बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट और मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव की मतगणना जारी है. शुरुआती रुझानों के अनुसार, बांकीपुर सीट पर जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी प्रशांत किशोर लीड बनाए हुए हैं. वहीं, दतिया सीट पर मुख्य मुकाबला बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी और कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह के बीच चल रहा है और कांग्रेस उम्मीदवार अभी आगे हैं. ऐसे में सवाल है कि उपचुनाव में जीतने वाले उम्मीदवार कितने वक्त तक विधायक रहते हैं, क्या उन्हें 5 साल कुर्सी मिलती है या फिर विधानसभा के कार्यकाल तक ही वे विधायक रहते हैं?
कब करवाए जाते हैं उपचुनाव?
विधायकों के कार्यकाल के बारे में जानने से पहले आपको बताते हैं कि आखिर उपचुनाव होते क्यों हैं? उपचुनाव तब कराए जाते हैं जब किसी विधानसभा क्षेत्र की सीट कार्यकाल खत्म होने से पहले खाली हो जाती है. यानी उस क्षेत्र का प्रतिनिधि किसी कारण से विधायक नहीं रह जाता. जैसे अगर किसी विधायक की मृत्यु हो जाती है, तो वो सीट खाली हो जाती है.
या फिर कोई विधायक लोकसभा या राज्यसभा का चुनाव जीत जाए या मंत्री बनने के लिए दूसरी सीट चुने, या निजी कारणों से इस्तीफा दे दे. विधायक दल-बदल कानून के तहत अयोग्य ठहराया जाए, चुनाव रद्द हो जाए, या किसी कानूनी कारण से उसकी सदस्यता समाप्त हो जाए तो भी उप चुनाव करवाया जाता है.
लेकिन, अगर उस विधानसभा का शेष कार्यकाल एक साल या उससे अधिक बचा हो तो ही चुनाव होता है. अगर कार्यकाल एक साल से कम बचा हो, तो उपचुनाव न कराने का निर्णय लिया जा सकता है. सीट खाली होने की तारीख से 6 महीने के भीतर उपचुनाव कराया जाना चाहिए.
जैसे बांकीपुर सीट इसलिए खाली हुई क्योंकि यहां के विधायक नितिन नवीन बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद राज्यसभा के सदस्य बन गए. इसके बाद उन्होंने विधानसभा की सदस्यता छोड़ दी, जिससे सीट रिक्त हो गई और उपचुनाव कराना पड़ा. वहीं, दतिया सीट इसलिए खाली हुई क्योंकि यहां के कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता अयोग्यता के कारण समाप्त हो गई. इसके बाद सीट खाली घोषित हुई और उपचुनाव कराया गया.
यह भी पढ़ें: Bankipur Upchunav 2026 Result LIVE: बांकीपुर में हो गया खेला, छठे राउंड के बाद 3451 वोटों से आगे हुए प्रशांत किशोर
कितने दिन तक विधायक रहते हैं नेताजी?
उपचुनाव में जीतने वाला विधायक पूरा 5 साल का नया कार्यकाल नहीं पाता. वह सिर्फ मौजूदा विधानसभा का बचा हुआ कार्यकाल पूरा करता है. मान लीजिए किसी राज्य की विधानसभा का कार्यकाल 2024 से 2029 तक है. 2027 में किसी विधायक के इस्तीफे या निधन से सीट खाली हो जाती है. उस सीट पर उपचुनाव होता है और नया उम्मीदवार जीत जाता है. ऐसी स्थिति में नया विधायक 2027 से केवल 2029 तक, यानी विधानसभा का बचा हुआ कार्यकाल ही विधायक रहेगा. 2029 में जब पूरी विधानसभा का आम चुनाव होगा, तब उसे फिर से चुनाव लड़ना होगा.
यह भी पढ़ें: Datia Upchunav 2026 Result LIVE: दतिया में बड़ा उलटफेर, चार राउंड की गिनती के बाद कांग्रेस आगे
इस तरह से बांकीपुर उपचुनाव में जीतने वाले विधायक 2030 में होने वाले अगले विधानसभा चुनाव तक ही विधायक रहेंगे. इसके अलावा मध्य प्रदेश विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 2023–2028 का है, ऐसे में दतिया उपचुनाव में जीतने वाला विधायक 2028 में होने वाले अगले विधानसभा चुनाव तक ही विधायक रहेगा.
aajtak.in