नैनीताल की विश्व प्रसिद्ध मॉल रोड खुलवाने के लिए धरने पर बैठे पुनीत टंडन, समर्थ में उतरा पूरा शहर

नैनीताल की लाइफलाइन कही जाने वाली लोअर मॉल रोड करीब एक साल से बंद होने के खिलाफ आंदोलन तेज हो गया है. मां नैना देवी नैनीताल व्यापार मंडल के अध्यक्ष पुनीत टंडन स्वतंत्रता दिवस से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं. उनका कहना है कि प्रशासन और सरकार की ओर से कई बार आश्वासन और समय-सीमा दी गई, लेकिन सड़क की स्थिति नहीं सुधरी.

Advertisement
मां नैना देवी नैनीताल व्यापार मंडल के अध्यक्ष पुनीत टंडन. (Photo: Lila Singh Bisht/ITG) मां नैना देवी नैनीताल व्यापार मंडल के अध्यक्ष पुनीत टंडन. (Photo: Lila Singh Bisht/ITG)

लीला सिंह बिष्ट

  • नैनीताल,
  • 17 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:16 AM IST

विश्व प्रसिद्ध नैनीताल की लाइफलाइन कही जाने वाली लोअर मॉल रोड को करीब एक साल से बंद रखे जाने के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई शुरू हो गई है. स्वतंत्रता दिवस के दिन मां नैना देवी नैनीताल व्यापार मंडल के अध्यक्ष पुनीत टंडन अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं. उनका साफ कहना है कि अब आश्वासन नहीं, सड़क चाहिए.

टंडन के आंदोलन को अब शहर में व्यापक समर्थन भी मिलने लगा है. नैनीताल के व्यापारी, स्थानीय नागरिक और नगरपालिका सभासद लगातार धरना स्थल पर पहुंचकर उन्हें अपना समर्थन दे रहे हैं. भारी बारिश के बीच भी लोग धरना स्थल पर पहुंच रहे हैं और टंडन की मुहिम में कंधे से कंधा मिलाकर साथ देने का भरोसा जता रहे हैं.

Advertisement
नैनीताल की विश्व प्रसिद्ध मॉल रोड. (Photo: Lila Singh Bisht/ITG)

मांगे पूरी नहीं होने तक जारी रहेगा धरना: पुनीत टंडन
धरना स्थल अब महज एक विरोध का स्थान नहीं, बल्कि "नैनीताल बचाओ" मुहिम का केंद्र बनता दिखाई दे रहा है. लोगों का कहना है कि करीब एक साल से बंद पड़ी लोअर मॉल रोड ने व्यापार, पर्यटन और स्थानीय जीवन को प्रभावित किया है और अब सिर्फ आश्वासनों से काम नहीं चलेगा. पुनीत टंडन ने कहा कि सरकार, प्रशासन और PWD की ओर से कई बार समय-सीमाएं दी गईं, लेकिन एक के बाद एक डेडलाइन गुजरती गई और सड़क आज भी अपनी बदहाली पर खड़ी है.

उनका दावा है कि वह चार बार प्रशासन के आश्वासन पर अपना आंदोलन स्थगित कर चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें निराशा मिली. उन्होंने तीखे अंदाज में सवाल किया कि अब मैं किसके आश्वासन पर भरोसा करूं? प्रशासन का, सरकार का, PWD का, मुख्यमंत्री का, कुमाऊं कमिश्नर का या जिलाधिकारी का?

Advertisement

टंडन ने साफ कर दिया कि इस बार वह किसी नई तारीख या मौखिक आश्वासन के आधार पर धरना समाप्त नहीं करेंगे. जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई जमीन पर दिखाई नहीं देती, अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि एक साल में सड़क का एक छोटा-सा पैच तक ठीक नहीं हो पाया, जबकि दरारें लगातार बढ़ रही हैं. यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो इसका असर आगे अपर मॉल रोड तक पहुंच सकता है.

धरने को पूरा शहर दे रहा समर्थन. (Photo: Lila Singh Bisht/ITG)

उनके मुताबिक यह लड़ाई केवल एक सड़क को खोलने की नहीं, बल्कि नैनीताल के व्यापार, पर्यटन, पर्यावरण और भविष्य को बचाने की लड़ाई है. स्वतंत्रता दिवस के दिन धरना शुरू करने को लेकर टंडन ने कहा कि देश आजादी का जश्न मना रहा है, लेकिन नैनीताल आज भी अपनी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहा है. उन्होंने कहा कि जिस शहर की पहचान उसकी प्राकृतिक खूबसूरती और विरासत से है, उसे विकास के नाम पर नुकसान नहीं पहुंचने दिया जाएगा.

नैनीताल में सड़क के मुद्दे ने लिया आंदोलन का रूप
इधर, सभासद जितेंद्र पांडेय के नेतृत्व में नगरपालिका नैनीताल के सभासदों के धरना स्थल पर पहुंचकर समर्थन देने से आंदोलन को राजनीतिक और सामाजिक समर्थन भी मिल रहा है. सभासदों के साथ, अनेक राजनीतिक संगठन, सामाजिक संगठन, व्यापारी और स्थानीय नागरिक भी टंडन के पास पहुंचकर कह रहे हैं कि नैनीताल को बचाने की इस मुहिम में वह अकेले नहीं हैं.

Advertisement

पुनीत टंडन ने भी साफ शब्दों में कहा "मैं नैनीताल के प्रति हार का मुंह नहीं देखना चाहता. हमें जीत हासिल करनी है." अब देखना होगा कि एक साल से बंद लोअर मॉल रोड को लेकर शुरू हुआ यह अनिश्चितकालीन धरना सरकार और प्रशासन को कब तक कार्रवाई के लिए मजबूर करता है. फिलहाल नैनीताल में सड़क का मुद्दा एक आंदोलन का रूप ले चुका है और धरना स्थल पर लगातार पहुंच रहा जनसमर्थन इस आंदोलन को नई ताकत दे रहा है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »