग 1400 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान पर पिघलाया जाता है. पिघले हुए बेसाल्ट को छोटे- छोटे महीन छेद से निकालकर लंबे और मजबूत बेसाल्ट फाइबर बनाए जाते हैं. इन बेसाल्ट फाइबर धागों को पॉलीमर रेजिन के साथ मिलाकर एक सांचे से खींचा जाता है और गर्म करके रिबार का आकार दिया जाता है.
BFRP रीबार की खासियत
यह पानी या नमी के संपर्क में आने पर भी कभी नहीं सड़ती और इसमें जंग भी नहीं लगता है. इसका इस्तेमाल बंदरगाह, समुद्री दीवारें और पुलों के डेक बनाने में किया जाता है. यानी जहां नमक और नमी के कारण स्टील जल्दी सड़ जाता है. इस मटेरियल से बने छड़ टिके रहते हैं. इनकी कीमत 140 से 300 रुपये प्रति किलोग्राम होती है.
CFRP सरिया क्या होता है?
दूसरा CFRP सरिया होता है. इसे कार्बन फाइबर रीइंफोर्स्ड पॉलिमर कहा जाता है. यह कार्बन फाइबर और एक पॉलिमर रेज़िन से मिलकर बनता है. यह एक प्रकार का कंपोजिट मटेरियल है. कार्बन फाइबर को अत्यधिक मजबूती, कठोरता और हाई टेंसाइल स्ट्रेंथ देता है. वहीं पॉलिमर रेज़िन यानी एपॉक्सी रॉल कार्बन फाइबर को आपस में मजबूती से बांधकर रखता है. इससे बाहरी दबाव व झटकों से उनकी रक्षा होती है.
इस तरह के रीबार का इस्तेमाल घर निर्माण, पुल बनाने, रोड बनाने, स्लैब, बीम और कॉलम को मजबूती देने के लिए किया जाता है. CFRP की औसत कीमत 1,000 से लेकर 2,500 प्रति किलोग्राम तक होती है.
AFRP छड़ क्या हैं?
AFRP यानी एरामिड फाइबर-रीइन्फोर्स्ड पॉलीमर मुख्य रूप से एरामिड फाइबर और पॉलीमर मैट्रिक्स जैसे मटेरियल से मिलकर बना होता है. एरामिड फाइबर जैसे केवला से बनता है. इसी मटेरियल से बुलेटप्रूफ जैकेट भी बनती है. इसमें गजब की इम्पैक्ट रेजिस्टेंस यानी झटका झेलने की क्षमता होती है.
एरामिड फाइबर एक प्रकार का काफी मजबूत और हीट रेजिस्टेंस सिंथेटिक फाइबर होता है. वहीं पॉलीमर मैट्रिक्स या रेजिन एक प्रकार का प्लास्टिक रेजिन होता है जो एरामिड फाइबर को आपस में मजबूती से बांधकर रखता है. इसके लिए आमतौर पर एपॉक्सी, पॉलिएस्टर या विनाइल एस्टर जैसे रेजिन का उपयोग किया जाता है.
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इस छड़ का इस्तेमाल पानी के टैंक, स्विमिंग पूल, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और ड्रेनेज चैनल के निर्माण में होता है. इसके अलावा समुद्री किनारे के निर्माण, पोर्ट, जेटी, डैम और तटीय क्षेत्रों के स्ट्रक्चर, जहां नमक और पानी से जंग लगने का खतरा सबसे ज्यादा होता है. वहां इसका इस्तेमाल किया जाता है.
जमीन के अंदर की नमी और सल्फेट से बचाव के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है. साथ ही संवेदनशील मेडिकल या लैब रूम के निर्माण में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है. खासकर अस्पताल के एमआरआई रूम या लैब्स जहां नॉन-मैग्नेटिक मटेरियल की जरूरत होती है. इसकी कीमत 120 से 300 प्रति किलोग्राम या लगभग 50 से 160 प्रति मीटर होती है.
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