बारिश के मौसम में घरों में लगे लड़की के खिड़की- दरवाजे जाम होने लगते हैं. ऐसा मौसम की वजह से लकड़ी के फूल जाने पर होता है. क्योंकि, अक्सर नमी की वजह से लकड़ी से बने दरवाजे और खिड़कियों के पल्ले फूल जाते हैं. फिर इसे बंद करने और खोलने में परेशानी होने लगती है. क्योंकि, ये अटकने लगते हैं.
मॉनसून में ये समस्या आम है. हर घर में ऐसी समस्या होती है. ऐसे में दरवाजों में लगे प्लाई फूले नहीं, बारिश के मौसम का उन पर असर न हो. हमें किस लकड़ी से घरों के दरवाजे और खिड़की बनवाना चाहिए. चलिए जानते हैं कौन-कौन सी लकड़ी बारिश के मौसम में भी नहीं फूलती है और इससे बने दरवाजे और फर्नीचर पर मॉनसून का असर भी बेअसर सा हो जाता है.
बारिश में नमी की वजह से लकड़ी का फूल जाना एक आम समस्या है. भविष्य में ऐसी परेशानी न हो, इससे बचने के लिए सबसे अच्छा उपाय है कि हम दरवाजे और खिड़की बनवाने में महोगनी की लकड़ी का इस्तेमाल करें. क्योंकि, महोगनी अपनी मजबूती, खूबसूरती के साथ- साथ पानी में न सड़ने की खास खूबी के कारण पूरी दुनिया में बहुत प्रसिद्ध है.
तापमान या नमी जैसे मौसम बदलने पर भी यह लकड़ी जल्दी मुड़ती, सिकुड़ती और फूलती नहीं है. महोगनी की लकड़ी पर पानी, धूप या बारिश का असर नहीं पड़ता है. यह जल्दी सड़ती नहीं है.यह दीमक और कीटों से भी सुरक्षित रहती है.
महोगनी अन्य भारी और कठोर लकड़ियों की तुलना में यह हल्की होती है, लेकिन मजबूती में इसका कोई मुकाबला नहीं है. यह पानी के अंदर भी सालो-साल खराब नहीं होती. इसी वजह से इसका इस्तेमाल नावों और जहाजों के निर्माण में भी किया जाता है. इसकी डुरेबिलिटी बहुत अच्छी होती है.
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महोगनी के अलावा टीक यानी सागवान की लकड़ी भी गेट के फ्रेम और दरवाजों के लिए सही होती है. ठोस लकड़ी के लिए सागवान सबसे अच्छी लकड़ी है. यह नमी, सड़न और दीमक से बची रहती है. लेकिन, सागवान की लकड़ी काफी महंगी होती है. नमी से नहीं फूलने वाली लकड़ी में मेरबाऊ और देवदार भी शामिल हैं. ये लकड़ियां भी पानी और बारिश के मौसम में मजबूत रहती हैं.
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