नैनीताल के रामनगर में कोसी नदी किनारे सरकारी वन भूमि पर बसे अतिक्रमण के खिलाफ वन विभाग और जिला प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाया. शुक्रवार तड़के भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर और जेसीबी के साथ पहुंची प्रशासनिक टीम ने अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर वन विभाग की जमीन को कब्जा मुक्त कराया. इस कार्रवाई में 86 पक्के मकानों को गिराया गया.
जानकारी के मुताबिक रामनगर की पूछड़ी बस्ती में वन विभाग की करीब 14 हेक्टेयर बेशकीमती जमीन पर लंबे समय से अतिक्रमण था. आरोप है कि भू माफिया ताहिर मुल्ला ने उत्तर प्रदेश से आए लोगों को वन भूमि बेचकर यहां बस्ती बसाई थी. इस बस्ती को तत्कालीन कांग्रेस शासन के दौरान राजनीतिक संरक्षण मिलने के भी आरोप लगाए गए हैं.
वन विभाग ने इस मामले में संबंधित भू माफिया के खिलाफ अपने विभाग और पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया हुआ है. प्रशासन की कार्रवाई के मद्देनजर गुरुवार शाम को ही पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों तथा कर्मचारियों को अभियान की ब्रीफिंग दी गई थी. इसके साथ ही जिला प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने से पहले सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर ली थीं और मुनादी कराकर लोगों को इसकी जानकारी दी गई थी.
भारी फोर्स की मौजूदगी में चला बुलडोजर
शुक्रवार सुबह भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच अभियान शुरू हुआ. प्रशासनिक कार्रवाई की तैयारी और भारी फोर्स की मौजूदगी को देखते हुए कई लोगों ने खुद ही अपने मकान तोड़ने शुरू कर दिए. इसके बाद वन विभाग ने बुलडोजर की मदद से शेष अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर जमीन पर अपना कब्जा वापस स्थापित किया.
एसएसपी ने बताया कि वन विभाग के अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान पूछड़ी बस्ती में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. वहीं, आरोपी भू माफिया ताहिर मुल्ला की तलाश की जा रही है. प्रशासन की इस कार्रवाई को सरकारी वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की दिशा में बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है.
लीला सिंह बिष्ट