अमेरिका में नौकरी करने का सपना भारत समेत दुनिया के कई देशों के युवाओं का होता है. इसकी एक बड़ी वजह वहां मिलने वाली सैलरी भी है. अमेरिका में कई ऐसे प्रोफेशन हैं, जिनमें अच्छी-खासी कमाई होती है. इनमें डॉक्टर और डेंटिस्ट का नाम सबसे ज्यादा कमाई वाले प्रोफेशन में लिया जाता है. खास बात यह है कि किसी डॉक्टर की कमाई सिर्फ उसकी डिग्री पर निर्भर नहीं करती. उसकी स्पेशलाइजेशन,एक्सपीरियंस , काम करने की जगह और प्राइवेट प्रैक्टिस जैसे कई फैक्टर कमाई पर असर डालते हैं.
डॉक्टर और डेंटिस्ट की कमाई इतनी ज्यादा क्यों?
सारिका इन अमेरिका नाम से इंस्टाग्राम अकाउंट से एक महिला ने वीडियो शेयर कर बताया कि अमेरिका में मेडिकल प्रोफेशन को काफी अच्छी कमाई वाला क्षेत्र माना जाता है. खासकर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमाई काफी ज्यादा हो सकती है. कुछ अनुभवी फिजिशियन और स्पेशलिस्ट सालाना 5 लाख डॉलर या उससे ज्यादा भी कमा सकते हैं. भारतीय रुपये में देखें तो 5 लाख डॉलर करीब 4 से 5 करोड़ रुपये के आसपास बैठ सकती है. वहीं 6 लाख डॉलर करीब 5 करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकते हैं. लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि अमेरिका में हर डॉक्टर हर साल इतने करोड़ रुपये कमाता है. इतनी ज्यादा कमाई कुछ खास स्पेशलाइजेशन, अनुभव और काम की परिस्थितियों में देखने को मिलती है.
डेंटिस्ट के पास कौन सी डिग्री होती है?
अमेरिका में डेंटिस्ट बनने के लिए आमतौर पर DDS(Doctor of Dental Surgery) या DMD( Doctor of Dental Medicine) जैसी डिग्री होती है. डेंटिस्ट की कमाई भी कई चीजों पर निर्भर करती है. अगर कोई डेंटिस्ट किसी खास क्षेत्र में स्पेशलाइजेशन करता है या अपनी प्राइवेट डेंटल प्रैक्टिस चलाता है, तो उसकी कमाई सामान्य नौकरी करने वाले डेंटिस्ट से अलग हो सकती है. प्राइवेट प्रैक्टिस में कमाई का संबंध मरीजों की संख्या, सेवाओं, जगह और बिजनेस के खर्च जैसे कई पहलुओं से भी होता है.
अनुभव बढ़ने के साथ बढ़ सकती है कमाई
मेडिकल फील्ड में अनुभव का भी काफी महत्व है. शुरुआत में किसी डॉक्टर की कमाई और कई साल का अनुभव लेने के बाद मिलने वाली कमाई में अंतर हो सकता है. इसके अलावा डॉक्टर किस शहर या राज्य में काम कर रहा है, वहां मेडिकल सर्विस की मांग कितनी है और उसकी स्पेशलाइजेशन क्या है, इन चीजों का भी असर पड़ता है. इसलिए अमेरिका में डॉक्टर की सैलरी की बात करते समय सिर्फ एक आंकड़ा देखकर यह मान लेना सही नहीं होगा कि सभी डॉक्टर उतना ही पैसा कमाते हैं.
भारत से अमेरिका जाने वालों के लिए क्या है रास्ता?
अगर कोई भारतीय डॉक्टर या डेंटिस्ट अमेरिका में जाकर काम करना चाहता है, तो सिर्फ भारत की मेडिकल या डेंटल डिग्री होना पर्याप्त नहीं है. वहां प्रैक्टिस करने के लिए संबंधित प्रोफेशन के नियमों को पूरा करना पड़ता है. लाइसेंसिंग, जरूरी परीक्षाएं, शैक्षणिक योग्यता और राज्य के नियम जैसे कई चरण इसमें शामिल हो सकते हैं. डॉक्टर और डेंटिस्ट के लिए प्रक्रिया अलग-अलग हो सकती है.
इसी तरह अमेरिका में नर्सिंग भी एक बड़ा प्रोफेशन है. रजिस्टर्ड नर्स यानी आरएन और नर्स प्रैक्टिशनर यानी एमपी की कमाई, पढ़ाई, लाइसेंस और भारत से अमेरिका जाने की प्रक्रिया भी अलग होती है. यानी अगर आपका सपना अमेरिका में मेडिकल फील्ड में काम करने का है, तो सिर्फ सैलरी जानना काफी नहीं है. आपको वहां की पढ़ाई, लाइसेंस और नौकरी के नियमों को भी समझना होगा. अमेरिका में डॉक्टर और डेंटिस्ट की कमाई निश्चित तौर पर काफी आकर्षक हो सकती है, लेकिन यह हर व्यक्ति के लिए एक जैसी नहीं होती. स्पेशलाइजेशन, अनुभव, लोकेशन और प्राइवेट प्रैक्टिस जैसे फैक्टर कमाई में बड़ा अंतर हो सकता है.
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