मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजे आज (3 अगस्त 2026) को सामने आने वाले हैं. दतिया में 30 जुलाई को हुए उपचुनाव में भारी उत्साह देखा गया था और कुल 71.44 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था.
जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल वानखेड़े ने बताया कि सोमवार सुबह 8 बजे से सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती शुरू होगी. इसके बाद ईवीएम (EVM) में दर्ज वोटों को गिना जाएगा.
दतिया में मुख्य मुकाबला बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी और कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह के बीच माना जा रहा है. आजाद समाज पार्टी के दामोदर सिंह यादव समेत कुल 21 उम्मीदवार मैदान में हैं.
दतिया में क्यों कराने पड़े उपचुनाव?
बता दें कि 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने नरोत्तम मिश्रा को हराया था. हालांकि, अप्रैल 2026 में दिल्ली की एक अदालत ने धोखाधड़ी के एक मामले में राजेंद्र भारती को तीन साल की सजा सुनाई, जिसके चलते उनकी सदस्यता खत्म हो गई और यहां उपचुनाव कराना पड़ा.
राजनीतिक विश्लेषक और लेखक रशीद किदवई के मुताबिक, दतिया का चुनाव बीजेपी और कांग्रेस दोनों के लिए साख का सवाल बन चुका है. इस चुनाव के नतीजे पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के भविष्य से भी जुड़े हैं, जिन्हें इस बार पार्टी ने टिकट नहीं दिया. किदवई का मानना है कि अगर बीजेपी हारती है, तो नरोत्तम मिश्रा की भूमिका और उनके राजनीतिक भविष्य की समीक्षा हो सकती है.
इसके अलावा, ये चुनाव मध्य प्रदेश बीजेपी के नए अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की पहली चुनावी परीक्षा भी है.
'जेन जी' आंदोलन का असर
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति कमलाकर सिंह ने कहा कि दतिया का फैसला सिर्फ स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं रहेगा. हालिया 'जेन जी' आंदोलन और राम मंदिर दान से जुड़े विवादों का असर भी पड़ा है. उन्होंने कहा कि बीजेपी की जीत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य सरकार की नीतियों का समर्थन माना जाएगा, जबकि कांग्रेस की जीत से उसके कैडर का मनोबल बढ़ेगा.
किदवई ने ये भी कहा कि कांग्रेस के लिए भी ये सीट बेहद अहम है क्योंकि वो 2023 के चुनाव में जीती गई इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखना चाहती है. अगर कांग्रेस जीतती है, तो वो इसे युवाओं के गुस्से का परिणाम और राजनीतिक माहौल बदलने का संकेत बताएगी.
दतिया उपचुनाव के संभावित नतीजों को लेकर राजनीतिक विश्लेषक किदवई ने कहा, 'अगर नतीजा बीजेपी के पक्ष में नहीं जाता है, तो इसका राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक राजनीतिक असर देखने को मिल सकता है.' उन्होंने बताया कि इसी दिन गुजरात की मांजलपुर और बिहार की बांकीपुर सीट के नतीजे भी आ रहे हैं.