उत्तराखंड के जोशीमठ में एक बार फिर बद्रीनाथ-हेमकुंड यात्रा मार्ग पर लंबा जाम लग गया है. पेट्रोल पंप से जीरोबैंड और मारवाड़ी की ओर कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं. पिछले तीन घंटे से अधिक समय से जाम लगा होने के कारण हजारों श्रद्धालु, स्थानीय लोग, स्कूली बच्चे और कांवड़िए रास्ते में फंसे हुए हैं. जाम के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई है. लोग घंटों से रास्ता खुलने का इंतजार कर रहे हैं. सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को हो रही है. बड़ी संख्या में कांवड़िए भी इस जाम में फंसे हुए हैं.
बताया जा रहा है कि पेट्रोल पंप से मारवाड़ी तक सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है. इसी कारण इस हिस्से में वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है. सड़क पर जगह-जगह निर्माण सामग्री पड़ी होने से गाड़ियों को निकलने में काफी दिक्कत आ रही है. कई स्थानों पर सड़क संकरी हो गई है, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं. स्थिति यह है कि सड़क पर इतनी भीड़ है कि वाहन बमुश्किल आगे बढ़ पा रहे हैं. कुछ गाड़ियां निकलती हैं तो थोड़ी देर बाद फिर जाम लग जाता है. इससे यातायात सामान्य नहीं हो पा रहा है और लोगों को लगातार इंतजार करना पड़ रहा है.
तीन घंटे से जाम में फंसे श्रद्धालु
जाम की सूचना मिलने के बाद जोशीमठ पुलिस भी मौके पर पहुंच गई है. पुलिसकर्मी यातायात को सुचारु कराने का प्रयास कर रहे हैं. हालांकि सड़क पर निर्माण कार्य और लगातार बढ़ रहे वाहनों के दबाव के कारण स्थिति सामान्य होने में समय लग रहा है. जानकारी के अनुसार कहीं वाहन मिट्टी में फंस रहे हैं तो कहीं ट्रक रास्ते में अटक जा रहे हैं. इसके चलते यातायात बार-बार बाधित हो रहा है. एक वाहन के फंसने से पीछे खड़ी गाड़ियों की लंबी कतार लग जाती है और फिर जाम और बढ़ जाता है.
सड़क चौड़ीकरण बना जाम की वजह
जीरोबैंड से मारवाड़ी तक का पूरा इलाका इस समय यातायात दबाव से जूझ रहा है. हजारों वाहन सड़क पर फंसे हुए हैं और यात्री लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं. पुलिस लगातार वाहनों को निकालने का प्रयास कर रही है, लेकिन जाम पूरी तरह समाप्त नहीं हो सका है. फिलहाल बद्रीनाथ-हेमकुंड यात्रा मार्ग पर हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं. सड़क चौड़ीकरण के चलते प्रभावित यातायात और लगातार बढ़ती भीड़ के कारण श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों, स्कूली बच्चों और कांवड़ियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
कमल नयन सिलोड़ी